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ऋणमाफी को अधिकारियों के चक्कर लगा रहा किसान
Updated Tue, 29 May 2018 12:32 AM IST
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ऋण माफी को अधिकारियों के चक्कर लगा रहा किसान
अफजलगढ़। गांव हिदायतपुर चौहड़वाला निवासी यादराम पुत्र बनवारी सिंह ऋण माफी योजना का लाभ दिलाने को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाते लगाते थक चुका है। किसान का आरोप है कि किसी भी अधिकारी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी उसे इधर से उधर भटकाते फिर रहे हैं। लेकिन समस्या का निदान किसी पैनल पर नहीं हो रहा है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में बताया कि उसने वर्ष 2016 में जमीन बंधक रखकर ग्राम कादराबाद स्थित सिंडीकेट बैंक से एक लाख दस हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी दौरान मुख्यमंत्री किसान ऋण मोचन योजना की घोषणा हो गई। उसने भी माफी योजना में नाम शामिल होने की वजह से ऋण जमा नहीं किया। आरोप है कि बाकी किसानों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफ हो गए हैं। लेकिन ऋण मोचन योजना के लाभ से वह वंचित रह गया। आरोप है कि उसने डीएम से लेकर हर स्तर पर ऋण मोचन योजना का लाभ लेने के लिए चक्कर काटे। लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। कृषि अधिकारियों से लेकर डीएम दफ्तर तक उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़ित अधिकारियों के चक्कर लगाकर हार थक कर घर बैठ गया। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से जांच कर ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। उधर एसडीएम आजाद भगत सिंह ने जांच कर ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाने की बात कही है।
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अफजलगढ़। गांव हिदायतपुर चौहड़वाला निवासी यादराम पुत्र बनवारी सिंह ऋण माफी योजना का लाभ दिलाने को लेकर अधिकारियों के चक्कर लगाते लगाते थक चुका है। किसान का आरोप है कि किसी भी अधिकारी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी उसे इधर से उधर भटकाते फिर रहे हैं। लेकिन समस्या का निदान किसी पैनल पर नहीं हो रहा है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर की शिकायत में बताया कि उसने वर्ष 2016 में जमीन बंधक रखकर ग्राम कादराबाद स्थित सिंडीकेट बैंक से एक लाख दस हजार रुपये का ऋण लिया था। इसी दौरान मुख्यमंत्री किसान ऋण मोचन योजना की घोषणा हो गई। उसने भी माफी योजना में नाम शामिल होने की वजह से ऋण जमा नहीं किया। आरोप है कि बाकी किसानों के एक लाख रुपये तक के ऋण माफ हो गए हैं। लेकिन ऋण मोचन योजना के लाभ से वह वंचित रह गया। आरोप है कि उसने डीएम से लेकर हर स्तर पर ऋण मोचन योजना का लाभ लेने के लिए चक्कर काटे। लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। कृषि अधिकारियों से लेकर डीएम दफ्तर तक उसकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया गया। पीड़ित अधिकारियों के चक्कर लगाकर हार थक कर घर बैठ गया। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से जांच कर ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाने की मांग की है। उधर एसडीएम आजाद भगत सिंह ने जांच कर ऋण मोचन योजना का लाभ दिलाने की बात कही है।
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