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अब तक 50 हजार किसान कर चुके सट्टों का अवलोकन, आज होगा मेला खत्म
Updated Sat, 29 Sep 2018 12:41 AM IST
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पचास हजार किसानों के सट्टों का अवलोकन
धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से चार दिवसीय आयोजित सट्टा प्रदर्शन मेले के तीसरे दिन करीब चार हजार किसानों के सट्टों का अवलोकन किया गया। अब तक 58 हजार किसान सदस्यों में से 50 हजार किसान तीन दिन के भीतर अपने गन्ना सट्टों का अवलोकन कर चुके है। 280 किसानों की ओर से दर्ज आपत्तियों में से दो सौ का अधिकारियों ने मौके पर निदान करा दिया।
गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार ने बताया कि 29 सितंबर को मेले का अंतिम दिन है। इसलिए जो किसान नए गन्ना सट्टा बनवाना चाहते है तो ऐसे किसान दो फोटो, जमीन का हिस्सा फाड़, फर्द, आधार नंबर व बैंक की पासबुक 29 सितंबर को मेले में उपलब्ध करा दें। सत्यापन कराने के बाद ऐसे किसानों के सट्टों को चालू करा दिया जाएगा। इसके बाद सरकार का कोई आदेश नहीं है कि वह उनका सट्टा चलवा सकें। सचिव ने वारिशान किसानों को सुझाव दिया कि वह भी मृतक का प्रमाण पत्र, जमीन की फर्द, फोटो, आधार व बैंक की पासबुक के साथ समिति में आवेदन कर दें। नहीं तो ऐसे किसानों का बाद में वारिसान के रूप में सट्टा नहीं चल सकेगा। सचिव ने बताया कि समिति में कुल 58 हजार सदस्य है। अब तक करीब पचास हजार सट्टों का अवलोकन हो चुका है। 280 में से केवल 80 ऐसे मामले है जिनकी जांच कराई जा रही है।
एससीडीआई अमित कुमार पांडेय का कहना है कि उनकी मंशा है कि किसी किसान का सट्टा चलने से न रह जाए। इसलिए वह बार बार आग्रह कर रहे हैं कि जिन किसानों ने अब तक स्वयं घोषणा पत्र, आधार नंबर, बैंक की पासबुक, फर्द और फोटो उपलब्ध नहीं कराए हैं। वे 29 सितंबर को गन्ना समिति में अपने सुपरवाइजर के पास जमा कर दें। जिससे गन्ने का सीजन शुरू होने पर विभाग और किसान दोनों में से किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। उधर, किसानों ने दोनों अधिकारियों से क्षेत्र की सभी चीनी मिलों को 15 अक्तूबर तक हर हाल में चालू कराने की मांग की है। किसानों ने यह भी कहा कि मिल की प्रगति को देेखने से नहीं लग रहा कि चीनी मिल अधिकारियों के आदेश पर 15 अक्तूबर तक चल पाएंगी। अभी तो किसी भी मिल ने क्षेत्र में गन्ना क्रय सेंटरों को लगाने का भी काम शुरू नहीं किया है। किसानों ने हरहाल में 15 से चीनी मिलों को चालू कराने की मांग की है।
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धामपुर। गन्ना विभाग की ओर से चार दिवसीय आयोजित सट्टा प्रदर्शन मेले के तीसरे दिन करीब चार हजार किसानों के सट्टों का अवलोकन किया गया। अब तक 58 हजार किसान सदस्यों में से 50 हजार किसान तीन दिन के भीतर अपने गन्ना सट्टों का अवलोकन कर चुके है। 280 किसानों की ओर से दर्ज आपत्तियों में से दो सौ का अधिकारियों ने मौके पर निदान करा दिया।
गन्ना समिति के विशेष सचिव मनोज कुमार ने बताया कि 29 सितंबर को मेले का अंतिम दिन है। इसलिए जो किसान नए गन्ना सट्टा बनवाना चाहते है तो ऐसे किसान दो फोटो, जमीन का हिस्सा फाड़, फर्द, आधार नंबर व बैंक की पासबुक 29 सितंबर को मेले में उपलब्ध करा दें। सत्यापन कराने के बाद ऐसे किसानों के सट्टों को चालू करा दिया जाएगा। इसके बाद सरकार का कोई आदेश नहीं है कि वह उनका सट्टा चलवा सकें। सचिव ने वारिशान किसानों को सुझाव दिया कि वह भी मृतक का प्रमाण पत्र, जमीन की फर्द, फोटो, आधार व बैंक की पासबुक के साथ समिति में आवेदन कर दें। नहीं तो ऐसे किसानों का बाद में वारिसान के रूप में सट्टा नहीं चल सकेगा। सचिव ने बताया कि समिति में कुल 58 हजार सदस्य है। अब तक करीब पचास हजार सट्टों का अवलोकन हो चुका है। 280 में से केवल 80 ऐसे मामले है जिनकी जांच कराई जा रही है।
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एससीडीआई अमित कुमार पांडेय का कहना है कि उनकी मंशा है कि किसी किसान का सट्टा चलने से न रह जाए। इसलिए वह बार बार आग्रह कर रहे हैं कि जिन किसानों ने अब तक स्वयं घोषणा पत्र, आधार नंबर, बैंक की पासबुक, फर्द और फोटो उपलब्ध नहीं कराए हैं। वे 29 सितंबर को गन्ना समिति में अपने सुपरवाइजर के पास जमा कर दें। जिससे गन्ने का सीजन शुरू होने पर विभाग और किसान दोनों में से किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े। उधर, किसानों ने दोनों अधिकारियों से क्षेत्र की सभी चीनी मिलों को 15 अक्तूबर तक हर हाल में चालू कराने की मांग की है। किसानों ने यह भी कहा कि मिल की प्रगति को देेखने से नहीं लग रहा कि चीनी मिल अधिकारियों के आदेश पर 15 अक्तूबर तक चल पाएंगी। अभी तो किसी भी मिल ने क्षेत्र में गन्ना क्रय सेंटरों को लगाने का भी काम शुरू नहीं किया है। किसानों ने हरहाल में 15 से चीनी मिलों को चालू कराने की मांग की है।
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