{"_id":"5b883ec642c792463f794ff9","slug":"191535655622-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किशन सिंह ने दान किए एक लाख रुपये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किशन सिंह ने दान किए एक लाख रुपये
Updated Fri, 31 Aug 2018 12:30 AM IST
विज्ञापन
किशन सिंह ने दान किए एक लाख रुपये
बिजनौर। समाज के लिए किए जा रहे अच्छे काम सभी को प्रभावित करते हैं। नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वाले किशन सिंह भी ऐसे प्रभावित होने वाले लोगों में से एक हैं। उन्होंने कैंप में आपरेशन कराया और संस्था के काम से इतना प्रभावित हुए कि संस्था को एक लाख रुपये का दान दिया। किशन सिंह जैसे लोगों की कहानी समाज में एक मिसाल की तरह है।
निर्मल आश्रम आई इंस्टीट्यूट ऋषिकेश की ओर से कुछ महीने पहले बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित अग्रवाल भवन में विकास अग्रवाल सर्राफ के सहयोग से नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया गया था। मोहल्ला जाटान निवासी साधारण परिवार के किसान किशन सिंह भी इस कैंप में भाग लेने के लिए गए थे। उनकी आंखों में मोतियाबिंद पाया गया। किशन सिंह को अन्य मरीजों के साथ एक दिन संस्थान सदस्य बस में बैठाकर ऋषिकेश ले गए और वहां उनका आपरेशन कराया। इसके बाद बस से बिजनौर छोड़ दिया गया। दवाइयां, चश्मा आदि भी मुफ्त में दिया गया। किशन सिंह संस्थान द्वारा की जा रही इस समाजसेवा से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने इस बारे में विकास अग्रवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि वे नेत्रदान अभियान भी चला रहे हैं। मरने के बाद दान की गई आंखें दो जिंदगी रोशन कर सकती हैं। किशन सिंह ने नेत्रदान फार्म भी भरा। संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्य से किशन सिंह इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने संस्था को एक लाख रुपये देने की बात कही। उन्होंने इस निर्णय के बारे में जब अपने चारों बेटों को बताया तो वे भी तैयार हो गए। जून में किशन सिंह ने संस्थान के सदस्यों को 50 हजार रुपये दिए। बाकी 50 हजार रुपये गन्ने का भुगतान मिलने पर देने की बात कही। अगस्त में उन्होंने बाकी 50 हजार रुपये भी संस्थान को दे दिए। विकास अग्रवाल का कहना है कि किशन सिंह ने दिखा दिया है कि अच्छे काम सभी को अच्छा करने के लिए प्रेरित करते हैं। किशन सिंह के इस निर्णय पर परिजनों राजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, अजीत सिंह, सरोज देवी, सीमा देवी, अक्षय, आशु, विमल, छोटू, जय आदि बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन
बिजनौर। समाज के लिए किए जा रहे अच्छे काम सभी को प्रभावित करते हैं। नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर में मोतियाबिंद का आपरेशन कराने वाले किशन सिंह भी ऐसे प्रभावित होने वाले लोगों में से एक हैं। उन्होंने कैंप में आपरेशन कराया और संस्था के काम से इतना प्रभावित हुए कि संस्था को एक लाख रुपये का दान दिया। किशन सिंह जैसे लोगों की कहानी समाज में एक मिसाल की तरह है।
निर्मल आश्रम आई इंस्टीट्यूट ऋषिकेश की ओर से कुछ महीने पहले बिजनौर में नूरपुर रोड स्थित अग्रवाल भवन में विकास अग्रवाल सर्राफ के सहयोग से नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर लगाया गया था। मोहल्ला जाटान निवासी साधारण परिवार के किसान किशन सिंह भी इस कैंप में भाग लेने के लिए गए थे। उनकी आंखों में मोतियाबिंद पाया गया। किशन सिंह को अन्य मरीजों के साथ एक दिन संस्थान सदस्य बस में बैठाकर ऋषिकेश ले गए और वहां उनका आपरेशन कराया। इसके बाद बस से बिजनौर छोड़ दिया गया। दवाइयां, चश्मा आदि भी मुफ्त में दिया गया। किशन सिंह संस्थान द्वारा की जा रही इस समाजसेवा से बहुत प्रभावित हुए। उन्होंने इस बारे में विकास अग्रवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि वे नेत्रदान अभियान भी चला रहे हैं। मरने के बाद दान की गई आंखें दो जिंदगी रोशन कर सकती हैं। किशन सिंह ने नेत्रदान फार्म भी भरा। संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्य से किशन सिंह इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने संस्था को एक लाख रुपये देने की बात कही। उन्होंने इस निर्णय के बारे में जब अपने चारों बेटों को बताया तो वे भी तैयार हो गए। जून में किशन सिंह ने संस्थान के सदस्यों को 50 हजार रुपये दिए। बाकी 50 हजार रुपये गन्ने का भुगतान मिलने पर देने की बात कही। अगस्त में उन्होंने बाकी 50 हजार रुपये भी संस्थान को दे दिए। विकास अग्रवाल का कहना है कि किशन सिंह ने दिखा दिया है कि अच्छे काम सभी को अच्छा करने के लिए प्रेरित करते हैं। किशन सिंह के इस निर्णय पर परिजनों राजेंद्र सिंह, नरेंद्र सिंह, सुरजीत सिंह, अजीत सिंह, सरोज देवी, सीमा देवी, अक्षय, आशु, विमल, छोटू, जय आदि बहुत गर्व महसूस कर रहे हैं।
विज्ञापन