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दूसरों की जिंदगी सुरक्षित रखने का जज्बा रखते हैं एसडीएम हसनपुर
Updated Fri, 07 Jul 2017 01:43 AM IST
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हेलमेट देकर दूसरों को बता रहे उनकी जिंदगी की कीमत
एसडीएम हसनपुर अपनी ओर से बांट रहे निशुल्क हेलमेट, अब तक 500 छात्र-छात्राओं की लगवा चुके हैं नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
आपके लिए बेशक आपकी जिंदगी कीमती न हो, लेकिन एक शख्स है जो अपने प्रयासों से दूसरों को उनकी जिंदगी की कीमत समझा जा रहा है। एसडीएम हसनपुर आए दिन सड़क पर लोगों को हेलमेट बांटकर उन्हें सड़क सुरक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब तक करीब 500 छात्र-छात्राओं की अपने प्रयासों से नौकरी लगवा चुके एसडीएम हसनपुर दूसरों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।
राज्य और केेंद्र की सेवाओं में जाने वाले लोग साक्षात्कार के दौरान जरूर समाजसेवा के लिए इस क्षेत्र में आने की इच्छा जाहिर करते हैं। लेकिन एसडीएम हसनपुर गंभीर सिंह इस इच्छा को लेेकर कुछ ज्यादा ही गंभीर हैं। पड़ोसी जनपद बिजनौर के नगीना तहसील के छोटे से गांव सहसपुर गांव में साधारण परिवार में जन्मे गंभीर सिंह हसनपुर में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। सुबह उठ कर लोगों की भलाई के काम तलाश करना एसडीएम हसनपुर की दिनचर्या का हिस्सा है। खोज करते हैं कि आस पड़ोस में कोई जरूरतमंद तो नहीं है। उनको सबसे अधिक शौक दूसरों की जिंदगी बचाने का है। वह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन सवारों को रोक कर कहते हैं कि जिंदगी अनमोल है। बिना हेलमेट के बाइक न चलाएं। क्योंकि इसके बिना हादसे में जान जा सकती है। परिवार की खुशियां काफूर होने के साथ ही बच्चे और पत्नी अनाथ हो सकते हैं। उपजिलाधिकारी गंभीर सिंह का कहना है कि शिक्षा नीति समान किए बगैर देश तरक्की नहीं कर सकता। उनकी मदद से मुरादाबाद मंडल में अब तक 500 छात्र-छात्राओं की जॉब लग चुकी है।
कैसे मिली प्रेरणा
हसनपुर के उप जिलाधिकारी गंभीर सिंह का कहना है कि दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले भारत में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में रोजाना हजारों जिंदगी खप रही हैं। इन हादसों में रोजाना हजारों जिंदगियां खपती देख उनका दिल कांप उठता था। कई बार अपनी नौकरी के दौरान ऐसे हादसे देखे जहां केवल हेलमेट न होने की वजह से व्यक्ति की जान चली गई। यहीं से उन्हें प्रेरणा मिली कि उन्हें हेलमेट बांटनी चाहिए।
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निशुल्क देते हैं हेलमेट
एसडीएम हसनपुर गंभीर सिंह ने बताया कि वह दो पहिया वाहन सवारों को नि:शुल्क हेलमेट देते हैं। बाइक सवार से कहते हैं कि बगैर हेलमेट के बाइक न चलाएं। घर पर आपके बच्चे और परिवार इंतजार कर रहा है। एसडीएम ने बताया कि अब तक दर्जनों हेलमेट वितरण किए जा चुके हैं। जल्द ही वह 100 हेलमेट का वितरण करेंगे। एसडीएम का कहना है कि वह रोजाना प्रमुख मार्गों पर जाकर बाइक सवार लोगों से हेलमेट लगाने की अपील करते हैं। जिससे लोगों की जिंदगी सुरक्षित रह सके।
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एसडीएम हसनपुर अपनी ओर से बांट रहे निशुल्क हेलमेट, अब तक 500 छात्र-छात्राओं की लगवा चुके हैं नौकरी
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
आपके लिए बेशक आपकी जिंदगी कीमती न हो, लेकिन एक शख्स है जो अपने प्रयासों से दूसरों को उनकी जिंदगी की कीमत समझा जा रहा है। एसडीएम हसनपुर आए दिन सड़क पर लोगों को हेलमेट बांटकर उन्हें सड़क सुरक्षा के लिए प्रेरित कर रहे हैं। अब तक करीब 500 छात्र-छात्राओं की अपने प्रयासों से नौकरी लगवा चुके एसडीएम हसनपुर दूसरों के लिए प्रेरणा बनकर उभरे हैं।
राज्य और केेंद्र की सेवाओं में जाने वाले लोग साक्षात्कार के दौरान जरूर समाजसेवा के लिए इस क्षेत्र में आने की इच्छा जाहिर करते हैं। लेकिन एसडीएम हसनपुर गंभीर सिंह इस इच्छा को लेेकर कुछ ज्यादा ही गंभीर हैं। पड़ोसी जनपद बिजनौर के नगीना तहसील के छोटे से गांव सहसपुर गांव में साधारण परिवार में जन्मे गंभीर सिंह हसनपुर में उपजिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। सुबह उठ कर लोगों की भलाई के काम तलाश करना एसडीएम हसनपुर की दिनचर्या का हिस्सा है। खोज करते हैं कि आस पड़ोस में कोई जरूरतमंद तो नहीं है। उनको सबसे अधिक शौक दूसरों की जिंदगी बचाने का है। वह बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन सवारों को रोक कर कहते हैं कि जिंदगी अनमोल है। बिना हेलमेट के बाइक न चलाएं। क्योंकि इसके बिना हादसे में जान जा सकती है। परिवार की खुशियां काफूर होने के साथ ही बच्चे और पत्नी अनाथ हो सकते हैं। उपजिलाधिकारी गंभीर सिंह का कहना है कि शिक्षा नीति समान किए बगैर देश तरक्की नहीं कर सकता। उनकी मदद से मुरादाबाद मंडल में अब तक 500 छात्र-छात्राओं की जॉब लग चुकी है।
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कैसे मिली प्रेरणा
हसनपुर के उप जिलाधिकारी गंभीर सिंह का कहना है कि दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले भारत में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं। सड़क दुर्घटनाओं में रोजाना हजारों जिंदगी खप रही हैं। इन हादसों में रोजाना हजारों जिंदगियां खपती देख उनका दिल कांप उठता था। कई बार अपनी नौकरी के दौरान ऐसे हादसे देखे जहां केवल हेलमेट न होने की वजह से व्यक्ति की जान चली गई। यहीं से उन्हें प्रेरणा मिली कि उन्हें हेलमेट बांटनी चाहिए।
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निशुल्क देते हैं हेलमेट
एसडीएम हसनपुर गंभीर सिंह ने बताया कि वह दो पहिया वाहन सवारों को नि:शुल्क हेलमेट देते हैं। बाइक सवार से कहते हैं कि बगैर हेलमेट के बाइक न चलाएं। घर पर आपके बच्चे और परिवार इंतजार कर रहा है। एसडीएम ने बताया कि अब तक दर्जनों हेलमेट वितरण किए जा चुके हैं। जल्द ही वह 100 हेलमेट का वितरण करेंगे। एसडीएम का कहना है कि वह रोजाना प्रमुख मार्गों पर जाकर बाइक सवार लोगों से हेलमेट लगाने की अपील करते हैं। जिससे लोगों की जिंदगी सुरक्षित रह सके।