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मान्यता के बाद भी चल रहा स्कूल
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:16 AM IST
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बिजनौर। किरतपुर क्षेत्र के ढाकी हुसैनपुर गांव स्थित विवादित इस्लामिक विजन स्कूल की मान्यता खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से चल रहा है। स्थिति यह है कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल का संचालन होने पर एक लाख रुपये का नोटिस स्कूल को दे दिया गया। बावजूद इसके स्कूल बंद नहीं हुआ हैं। स्कूल में बच्चों के खूब प्रवेश हो रहे हैं। मुख्यमंत्री से शिकायत स्कूल को बंद कराने की मांग की गई हैं।
जाकिर नाईक को नायक बताकर पढ़ाने के मामले के कारण इस्लामिक विजन स्कूल विवादों में आ गया था। इस मामले की गूंज दिल्ली तक हुई थी। जनवरी माह में इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों से एक टीम गठित करके जांच कराई तो पाया गया कि स्कूल में अन्य इस्लामिक हस्तियों के साथ देश से फरार जाकिर नाईक को नायब बताकर पढ़ाया जा रहा था। स्कूल में कक्षा दो के छात्र - छात्राओं को यह विवादित किताब पढ़ाई जा रही थी। स्कूल की समय सारणी में नौवें नंबर पर किताब इल्म उन नाफे का नाम लिखा मिला। बच्चों से मालूम किया तो उन्होंने बताया कि किताब स्कूल में पढ़ाई जा रही है। इस किताब में ही जाकिर नाईक को नायक बताकर पढ़ाया जा रहा था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिल्ली ने भी स्कूल की रिपोर्ट अफसरों से तलब की थी। बीएसए ने स्कूल की जांच रिपोर्ट एडी बेसिक मुरादाबाद को भेजकर स्कूल की मान्यता खत्म करने की संस्तुति की थी। छह मार्च को स्कूल की एडी बेसिक मुरादाबाद ने मान्यता खत्म कर दी। इसके बावजूद स्कूल का अवैध तरीके से संचालन हो रहा है। स्कूल में बच्चों के खूब प्रवेश हो रहे हैं।
एक सप्ताह पहले बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूल के संचालन होने को जब पता चला तो खंड शिक्षा अधिकारी इशक लाल की ओर से स्कूल को एक लाख रुपये का नोटिस भेजा गया। नोटिस का भी स्कूल पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। स्कूल का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। किरतपुर के मोहल्ला बसी निवासी सूरजभान ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके स्कूल को बंद कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री से की शिकायत में सूरजभान ने कहा है कि वह स्कूल की गाड़ी पर चालक था। उसे इस कारण स्कूल से भगा दिया गया क्योंकि उसने प्रबंधतंत्र की बात नहीं मानी। उससे कहा गया था कि अभिभावकों को स्कूल से किताब लेने के लिए दबाव बनाया जाए। सूरजभान सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल में हिफ्ज कराने का काम भी किया जा रहा है।
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अलीगढ़, दिल्ली में भी पढ़ाई जा रही है किताब
इस्लामिक विजन स्कूल कें अलावा दिल्ली और अलीगढ़ के स्कूल में भी विवादित किताब पढ़ाई जा रही है। इस्लामिक विजन स्कूल में बच्चों को किताब पढ़ने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
स्कूल के खिलाफ होगी रिपोर्ट दर्ज : बीएसए
बीएसए महेश चंद के मुताबिक इस्लामिक विजन स्कूल की मान्यता खत्म होने के बाद स्कूल को नोटिस दे दिया है। वह फिर से स्कूल की जांच कराएंगे। अगर स्कूल चलता पाया गया तो स्कूल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी देखना चाहिए कि जिस स्कूल की मान्यता खत्म हो गई है, उसमें बच्चों को न पढ़ाएं।
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जाकिर नाईक को नायक बताकर पढ़ाने के मामले के कारण इस्लामिक विजन स्कूल विवादों में आ गया था। इस मामले की गूंज दिल्ली तक हुई थी। जनवरी माह में इस मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ उठाया था। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों से एक टीम गठित करके जांच कराई तो पाया गया कि स्कूल में अन्य इस्लामिक हस्तियों के साथ देश से फरार जाकिर नाईक को नायब बताकर पढ़ाया जा रहा था। स्कूल में कक्षा दो के छात्र - छात्राओं को यह विवादित किताब पढ़ाई जा रही थी। स्कूल की समय सारणी में नौवें नंबर पर किताब इल्म उन नाफे का नाम लिखा मिला। बच्चों से मालूम किया तो उन्होंने बताया कि किताब स्कूल में पढ़ाई जा रही है। इस किताब में ही जाकिर नाईक को नायक बताकर पढ़ाया जा रहा था। मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिल्ली ने भी स्कूल की रिपोर्ट अफसरों से तलब की थी। बीएसए ने स्कूल की जांच रिपोर्ट एडी बेसिक मुरादाबाद को भेजकर स्कूल की मान्यता खत्म करने की संस्तुति की थी। छह मार्च को स्कूल की एडी बेसिक मुरादाबाद ने मान्यता खत्म कर दी। इसके बावजूद स्कूल का अवैध तरीके से संचालन हो रहा है। स्कूल में बच्चों के खूब प्रवेश हो रहे हैं।
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एक सप्ताह पहले बेसिक शिक्षा विभाग को स्कूल के संचालन होने को जब पता चला तो खंड शिक्षा अधिकारी इशक लाल की ओर से स्कूल को एक लाख रुपये का नोटिस भेजा गया। नोटिस का भी स्कूल पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। स्कूल का संचालन धड़ल्ले से हो रहा है। किरतपुर के मोहल्ला बसी निवासी सूरजभान ने मुख्यमंत्री से शिकायत करके स्कूल को बंद कराने की मांग की है। मुख्यमंत्री से की शिकायत में सूरजभान ने कहा है कि वह स्कूल की गाड़ी पर चालक था। उसे इस कारण स्कूल से भगा दिया गया क्योंकि उसने प्रबंधतंत्र की बात नहीं मानी। उससे कहा गया था कि अभिभावकों को स्कूल से किताब लेने के लिए दबाव बनाया जाए। सूरजभान सिंह ने आरोप लगाया कि स्कूल में हिफ्ज कराने का काम भी किया जा रहा है।
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अलीगढ़, दिल्ली में भी पढ़ाई जा रही है किताब
इस्लामिक विजन स्कूल कें अलावा दिल्ली और अलीगढ़ के स्कूल में भी विवादित किताब पढ़ाई जा रही है। इस्लामिक विजन स्कूल में बच्चों को किताब पढ़ने के लिए दबाव डाला जा रहा था।
स्कूल के खिलाफ होगी रिपोर्ट दर्ज : बीएसए
बीएसए महेश चंद के मुताबिक इस्लामिक विजन स्कूल की मान्यता खत्म होने के बाद स्कूल को नोटिस दे दिया है। वह फिर से स्कूल की जांच कराएंगे। अगर स्कूल चलता पाया गया तो स्कूल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को भी देखना चाहिए कि जिस स्कूल की मान्यता खत्म हो गई है, उसमें बच्चों को न पढ़ाएं।