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खेतों में खड़ा अपना गन्ना नहीं काट पा रहे किसान
Updated Wed, 14 Nov 2018 12:26 AM IST
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गन्ना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बिजनौर। प्रशासन द्वारा अफजलगढ़ में जमीन के विवाद को सुलझाने के लिए शासन को भेजे प्रस्ताव पर निर्णय में हो रही देरी से किसानों में बेचैनी है। किसान खेतों में खड़े गन्ने की कटाई को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। भाकियू ने अफजलगढ़ के किसानों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने की प्रक्रिया जल्दी शुरू करने की मांग की हैं। जिससे किसान अपना गन्ना समय से मिल पर डाल सकें।
गन्ना विभाग की ओर से फर्जी सट्टों का पता लगाने के लिए चलाए गए अभियान में अफजलगढ़ ब्लाक में करीब 4300 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर गन्ना पैदा करने का मामला सामने आया था। किसान इस जमीन की फर्द आदि नहीं दिखा सके थे। जिस पर गन्ना विभाग ने उनके चल रहे गन्ना सट्टे रद्द करने के नोटिस जारी कर दिए थे। इसको लेकर वहां के किसानों ने कई दिन तक आंदोलन किया। किसानों का तर्क था कि वे इस जमीन पर 60-70 साल से खेती कर रहे हैं। बेदखल करने पर उनके परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। किसानों को जमीन की फर्द दिलाई जाए। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के अनुसार भाकियू पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन से हुए समझौते के बाद 993 किसानों ने आंशिक जमीन की फर्द जमा कर दी थी। जिस पर उनके सट्टे चालू कर दिए गए हैं।
करीब 1800 किसानों ने फर्द जमा नहीं की है। सिंचाई विभाग के मुताबिक यह जमीन सिंचाई विभाग की है। इस जमीन के किसानों को पट्टे हुए थे, जो वर्ष 1999 में समाप्त कर दिए गए हैं। किसान विवादित जमीन की फर्द दिलाने की मांग कर रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार डीएम ने मामला निपटाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस मामले के निपटने में हो रही देरी से वहां के किसानों में बैचेनी है। विवादित जमीन पर गन्ना खड़ा है।
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किसान गन्ना धामपुर और अफजलगढ़ चीनी मिलों को सप्लाई करते हैं। किसान गन्ना बेचकर ही अपना खर्चा चलाते हैं। भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह के अनुसार अफजलगढ़ के किसानों को जमीन का मालिकाना हक मिलना चाहिए। इसकी प्रक्रिया जल्दी शुरू होनी चाहिए। जिससे किसान समय से गन्ना मिलों पर डाल सकें। इस समय किसान को पैसे की जरूरत है। गन्ना बेचने से मिले पैसे से किसान रबी की बुवाई के लिए बीज व खाद खरीदेगा। प्रशासन ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, शासन प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई करे।
सवा तीन लाख क्विंटल गन्ने की हुई पेराई
बिजनौर। गन्ना विभाग के अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के अनुसार जिले की पांच चीनी मिलों ने करीब सवा तीन लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर ली है। 12 नवंबर तक बिलाई, धामपुर चीनी मिलों ने पौने तीन लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। बिलाई मिल ने दो नवंबर, धामपुर मिल ने 11 नवंबर से पेराई शुरू की है। बाकी गन्ने की बूंदकी, बहादरपुर, नजीबाबाद चीनी मिलों ने पेराई की है, जो 12 नवंबर को चली हैं। स्योहारा चीनी मिल में कर्मचारी की मौत हो जाने के कारण बंद है। बरकातपुरए बिजनौर व चांदपुर मिलों में पेराई शुरू नहीं हुई है। पेराई सीजन के शुरू में ही बिलाई चीनी मिल की आनडेट गन्ना रिकवरी 10 प्रतिशत को पार कर गई है। गन्ना विभाग के अपर सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के मुताबिक वहां की आनडेट रिकवरी 10.65 प्रतिशत है। धामपुर चीनी मिल की रिकवरी 9.77 प्रतिशत है।
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गन्ना विभाग की ओर से फर्जी सट्टों का पता लगाने के लिए चलाए गए अभियान में अफजलगढ़ ब्लाक में करीब 4300 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा कर गन्ना पैदा करने का मामला सामने आया था। किसान इस जमीन की फर्द आदि नहीं दिखा सके थे। जिस पर गन्ना विभाग ने उनके चल रहे गन्ना सट्टे रद्द करने के नोटिस जारी कर दिए थे। इसको लेकर वहां के किसानों ने कई दिन तक आंदोलन किया। किसानों का तर्क था कि वे इस जमीन पर 60-70 साल से खेती कर रहे हैं। बेदखल करने पर उनके परिवारों के समक्ष आर्थिक संकट पैदा हो जाएगा। किसानों को जमीन की फर्द दिलाई जाए। जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के अनुसार भाकियू पदाधिकारियों की मौजूदगी में प्रशासन से हुए समझौते के बाद 993 किसानों ने आंशिक जमीन की फर्द जमा कर दी थी। जिस पर उनके सट्टे चालू कर दिए गए हैं।
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करीब 1800 किसानों ने फर्द जमा नहीं की है। सिंचाई विभाग के मुताबिक यह जमीन सिंचाई विभाग की है। इस जमीन के किसानों को पट्टे हुए थे, जो वर्ष 1999 में समाप्त कर दिए गए हैं। किसान विवादित जमीन की फर्द दिलाने की मांग कर रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार डीएम ने मामला निपटाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा है। इस मामले के निपटने में हो रही देरी से वहां के किसानों में बैचेनी है। विवादित जमीन पर गन्ना खड़ा है।
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किसान गन्ना धामपुर और अफजलगढ़ चीनी मिलों को सप्लाई करते हैं। किसान गन्ना बेचकर ही अपना खर्चा चलाते हैं। भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी दिगंबर सिंह के अनुसार अफजलगढ़ के किसानों को जमीन का मालिकाना हक मिलना चाहिए। इसकी प्रक्रिया जल्दी शुरू होनी चाहिए। जिससे किसान समय से गन्ना मिलों पर डाल सकें। इस समय किसान को पैसे की जरूरत है। गन्ना बेचने से मिले पैसे से किसान रबी की बुवाई के लिए बीज व खाद खरीदेगा। प्रशासन ने प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, शासन प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई करे।
सवा तीन लाख क्विंटल गन्ने की हुई पेराई
बिजनौर। गन्ना विभाग के अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के अनुसार जिले की पांच चीनी मिलों ने करीब सवा तीन लाख क्विंटल गन्ने की पेराई कर ली है। 12 नवंबर तक बिलाई, धामपुर चीनी मिलों ने पौने तीन लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है। बिलाई मिल ने दो नवंबर, धामपुर मिल ने 11 नवंबर से पेराई शुरू की है। बाकी गन्ने की बूंदकी, बहादरपुर, नजीबाबाद चीनी मिलों ने पेराई की है, जो 12 नवंबर को चली हैं। स्योहारा चीनी मिल में कर्मचारी की मौत हो जाने के कारण बंद है। बरकातपुरए बिजनौर व चांदपुर मिलों में पेराई शुरू नहीं हुई है। पेराई सीजन के शुरू में ही बिलाई चीनी मिल की आनडेट गन्ना रिकवरी 10 प्रतिशत को पार कर गई है। गन्ना विभाग के अपर सांख्यिकी अधिकारी विकल भारती के मुताबिक वहां की आनडेट रिकवरी 10.65 प्रतिशत है। धामपुर चीनी मिल की रिकवरी 9.77 प्रतिशत है।