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एक ही चकरोड-मैदान पर मनरेगा में हर साल भुगतान, कमीशनखोरी का वीडियो वायरल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Updated Sat, 10 Nov 2018 01:28 AM IST
मनरेगा
मनरेगा - फोटो : यमुनानगर
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ढबारसी। गंगेश्वरी ब्लॉक में ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी के कमीशनखोरी का वीडियो वायरल होने के बाद अब ग्राम फत्तेहपुर अधेक में मनरेगा में फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। फत्तेहपुर अधेक में एक ही चकरोड और एक ही मैदान पर काम दिखाकर तीन साल में करीब तीस लाख का भुगतान करा लिया गया।
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गंगेश्वरी ब्लाक के फत्तेहपुर अधेक गांव में पिछले तीन सालों से खेल के मैदान में पौधरोपण, डोलबंदी और समतलीकरण कराने के नाम पर लगभग साढ़े चार लाख रुपये दिखाकर रकम निकाली जा चुकी है। जबकि मौके पर मैदान पहले से ही समतल है। इस भूमि पर धान की फसल खड़ी है। जबकि कागजों में वर्ष 2018 में अगस्त माह की 16 तारीख से 30 तारीख तक 61 मजदूरों के काम करना दर्शाया गया है। इस कार्य में इस वर्ष 1,51,725 रुपये खर्च दर्शाया गया है।


ऐसे ही खेल के मैदान के समतलीकरण, पौधारोपण और डोलबंदी का काम दिखाकर वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 में भी मनरेगा खाते से 1,42,450 रुपये हर साल आहरण किया गया। जबकि यह कार्य कागजों तक ही सीमित रहा है। इस ग्राम मे पिछले तीन सालों से एक ही चकरोड पर मिट्टी कार्य की दो फाइलें बनाकर सरकार को लगभग 1,90,000 रुपये का चूना लगाया है। एक से दौ सौ मीटर के चकरोड पर मिट्टी कार्य दर्शा कर मोटी रकम निकाल कर फर्जीवाड़ा किया गया है।

गंगेश्वरी ब्लॉक की इस छोटी ग्राम पंचायत में अब तक मनरेगा से करीब 30 लाख रुपये का कार्य दिखाकर भुगतान किया जा चुका है।
मामला संज्ञान में नहीं है। अवकाश के बाद दफ्तर खुलने पर इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। - एके उपाध्याय, डीसी मनरेगा

ढबारसी। पिछले दो साल से सतपाल के खेत से मनोज के खेत तक मिट्टी कार्य दर्शा कर मनरेगा के खाते से 1,06,750 रुपये का भुगतान निकाला गया है। जबकि उक्त दोनों नामों के व्यक्तियों के खेत ग्राम पंचायत की परिधि में नहीं है। यही नहीं इन नाम के व्यक्तियों के नाम कोई जमीन फत्तेहपुर अधेक के रकवे में नहीं है।

फत्तेहपुर अधेक ग्राम पंचायत में इस वित्तीय वर्ष में कराए गए कार्यों की सूची
शीशपाल के खेत से हुकम सिंह के खेत तक मिट्टी कार्य को 24 मई से 12 जून तक 59 मजदूरों ने किया। खर्च 98,700 रुपये।
राजेंद्र सिंह के खेत से रामकिशोर के खेत तक मिट्टी कार्य 10 जुलाई से 24 जुलाई तक 26 मजदूरों ने किया। खर्च 65,800 रुपये।
जगतवीर के खेत से उमेश के खेत तक मिट्टी कार्य 24 मई से 12 जून तक 54 मजदूरों ने किया। खर्च 87,150 रुपये।
राजवीर सिंह के खेत से कृपाल के खेत तक मिट्टी कार्य 24 मई से 12 जून तक 53 मजदूरों ने किया। खर्च 92,575 रुपये।
हरीशंकर के खेत से राजाराम के खेत तक मिट्टी कार्य 24 मई से 12 जून तक 59 मजदूरों ने किया । खर्च 98,525 रुपये।
विजयसिंह के खेत से लालकौर के खेत तक मिट्टी कार्य 23 जून से 12 जुलाई तक 67 मजदूरों ने किया। खर्च 1,16, 200 रुपये।
सोमपाल के खेत से धर्मपाल के खेत तक मिट्टी कार्य 23 जून से 12 जुलाई तक 64 मजदूरों ने किया। खर्च 1,17, 075 रुपये।
तालाब पर पौधारोपण कार्य 5 अगस्त से 19 अगस्त तक 64 मजदूरों ने किया। खर्च 51, 625 रुपये।
तोताराम के खेत से त्रिलोकी के खेत तक मिट्टी कार्य 23 जून से 12 जुलाई तक 64 मजदूरों ने किया। खर्च 1,09,925 रुपये।
चुन्नू के खेत से कुंवरपाल के खेत तक मिटटी कार्य 23 जुलाई से 12 अगस्त तक 64 मजदूरों ने किया। खर्चर् 1,01,150 रुपये।
खेल का मैदान का समतलीकरण, पौधारोपण व डोलबंदी कार्य 16 अगस्त से 30 अगस्त तक 61 मजदूरों ने किया। खर्च 1,51,725 रुपये।

ग्राम प्रधान व रोजगार सेवक अपने परिजनों के खाते में बिना कार्य किए इस योजना की रकम को डाल रहे हैं। जबकि लोगों से खाते में हस्तांतरण की गई रकम का 10 प्रतिशत खाताधारक को देकर शेष रकम को निकलवा कर डकार रहे हैं।

आफिस में बैठकर होता है कार्यों का भौतिक सत्यापन
मनरेगा मे भ्रष्टाचार की जड़े बहुत गहरी हो चुकी हैं। क्योंकि मनरेगा के तहत होने वाले कार्यों का भौतिक सत्यापन आफिस में बैठकर निपटाया जा रहा है। सूत्रों की माने तो संबंधित अधिकारियों को विकास कार्य की रकम का 25 फीसदी आफिस में बैठे बैठे ही मिल जाता है।

फत्तेहपुर अधेक के ग्राम प्रधान सतवीर सिंह से जब खेल के मैदान के बारे में समतलीकरण और पौधारोपण के बारे मे पूछा गया तो उनका कहना था कि खेल के मैदान की सिर्फ डोलबंदी हुई और उस मैदान के हिस्से में धान की फसल खड़ी है।

फत्तेहपुर अधेक की विगत तीन बर्षो के मनरेगा विकास कार्यों की सूची देखे तो सतपाल के खेत से मनोज के खेत तक मिट्टी कार्य के छोड़कर शेष सभी कार्य की सूची समान है। यानि कि गांव के एक ही चकरोड पर मिट्टी कार्य, समतलीकरण और पौधरोपण कागजों में हो रहा है। एक दिन के कार्य को 15 दिन का कार्य दर्शाकर रकम का बंटाधार किया गया है।
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