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मां के हत्यारे बेटे की जमानत याचिका निरस्त
Updated Thu, 12 Apr 2018 12:08 AM IST
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बिजनौर।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाषचंद्र ने अपनी माता की हत्या के आरोपी बेटे की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार गंजदारानगर निवासी ऋषिपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह वर्तमान में अपने परिवार और दो भाइयों के साथ देहरादून रहता है। उसका छोटा भाई महेंद्र माता यशोदा के साथ गांव में रहता था। महेंद्र शराब पीने का आदि है। शराब पीने के लिए पैसे मांगने के लिए मां से लड़ता था। दो अगस्त 2017 को उसकी माता लापता हो गई। 25 अगस्त को उसकी माता का शव मिला। उसके भाई महेंद्र ने माता के गायब होने और मौत होने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं दी। ऋषिपाल द्वारा भाई महेंद्र पर माता की हत्या का शक जताया गया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि लड़ाई होने पर शराब पीने को लेकर यशोदा व महेंद्र में विवाद हो गया। हाथापाई में यशोदा घायल हो गई और उसकी मौत हो गई। महेंद्र यशोदा के शव को कंधे पर उठाकर विदुरकुटी आश्रम के पास आम के पेड़ के पास छिपा आया। कोर्ट ने मां की हत्या को गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुभाषचंद्र ने अपनी माता की हत्या के आरोपी बेटे की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता श्यामस्वरूप शर्मा के अनुसार गंजदारानगर निवासी ऋषिपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह वर्तमान में अपने परिवार और दो भाइयों के साथ देहरादून रहता है। उसका छोटा भाई महेंद्र माता यशोदा के साथ गांव में रहता था। महेंद्र शराब पीने का आदि है। शराब पीने के लिए पैसे मांगने के लिए मां से लड़ता था। दो अगस्त 2017 को उसकी माता लापता हो गई। 25 अगस्त को उसकी माता का शव मिला। उसके भाई महेंद्र ने माता के गायब होने और मौत होने के बारे में उन्हें कोई सूचना नहीं दी। ऋषिपाल द्वारा भाई महेंद्र पर माता की हत्या का शक जताया गया। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई कि लड़ाई होने पर शराब पीने को लेकर यशोदा व महेंद्र में विवाद हो गया। हाथापाई में यशोदा घायल हो गई और उसकी मौत हो गई। महेंद्र यशोदा के शव को कंधे पर उठाकर विदुरकुटी आश्रम के पास आम के पेड़ के पास छिपा आया। कोर्ट ने मां की हत्या को गंभीर अपराध मानते हुए आरोपी की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।