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लोकतंत्र रक्षक सैनानी केवी भूषण पंचतत्व में विलीन
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:48 AM IST
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लोकतंत्र सेनानी केवी भूषण पंचतत्व में विलीन
धामपुर। धामपुर निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी कृष्णवन भूषण शर्मा (72) का बृहस्पतिवार रात निधन हो गया। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वह धामपुर चीनी मिल में श्रमिक नेता रहे। आपातकाल के दौरान जब सरकार की ओर से जबरन चीनी मिलों के श्रमिकों के उठाकर उनकी नसबंदी कराई जा रही थी। तो उन्होंने सरकार की नीति का विरोध किया था।
कृष्णवन भूषण शर्मा गांव सीमला खुर्द के निवासी थे। उननका जन्म पांच जून 1946 को हुआ। उन्होंने सेना के एमईएस विभाग में तीन साल तक नौकरी करने के बाद छोड़ दी। 1970 में उन्होंने धामपुर चीनी मिल में नौकरी शुरू की और यहां फूलबाग कॉलोनी में परिवार के साथ रहने लगे। उनकी पत्नी का नाम उपदेश शर्मा है, दो पुत्र शैलेंद्र शर्मा, अरुण शर्मा और पुत्री मुक्ता शर्मा हैं। केवी भूूषण श्रमिक संगठन सीटू के मंत्री भी रहे। जब वह मंत्री थे तो आपात काल में उन्होंने श्रमिकों की जबरन कराई जा रही नसबंदी का विरोध किया। इस विरोध के कारण 20 अगस्त 1976 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर डीआईआर के तहत चालान कर जेल भेज दिया था। 25 अगस्त को न्यायालय ने आरोपों को गलत मानते हुए उन्हें रिहा कर दिया।
1989 में सेवामुक्त होने के बाद वह सीटू से जुड़े रहे। कानूनी परामर्शदाता के रूप में दायित्वों का निर्वहन करते रहे। नायब तहसीलदार रमेश सिंह, सीओ महावीर सिंह, कोतवाल शक्ति सिंह के निर्देशन में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। इनकी शव यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। लोकतंत्र रक्षक सेनानी शिवकुमार सिंह का कहना है कि केवी भूषण ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे।
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धामपुर। धामपुर निवासी लोकतंत्र रक्षक सेनानी कृष्णवन भूषण शर्मा (72) का बृहस्पतिवार रात निधन हो गया। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। वह धामपुर चीनी मिल में श्रमिक नेता रहे। आपातकाल के दौरान जब सरकार की ओर से जबरन चीनी मिलों के श्रमिकों के उठाकर उनकी नसबंदी कराई जा रही थी। तो उन्होंने सरकार की नीति का विरोध किया था।
कृष्णवन भूषण शर्मा गांव सीमला खुर्द के निवासी थे। उननका जन्म पांच जून 1946 को हुआ। उन्होंने सेना के एमईएस विभाग में तीन साल तक नौकरी करने के बाद छोड़ दी। 1970 में उन्होंने धामपुर चीनी मिल में नौकरी शुरू की और यहां फूलबाग कॉलोनी में परिवार के साथ रहने लगे। उनकी पत्नी का नाम उपदेश शर्मा है, दो पुत्र शैलेंद्र शर्मा, अरुण शर्मा और पुत्री मुक्ता शर्मा हैं। केवी भूूषण श्रमिक संगठन सीटू के मंत्री भी रहे। जब वह मंत्री थे तो आपात काल में उन्होंने श्रमिकों की जबरन कराई जा रही नसबंदी का विरोध किया। इस विरोध के कारण 20 अगस्त 1976 को पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर डीआईआर के तहत चालान कर जेल भेज दिया था। 25 अगस्त को न्यायालय ने आरोपों को गलत मानते हुए उन्हें रिहा कर दिया।
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1989 में सेवामुक्त होने के बाद वह सीटू से जुड़े रहे। कानूनी परामर्शदाता के रूप में दायित्वों का निर्वहन करते रहे। नायब तहसीलदार रमेश सिंह, सीओ महावीर सिंह, कोतवाल शक्ति सिंह के निर्देशन में उन्हें राजकीय सम्मान के साथ सलामी दी गई। इनकी शव यात्रा में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी शामिल हुए। लोकतंत्र रक्षक सेनानी शिवकुमार सिंह का कहना है कि केवी भूषण ईमानदार कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे।
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