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गांवों में बिछेंगे एबीसी लाइन के तार

Fri, 15 Jun 2018 12:40 AM IST
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:40 AM IST
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गांवों में बिछेंगे एबीसी लाइन के तार
गांवों में बिछेगी एबीसी विद्युत लाइन
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बिजनौर। जिले के सभी गांवों में अब बिजली की जर्जर लाइनों को खत्म कर विद्युत निगम एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) लाइन डलवाएगा। इस लाइन के डलने से जर्जर तार और विद्युत चोरी दोनों की समस्या खत्म हो जाएगी। सौभाग्य योजना के अंतर्गत यह काम कराया जाएगा।
जिले के कई गांवों में आज भी दशकों पुरानी बिजली की लाइन हैं। जर्जर हो चुकी ये बिजली लाइन अक्सर टूटती रहती हैं। टूटे तारों के करंट की चपेट में आकर किसानों और मवेशियों की मौत हो जाती है। किसान जर्जर लाइनों को बदलवाने के लिए आंदोलन भी करते हैं, लेकिन कुछ नहीं होता है। लेकिन अब जान-माल को होने वाले इस नुकसान को रोकने की पहल की गई है। विद्युत निगम अब गांवों में एबीसी लाइन डलवाएगा। गांवों में झूलते मौत के जर्जर तारों को खत्म किया जाएगा। जिले के सभी 1128 ग्राम पंचायतों और उनसे जुड़े राजस्व गांवों में एलटी लाइन के तारों को बदलकर उनकी जगह एबीसी लाइन डलवाई जाएगी। एबीसी लाइन के तारों में फाल्ट भी नहीं होते हैं। इससे देहात को ट्रिपिंग और फाल्ट की समस्या से भी निजात मिल जाएगी।
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यह है एबीसी तार
एबीसी तार में लोहे के एक तार के ऊपर रबड़ के कवर में तार लिपटे रहते हैं। इसके टूटने की संभावना बहुत कम रहती है। अगर तार टूट भी जाए तो भी रबड़ चढ़ी होने के कारण इसका करंट नहीं फैलता है। शहरों में यह तार बहुत पहले लगाए जा चुके हैं। बिजली की जर्जर लाइन हर साल दर्जनों जान ले लेती हैं। अधिकतर मामलों में किसान बिना कार्रवाई के लिए मृतक का अंतिम संस्कार कर देते हैं। बिजली की लाइन बदलवाने की मांग पर अफसर आश्वासन देकर टाल देते हैं। इन लाइन को बदलने के लिए काम नहीं किया जाता है।
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लाइन लॉस होगा कम
गांवों में आज भी काफी संख्या में उपभोक्ता बिजली कनेक्शन नहीं लेते हैं। ये लोग तारों में कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करते हैं। इसलिए जिले में लाइन लॉस 25 प्रतिशत तक है। एबीसी तार डलने से इनमें कटिया नहीं डाली जा सकेंगी। किसानों को कनेक्शन लेने ही होंगे। इससे विद्युत निगम के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। नलकूपों को पहले ही अलग लाइन से जोड़ने का काम चल रहा है। जिले में किसानों के करीब 40 हजार कनेक्शन हैं। किसानों को फसलों की सिंचाई करने के लिए पर्याप्त बिजली देना एक चुनौती है। इसके लिए अलग से नलकूप की लाइन खिंची जा रही है। सुबह व शाम के समय को छोड़कर इन नलकूपों को बिजली देने के लिए अलग से शेड्यूल बनाया जाएगा।

-------- कोट
एक्सईएन ब्रह्मपाल सिंह के अनुसार सौभाग्य योजना के अंतर्गत गांवों में एबीसी लाइन डलवाई जाएगी। इसके लिए सर्वे शुरू हो गया है। एबीसी लाइन डलने से गांव वालों को फायदा होगा। बार-बार जर्जर विद्युत तारों के टूटने से होने वाली परेशानियों से भी छुटकारा मिलेगा।
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