{"_id":"5c4f5535bdec22736202135e","slug":"191548703029-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन ने बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर शिक्षकों के अवकाश पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन ने बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर शिक्षकों के अवकाश पर लगाई रोक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोर्ड परीक्षा : शिक्षकों के अवकाश पर लगी रोक
बिजनौर। शासन यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इस बारे में शासन से रोजाना निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भेजे जा रहे हैं। अब शासन ने आदेश जारी किया है कि परीक्षा ड्यूटी में कक्ष निरीक्षक के पास डीआईओएस की ओर से जारी परिचय पत्र नहीं मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई होगी। शिक्षकों की हर तरह की छुट्टी पर भी रोक लगा दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने प्रधानाचार्यों को परिषद के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
डीआईओएस के अनुसार सात फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा में जो विद्यालय परीक्षा केंद्र हैं उनके 50 प्रतिशत शिक्षक ही उस केंद्र पर रहेंगे। बाकी शिक्षकों की दूसरे केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगेगी। प्रधानाचार्य किसी भी शिक्षक का चिकित्सा, उपार्जित या कोई अन्य अवकाश मंजूर नहीं करेंगे। चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराने के लिए शिक्षक को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होना होगा। बोर्ड का गठन सीएमओ करेंगे। बोर्ड के निर्देश हैं कि जिन विद्यालयों की बालिका दूसरे स्कूल में परीक्षा दे रही हैं वहां के प्रधानाचार्य अपने स्कूल की दो शिक्षिकाएं उस केंद्र पर बतौर कक्ष निरीक्षक भेजेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक ड्यूटी लगने का काम शुरू हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार करीब 6500 माध्यमिक और बेसिक शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक बनाया गया है। कक्ष निरीक्षकों के आई कार्ड बनने का काम शुरू हो गया है। तहसील वार कार्ड बन रहे हैं। बेसिक शिक्षकों के परिचय पत्र बीएसए कार्यालय से जारी होंगे।
विज्ञापन
बिजनौर। शासन यूपी बोर्ड की परीक्षा नकलविहीन कराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इस बारे में शासन से रोजाना निर्देश जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय भेजे जा रहे हैं। अब शासन ने आदेश जारी किया है कि परीक्षा ड्यूटी में कक्ष निरीक्षक के पास डीआईओएस की ओर से जारी परिचय पत्र नहीं मिलने पर मौके पर ही कार्रवाई होगी। शिक्षकों की हर तरह की छुट्टी पर भी रोक लगा दी गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार ने प्रधानाचार्यों को परिषद के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
डीआईओएस के अनुसार सात फरवरी से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा में जो विद्यालय परीक्षा केंद्र हैं उनके 50 प्रतिशत शिक्षक ही उस केंद्र पर रहेंगे। बाकी शिक्षकों की दूसरे केंद्रों पर कक्ष निरीक्षक के रूप में ड्यूटी लगेगी। प्रधानाचार्य किसी भी शिक्षक का चिकित्सा, उपार्जित या कोई अन्य अवकाश मंजूर नहीं करेंगे। चिकित्सा अवकाश स्वीकृत कराने के लिए शिक्षक को मेडिकल बोर्ड के सामने उपस्थित होना होगा। बोर्ड का गठन सीएमओ करेंगे। बोर्ड के निर्देश हैं कि जिन विद्यालयों की बालिका दूसरे स्कूल में परीक्षा दे रही हैं वहां के प्रधानाचार्य अपने स्कूल की दो शिक्षिकाएं उस केंद्र पर बतौर कक्ष निरीक्षक भेजेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से शिक्षकों की कक्ष निरीक्षक ड्यूटी लगने का काम शुरू हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजेश कुमार के अनुसार करीब 6500 माध्यमिक और बेसिक शिक्षकों को बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षक बनाया गया है। कक्ष निरीक्षकों के आई कार्ड बनने का काम शुरू हो गया है। तहसील वार कार्ड बन रहे हैं। बेसिक शिक्षकों के परिचय पत्र बीएसए कार्यालय से जारी होंगे।
विज्ञापन