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जनपद में मिले 169 नए टीबी रोगी
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जनपद में मिले 169 नए टीबी रोगी
बिजनौर। जनपद में विकास खंड वार चलाये गए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान में 169 लोगों में टीबी रोग की पुष्टि हुई। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के तहत टीमों ने घर-घर जाकर क्षय रोगियों की तलाश की। ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके चलाये गए इस अभियान के तहत पॉजिटिव सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर इलाज शुरू दिया गया है।
शासन के निर्देश पर जिले में तीन चरणों में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया गया। तीन चरणों में घर-घर चलाये गए अभियान के अंतर्गत कुल आठ लाख 55 हजार 803 लोगों में से लगभग 2645 लोगों के बलगम की जांच की गई। इनमें से 169 लोगों की जांच रिपोर्ट टीबी पॉजिटिव आई है। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत के अनुसार टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजाना के अंतर्गत रोगी के ठीक होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता दिया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके चलाये गए इस अभियान के तहत स्क्रीनिंग के दौरान 169 लोग टीबी रोग से पीड़ित पाये गए। पॉजिटिव सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर इलाज शुरू दिया गया है।
यह अभियान तीन चरणों में 26 दिसंबर से 25 जनवरी तक चलाया गया। जिले के सभी ब्लॉकों के 20 प्रतिशत चिन्हित हाई रिस्क आबादी पूरा करके 5021 संदिग्ध व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करते हुए सभी चरणों में कुल 169 क्षय रोगी सहित एक कोविड-19 के केस पाये गए। साथ ही लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान टीमों ने लक्षण दिखने पर बलगम एवं खून के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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ये लक्षण दिखें तो जरूर करा लें जांच
- दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना।
- खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना।
- वजन का घटना, रात में बेवजह पसीना आना।
- बुखार व सीने में दर्द, शाम को हल्का बुखार होना।
- भूख कम लगने की समस्या होना।
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बिजनौर। जनपद में विकास खंड वार चलाये गए सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान में 169 लोगों में टीबी रोग की पुष्टि हुई। टीबी हारेगा, देश जीतेगा अभियान के पहले, दूसरे और तीसरे चरण के तहत टीमों ने घर-घर जाकर क्षय रोगियों की तलाश की। ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके चलाये गए इस अभियान के तहत पॉजिटिव सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर इलाज शुरू दिया गया है।
शासन के निर्देश पर जिले में तीन चरणों में सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान चलाया गया। तीन चरणों में घर-घर चलाये गए अभियान के अंतर्गत कुल आठ लाख 55 हजार 803 लोगों में से लगभग 2645 लोगों के बलगम की जांच की गई। इनमें से 169 लोगों की जांच रिपोर्ट टीबी पॉजिटिव आई है। जिला क्षय रोग अधिकारी बीएस रावत के अनुसार टीबी रोगियों को निक्षय पोषण योजाना के अंतर्गत रोगी के ठीक होने तक 500 रुपये प्रतिमाह पोषण भत्ता दिया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण और शहरी मलिन बस्तियों को लक्षित करके चलाये गए इस अभियान के तहत स्क्रीनिंग के दौरान 169 लोग टीबी रोग से पीड़ित पाये गए। पॉजिटिव सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कर इलाज शुरू दिया गया है।
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यह अभियान तीन चरणों में 26 दिसंबर से 25 जनवरी तक चलाया गया। जिले के सभी ब्लॉकों के 20 प्रतिशत चिन्हित हाई रिस्क आबादी पूरा करके 5021 संदिग्ध व्यक्तियों की स्क्रीनिंग करते हुए सभी चरणों में कुल 169 क्षय रोगी सहित एक कोविड-19 के केस पाये गए। साथ ही लोगों को टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान टीमों ने लक्षण दिखने पर बलगम एवं खून के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
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ये लक्षण दिखें तो जरूर करा लें जांच
- दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी रहना।
- खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना।
- वजन का घटना, रात में बेवजह पसीना आना।
- बुखार व सीने में दर्द, शाम को हल्का बुखार होना।
- भूख कम लगने की समस्या होना।