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बिजली कटौती से गर्मी में उबले शहरवासी, लखनऊ कंट्रोल ने कराई रोस्टिंग
Updated Sat, 16 Sep 2017 02:19 AM IST
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लखनऊ कंट्रोल से रोस्टिंग, जिले में आफत
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
बिजली आपूर्ति सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है। मुरादाबाद तो कभी लखनऊ कंट्रोल से इमरजेंसी रोस्टिंग कराई जा रही है। आज दोपहर दो घंटे की कटौती की गई, लेकिन सप्लाई बहाली में चार घंटे लग गए। चार घंटे आपूर्ति ठप रहने से लोग गर्मी में उबल गए। माथे से पसीना टपकने लगा। हर किसी का हाल बेहाल दिखा। आपूर्ति सुचारू होने पर शहरवासियों के चेहरे खिले। उनकी जुबां पर बिना बिजली बीते समय की चर्चा रही। अफसरों को कोसने के सिवाय उनके पास कुछ नहीं रहा।
चाहें मुख्यमंत्री का आदेश हो या फिर पावर कारपोरेशन चेयरमैन का। बिजली अफसरों की हरकत के सामने सभी बौने साबित हो रहे हैं। 24 घंटे की बजाय शहर को 18 घंटे की सप्लाई मिल रही है। ग्रामीणों को 18 की बजाय 12 घंटे निर्बाध आपूर्ति हो रही है। इस वक्त में भी ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है जो कोढ़ में खाज का काम करती है। शुक्रवार की दोपहर हद हो गई। लखनऊ कंट्रोल ने एक से तीन बजे तक इमरजेंसी बताकर रोस्टिंग करा दी। इससे शहरवासी बेचैन हो गए। जैसे तैसे उन्होंने भीषण गर्मी के दो घंटे गुजारे और फिर आपूर्ति बहाली का इंतजार किया। धीरे-धीरे तीन घंटे बीत गए। बाद में चौथा घंटा भी पूरा हो गया। सप्लाई नहीं मिलने की वजह से नागरिकों के चेहरे की रंगत उड़ने लगी। हर कोई परेशान नजर आया। शाम पांच बजे बिजली आपूर्ति चालू होने के बाद ही शहरियों की बेचैैनी दूर हुई, लेकिन उनकी जुबां पर अधिकारियों के प्रति गुस्सा रहा।
स्थानीय स्तर पर बिल्कुल कटौती नहीं होती है। लखनऊ कंट्रोल ने आज फिर दो घंटे की रोस्टिंग कराई। उसके निर्देश पर ही सप्लाई को बहाल किया गया।
सुरेश कुमार वर्मा, अवर अभियंता टाउन चार फीडर।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
बिजली आपूर्ति सुधरने की बजाय बिगड़ती जा रही है। मुरादाबाद तो कभी लखनऊ कंट्रोल से इमरजेंसी रोस्टिंग कराई जा रही है। आज दोपहर दो घंटे की कटौती की गई, लेकिन सप्लाई बहाली में चार घंटे लग गए। चार घंटे आपूर्ति ठप रहने से लोग गर्मी में उबल गए। माथे से पसीना टपकने लगा। हर किसी का हाल बेहाल दिखा। आपूर्ति सुचारू होने पर शहरवासियों के चेहरे खिले। उनकी जुबां पर बिना बिजली बीते समय की चर्चा रही। अफसरों को कोसने के सिवाय उनके पास कुछ नहीं रहा।
चाहें मुख्यमंत्री का आदेश हो या फिर पावर कारपोरेशन चेयरमैन का। बिजली अफसरों की हरकत के सामने सभी बौने साबित हो रहे हैं। 24 घंटे की बजाय शहर को 18 घंटे की सप्लाई मिल रही है। ग्रामीणों को 18 की बजाय 12 घंटे निर्बाध आपूर्ति हो रही है। इस वक्त में भी ट्रिपिंग की समस्या बनी रहती है जो कोढ़ में खाज का काम करती है। शुक्रवार की दोपहर हद हो गई। लखनऊ कंट्रोल ने एक से तीन बजे तक इमरजेंसी बताकर रोस्टिंग करा दी। इससे शहरवासी बेचैन हो गए। जैसे तैसे उन्होंने भीषण गर्मी के दो घंटे गुजारे और फिर आपूर्ति बहाली का इंतजार किया। धीरे-धीरे तीन घंटे बीत गए। बाद में चौथा घंटा भी पूरा हो गया। सप्लाई नहीं मिलने की वजह से नागरिकों के चेहरे की रंगत उड़ने लगी। हर कोई परेशान नजर आया। शाम पांच बजे बिजली आपूर्ति चालू होने के बाद ही शहरियों की बेचैैनी दूर हुई, लेकिन उनकी जुबां पर अधिकारियों के प्रति गुस्सा रहा।
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स्थानीय स्तर पर बिल्कुल कटौती नहीं होती है। लखनऊ कंट्रोल ने आज फिर दो घंटे की रोस्टिंग कराई। उसके निर्देश पर ही सप्लाई को बहाल किया गया।
सुरेश कुमार वर्मा, अवर अभियंता टाउन चार फीडर।