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स्वास्थ्य विभाग के पास काटे गए टीडीएस का चालान नहीं
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:47 AM IST
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अमरोहा। स्वास्थ्य विभाग में दो करोड़ से अधिक के टीडीएस के फर्जीबाड़े का मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के बीच आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे हैं। सीएमओ ने सीए और अकाउंटेट पर गड़बड़ी करने का आरोप लगाया था। वहीं, कर्मचारी भी अधिकारियों पर गड़बड़ झाले का आरोप लगा रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों से काटे गए टीडीएस का चालान तक नहीं हैं। इस लिए आयकर विभाग को टीडीएम का लेखा-जोखा दिए जाना संभव नहीं लग रहा है। जिसे लेकर विभागीय अधिकारियों को फंसने का डर सता रहा है।
बता दें कि पिछले आठ वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी का दो करोड़ से अधिक के टीडीएस की डिमांड पेंडिंग पड़ी हुई है। आयकर विभाग ने कई बाद नोटिस भेजे लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते सोमवार को दोपहर आयकर अधिकारी टीडीएस मुरादाबाद रमेश चंद वर्मा, आयकर निरीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह और अविनाश कुमार सहित तीन सदस्य टीम ने सीएमओ दफ्तर पर छाप मारा था।
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टीम ने अकाउंटेंट से स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन, गाड़ियों का किराया और भवन निर्माण पर कटने वाले टडीएस की जानकारी की। इनसे संबंधित अभिलेख खंगाले। टीम ने दवाओं के क्रय-विक्रय बिल भी तलब किए थे। करीब तीन घंटे तक चली अभिलेखों की जांच में कई खामियां मिलीं थी।
स्वास्थ्य कर्मी टीडीएस जमा करने दाबा करते रहे। लेकिन, चालान नहीं दिखा सके। आयकर विभाग ने पंद्रह दिन के भीतर अभिलेखों के साथ मुरादाबाद तलब किया है। टीडीएस के गड़बड़ी में स्वास्थ्य अधिकारी- कर्मचारियों की गर्दन फंसती दिख रही है।
खास बात यह है कि मंगलवार को सीएमओ डा. रमेश चंद्र शर्मा ने सीए और अकाउंटेंट पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा दिया था। इसके बाद विभागीय सूत्रों की माने तो सीएमओ दफ्तर में एक-दूसरे पर टीडीएस में गड़बड़ झाले करने के आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के पास कर्मचारियों से काटे गए टीडीएस का चालान तक नहीं हैं। इस लिए आयकर विभाग को टीडीएम का लेखा-जोखा दिए जाना संभव नहीं लग रहा है। जिसे लेकर विभागीय अधिकारियों को फंसने का डर सता रहा है।
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बता दें कि पिछले आठ वर्षों से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी का दो करोड़ से अधिक के टीडीएस की डिमांड पेंडिंग पड़ी हुई है। आयकर विभाग ने कई बाद नोटिस भेजे लेकिन कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके चलते सोमवार को दोपहर आयकर अधिकारी टीडीएस मुरादाबाद रमेश चंद वर्मा, आयकर निरीक्षक सुरेंद्र पाल सिंह और अविनाश कुमार सहित तीन सदस्य टीम ने सीएमओ दफ्तर पर छाप मारा था।
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टीम ने अकाउंटेंट से स्वास्थ्य कर्मचारियों के वेतन, गाड़ियों का किराया और भवन निर्माण पर कटने वाले टडीएस की जानकारी की। इनसे संबंधित अभिलेख खंगाले। टीम ने दवाओं के क्रय-विक्रय बिल भी तलब किए थे। करीब तीन घंटे तक चली अभिलेखों की जांच में कई खामियां मिलीं थी।
स्वास्थ्य कर्मी टीडीएस जमा करने दाबा करते रहे। लेकिन, चालान नहीं दिखा सके। आयकर विभाग ने पंद्रह दिन के भीतर अभिलेखों के साथ मुरादाबाद तलब किया है। टीडीएस के गड़बड़ी में स्वास्थ्य अधिकारी- कर्मचारियों की गर्दन फंसती दिख रही है।
खास बात यह है कि मंगलवार को सीएमओ डा. रमेश चंद्र शर्मा ने सीए और अकाउंटेंट पर गड़बड़ी करने का आरोप लगा दिया था। इसके बाद विभागीय सूत्रों की माने तो सीएमओ दफ्तर में एक-दूसरे पर टीडीएस में गड़बड़ झाले करने के आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं।