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दुल्हैंडी से शुरू होता है देवताओं का नववर्ष:बाबा फुलसंदे वाले
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‘दुल्हैंडी से शुरू होता है देवताओं का नववर्ष’
बिजनौर। बाबा फुलसंदे वालों ने आश्रम में अनुयाईयों से कहा कि दुल्हैंडी के दिन से देवताओं यानि भारत वर्ष का नववर्ष आरंभ होता है। कहा कि होली के दिन हवन करना चाहिए।
बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि वेद मंत्रों से स्वयं यज्ञ करके परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए। परमात्मा उनसे नाराज होता है जो मांस और मदिरा का सेवन करते हैं। उनके कार्य सिद्ध नहीं होते हैं। एक-दूसरे का अपमान नहीं सहायता करनी चाहिए। केमिकल युक्त नहीं हर्बल रंग लगाने चाहिए। कहा कि भारत राष्ट्र का हर दिन शुभ हो। राष्ट्र का ऐसा राजा हो जो देश के गरीब से गरीब व्यक्ति के चरणों को धोकर उनका ख्याल रखे। हमारे राष्ट्र के नेता उच्च चरित्र वाले हों जो राष्ट्र की रक्षा कर सकें। हमारे देश में गद्दार नेताओं का जन्म न हो। कहा कि स्वार्थी, लालची व भ्रष्ट लोगों को राजा नहीं चुनना चाहिए।
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बिजनौर। बाबा फुलसंदे वालों ने आश्रम में अनुयाईयों से कहा कि दुल्हैंडी के दिन से देवताओं यानि भारत वर्ष का नववर्ष आरंभ होता है। कहा कि होली के दिन हवन करना चाहिए।
बाबा फुलसंदे वालों ने कहा कि वेद मंत्रों से स्वयं यज्ञ करके परमेश्वर से प्रार्थना करनी चाहिए। परमात्मा उनसे नाराज होता है जो मांस और मदिरा का सेवन करते हैं। उनके कार्य सिद्ध नहीं होते हैं। एक-दूसरे का अपमान नहीं सहायता करनी चाहिए। केमिकल युक्त नहीं हर्बल रंग लगाने चाहिए। कहा कि भारत राष्ट्र का हर दिन शुभ हो। राष्ट्र का ऐसा राजा हो जो देश के गरीब से गरीब व्यक्ति के चरणों को धोकर उनका ख्याल रखे। हमारे राष्ट्र के नेता उच्च चरित्र वाले हों जो राष्ट्र की रक्षा कर सकें। हमारे देश में गद्दार नेताओं का जन्म न हो। कहा कि स्वार्थी, लालची व भ्रष्ट लोगों को राजा नहीं चुनना चाहिए।
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