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सड़कों को गड्ढा मुक्त किया या फर्जी आंकड़ेबाजी की, कराई जाएगी जांच पड़ताल
Updated Tue, 20 Jun 2017 02:23 AM IST
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शासन के आदेश पर जनपद स्तरीय अधिकारियों को सौंपा जाएगा सत्यापन कार्य
अमरोहा।
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया या फर्जी आंकड़ेबाजी की गई, इसकी जांच पड़ताल की जाएगी। जनपद स्तरीय अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा। प्रत्येक सड़क का निरीक्षण कर अधिकारी अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ को उपलब्ध कराएंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने सड़कों के सत्यापन के लिए अधिकारियों के चयन की कार्रवाई शुरू करा दी है। गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा मिलने पर संबंधित अधिकारी व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई सरकार द्वारा की जाएगी।
प्रदेश की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के आदेश जारी किए थे, जिस पर तेजी से काम अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके बाद भी तमाम सड़कें गड्ढा मुक्त होने के लिए रह गईं। यहां बता दें कि लोक निर्माण विभाग व नगर पालिका व नगर पंचायतों द्वारा सड़कों के गड्ढा मुक्त होने की रिपोर्ट जो शासन को भेजी गई है, वह वाकई चौंकाने वाली है। तकरीबन 436 में से 415 किलो मीटर सड़कों को अधिकारियों ने गड्ढा मुक्त करने का दावा किया है। 21 किलो मीटर अभी बाकी है।
अधिकारी सच बोल रहे हैं या फिर कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। ठेकेदारों ने साइट पर काम किया है या अधिकारियों को फर्जी सूचना देकर सांठगांठ से धनराशि हड़प ली है। सच्चाई क्या है, इसकी पड़ताल कराने का शासन ने फैसला लिया है। विभाग के नहीं बल्कि जनपद स्तरीय अधिकारियों से प्रत्येक सड़क की जांच कराने के आदेश अफसरों को दिए गए हैं। शासनादेश मिलते ही अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया चालू कर दी है। जल्द ही उनको सड़कों की जांच का टारगेट सौंप दिया जाएगा।
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- जनपद में जितनी भी सड़कें गड्ढा मुक्त कराई गई हैं, उनका सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों से कराया जाएगा। जल्द ही उनको जिम्मेदारियां सौंप दी जाएंगी। जांच के बाद हरेक अधिकारी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो उससे शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन के आदेश पर ही संबंधितों पर कार्रवाई होगी।
मदन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
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अमरोहा।
जिले की सड़कों को गड्ढा मुक्त किया गया या फर्जी आंकड़ेबाजी की गई, इसकी जांच पड़ताल की जाएगी। जनपद स्तरीय अधिकारियों को जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा। प्रत्येक सड़क का निरीक्षण कर अधिकारी अपनी जांच रिपोर्ट सीडीओ को उपलब्ध कराएंगे। मुख्य विकास अधिकारी ने सड़कों के सत्यापन के लिए अधिकारियों के चयन की कार्रवाई शुरू करा दी है। गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा मिलने पर संबंधित अधिकारी व ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई सरकार द्वारा की जाएगी।
प्रदेश की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून तक सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के आदेश जारी किए थे, जिस पर तेजी से काम अधिकारियों द्वारा किया गया। इसके बाद भी तमाम सड़कें गड्ढा मुक्त होने के लिए रह गईं। यहां बता दें कि लोक निर्माण विभाग व नगर पालिका व नगर पंचायतों द्वारा सड़कों के गड्ढा मुक्त होने की रिपोर्ट जो शासन को भेजी गई है, वह वाकई चौंकाने वाली है। तकरीबन 436 में से 415 किलो मीटर सड़कों को अधिकारियों ने गड्ढा मुक्त करने का दावा किया है। 21 किलो मीटर अभी बाकी है।
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अधिकारी सच बोल रहे हैं या फिर कागजी घोड़े दौड़ा रहे हैं। ठेकेदारों ने साइट पर काम किया है या अधिकारियों को फर्जी सूचना देकर सांठगांठ से धनराशि हड़प ली है। सच्चाई क्या है, इसकी पड़ताल कराने का शासन ने फैसला लिया है। विभाग के नहीं बल्कि जनपद स्तरीय अधिकारियों से प्रत्येक सड़क की जांच कराने के आदेश अफसरों को दिए गए हैं। शासनादेश मिलते ही अधिकारियों के चयन की प्रक्रिया चालू कर दी है। जल्द ही उनको सड़कों की जांच का टारगेट सौंप दिया जाएगा।
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- जनपद में जितनी भी सड़कें गड्ढा मुक्त कराई गई हैं, उनका सत्यापन जिला स्तरीय अधिकारियों से कराया जाएगा। जल्द ही उनको जिम्मेदारियां सौंप दी जाएंगी। जांच के बाद हरेक अधिकारी अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। यदि कहीं गड़बड़ी पाई जाती है तो उससे शासन को अवगत कराया जाएगा। शासन के आदेश पर ही संबंधितों पर कार्रवाई होगी।
मदन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।