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पिछले बीस साल से नाले की भूमि पर लहरा रही फसलें, अफसर बेखबर
Updated Sat, 17 Jun 2017 01:52 AM IST
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बीस साल से नाले की भूमि पर लहरा रही फसलें, अफसर बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
नौगावां सादात क्षेत्र के गांव ईशापुरा के लोग पिछले बीस साल से बरसात के नाले को कब्जा मुक्त कराने को लेकर प्रशासन के अफसरों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, लेकिन आज तक अफसरों ने नाले की सुध नहीं ली है। नाला पाट लिए जाने के कारण गांव में जल भराव की समस्या बनी हुई है। बरसात के दिनों में गांव के रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। एक बार फिर ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर नाले को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई है।
ईशापुरा से निकलने वाला बरसात का नाला देहरी खुर्रम गांव के पूर्व दिशा में गिरता है। यहां उसका पानी गागन नदी में पहुंच जाता है। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने नाले पर अवैध कब्जा कर नाले को पाट लिया। यहां तक की नाले की भूमि को अपने खेतों में मिला लिया है। नाले की भूमि पर फसल उगा रहे हैं। जबकि नाला बंद होने के कारण गांव में पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। बरसात के दिनों में गांव के रास्तों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग पिछले बीस साल से नाले को कब्जा मुक्त कराने को लेकर प्रशासनिक अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। नाले की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई। ज्ञापन सौंपने वालों में कपिल यादव, प्रशांत कुमार, निशांत कुमार, सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ग्राम समाज की भूमि पर स्थापित नाले पर अवैध कब्जा है, तो उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स द्वारा नाले को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। तहसील अफसरों को मौके पर भेज कर मामले की जांच कराई जाएगी।
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- हर्षवर्धन श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी अमरोहा।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमरोहा।
नौगावां सादात क्षेत्र के गांव ईशापुरा के लोग पिछले बीस साल से बरसात के नाले को कब्जा मुक्त कराने को लेकर प्रशासन के अफसरों के चक्कर काट-काट कर थक चुके हैं, लेकिन आज तक अफसरों ने नाले की सुध नहीं ली है। नाला पाट लिए जाने के कारण गांव में जल भराव की समस्या बनी हुई है। बरसात के दिनों में गांव के रास्तों पर चलना मुश्किल हो जाता है। लोगों को भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। एक बार फिर ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर नाले को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई है।
ईशापुरा से निकलने वाला बरसात का नाला देहरी खुर्रम गांव के पूर्व दिशा में गिरता है। यहां उसका पानी गागन नदी में पहुंच जाता है। लेकिन गांव के कुछ लोगों ने नाले पर अवैध कब्जा कर नाले को पाट लिया। यहां तक की नाले की भूमि को अपने खेतों में मिला लिया है। नाले की भूमि पर फसल उगा रहे हैं। जबकि नाला बंद होने के कारण गांव में पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। बरसात के दिनों में गांव के रास्तों पर निकलना मुश्किल हो जाता है। गांव के लोग पिछले बीस साल से नाले को कब्जा मुक्त कराने को लेकर प्रशासनिक अफसरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। नाले की भूमि को कब्जा मुक्त कराने की गुहार लगाई। ज्ञापन सौंपने वालों में कपिल यादव, प्रशांत कुमार, निशांत कुमार, सुरेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह, विपिन कुमार आदि मौजूद रहे।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार
मामला संज्ञान में नहीं है, यदि ग्राम समाज की भूमि पर स्थापित नाले पर अवैध कब्जा है, तो उसे कब्जा मुक्त कराया जाएगा। एंटी भू-माफिया टास्क फोर्स द्वारा नाले को कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। तहसील अफसरों को मौके पर भेज कर मामले की जांच कराई जाएगी।
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- हर्षवर्धन श्रीवास्तव, उप जिलाधिकारी अमरोहा।