{"_id":"5b9ff772867a557e876d8ec7","slug":"181537210226-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमले में भाई व भतीजों को सात-सात साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा हमले में भाई व भतीजों को सात-सात साल की सजा
Updated Tue, 18 Sep 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हमले के आरोपियों को सात-सात साल की सजा
बिजनौर। पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओपी वर्मा ने सुरेश पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी भाई और दो भतीजों को सात-सात वर्ष के कारावास, 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि में से आधी राशि घायल सुरेश कुमार को बतौर प्रतिकर दी जाए।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना धामपुर के गांव मधी के रहने वाले सुरेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सिंहविहार कॉलोनी धामपुर में रहता है। वह बैंक में नौकरी करता था। रिटायर्ड होने से पहले उसकी खेती की देखभाल उसका भाई ब्रिजेश, उसके लड़के करते थे। इसके बाद वह स्वयं खेती करने लगा। इस कारण उसका भाई ब्रिजेश और उसके बच्चे उससे रंजिश रखने लगे। इन लोगों ने उसकी पत्नी व मां के साथ वारदात की जिसकी शिकायत उन्होंने सीओ धामपुर से की थी। 25 जून 2014 को उसकी खेती की देखभाल करने वाले दिलदार ने उसे सूचना दी कि ब्रिजेश, उसके पुत्र ललित, नितिन उसे ईख खोदने से रोक रहे हैं।
सूचना पर सुरेश अपनी पत्नी के साथ सुबह सात बजे खेत पर पहुंचा और अपने भाई ब्रिजेश को समझाना चाहा। ब्रिजेश, ललित, नितिन ने उसे घेर लिया। ब्रिजेश ने अपने बेटों से उसे जान से मारने को कहा। ब्रिजेश ने तमंचे से उस पर फायर किया जिससे वह बच गया। ललित ने फावड़े व नितिन ने लाठी से उस पर जानलेवा हमला किया। अदालत ने ब्रिजेश और उसके पुत्रों ललित, नितिन को जानलेवा हमले, मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। पंचम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ओपी वर्मा ने सुरेश पर जानलेवा हमले के मामले में आरोपी भाई और दो भतीजों को सात-सात वर्ष के कारावास, 11-11 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि में से आधी राशि घायल सुरेश कुमार को बतौर प्रतिकर दी जाए।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार थाना धामपुर के गांव मधी के रहने वाले सुरेश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह सिंहविहार कॉलोनी धामपुर में रहता है। वह बैंक में नौकरी करता था। रिटायर्ड होने से पहले उसकी खेती की देखभाल उसका भाई ब्रिजेश, उसके लड़के करते थे। इसके बाद वह स्वयं खेती करने लगा। इस कारण उसका भाई ब्रिजेश और उसके बच्चे उससे रंजिश रखने लगे। इन लोगों ने उसकी पत्नी व मां के साथ वारदात की जिसकी शिकायत उन्होंने सीओ धामपुर से की थी। 25 जून 2014 को उसकी खेती की देखभाल करने वाले दिलदार ने उसे सूचना दी कि ब्रिजेश, उसके पुत्र ललित, नितिन उसे ईख खोदने से रोक रहे हैं।
विज्ञापन
सूचना पर सुरेश अपनी पत्नी के साथ सुबह सात बजे खेत पर पहुंचा और अपने भाई ब्रिजेश को समझाना चाहा। ब्रिजेश, ललित, नितिन ने उसे घेर लिया। ब्रिजेश ने अपने बेटों से उसे जान से मारने को कहा। ब्रिजेश ने तमंचे से उस पर फायर किया जिससे वह बच गया। ललित ने फावड़े व नितिन ने लाठी से उस पर जानलेवा हमला किया। अदालत ने ब्रिजेश और उसके पुत्रों ललित, नितिन को जानलेवा हमले, मारपीट और गंभीर चोट पहुंचाने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
विज्ञापन