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अगर शिक्षक दो घंटे मन लगाकर पढ़ाई कर दें, तो प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों की तकदीर ही चमक जाए: बीएसए
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:46 AM IST
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‘दो घंटे भी मन से पढ़ा दें शिक्षक, तो बदल जाए स्कूलों की सूरत’
धामपुर। विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर ऐसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को गुलमोहर रिसोर्ट में शैक्षिक संगोष्ठी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक अभिनंदन समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें 17 सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बीएसए महेशचंद ने कहा कि यदि शिक्षक केवल दो घंटे मन लगाकर बच्चों को मेहनत से पढ़ा दें तो प्राइमरी स्कूलों सूरत बदल जाएगी।
शुक्रवार को आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि विधायक अशोक राणा कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। बीएसए ने कहा कि यह ठीक है कि शिक्षकों के ऊपर अन्य सरकारी कार्यक्रमों का बोझ रहता है। लेकिन शिक्षकों को इन सभी कार्यों को करने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान रखना है। कहा कि शिक्षण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी को कोई परेशान है तो अवगत कराए, उसे दूर किया जाएगा। बीएसए ने इस मौके पर छह शिक्षक और 11 शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। ब्लाक प्रमुख अतुल कुमार ने कहा कि समाज में शिक्षकों का बड़ा योगदान है। शिक्षक मोमबत्ती की तरह होता है। जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में रोशनी देने का काम करता है। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन नीरजा चौहान और गुलशन गुप्ता ने किया।
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धामपुर। विशिष्ट बीटीसी वेलफेयर ऐसोसिएशन की ओर से शुक्रवार को गुलमोहर रिसोर्ट में शैक्षिक संगोष्ठी एवं सेवानिवृत्त शिक्षक अभिनंदन समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें 17 सेवानिवृत्त शिक्षकों और शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर बीएसए महेशचंद ने कहा कि यदि शिक्षक केवल दो घंटे मन लगाकर बच्चों को मेहनत से पढ़ा दें तो प्राइमरी स्कूलों सूरत बदल जाएगी।
शुक्रवार को आयोजित संगोष्ठी के मुख्य अतिथि विधायक अशोक राणा कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके। बीएसए ने कहा कि यह ठीक है कि शिक्षकों के ऊपर अन्य सरकारी कार्यक्रमों का बोझ रहता है। लेकिन शिक्षकों को इन सभी कार्यों को करने के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान रखना है। कहा कि शिक्षण कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि किसी को कोई परेशान है तो अवगत कराए, उसे दूर किया जाएगा। बीएसए ने इस मौके पर छह शिक्षक और 11 शिक्षिकाओं को सम्मानित किया। ब्लाक प्रमुख अतुल कुमार ने कहा कि समाज में शिक्षकों का बड़ा योगदान है। शिक्षक मोमबत्ती की तरह होता है। जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन में रोशनी देने का काम करता है। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। संचालन नीरजा चौहान और गुलशन गुप्ता ने किया।
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