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अधिकारियों की चापालूसी करने वाले स्वार्थी पदाधिकारियों की भाकियू में जगह नहीं: दिगंबर सिंह
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:53 AM IST
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स्वार्थी पदाधिकारियों की संगठन में जगह नहीं
धामपुर(बिजनौर)। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा के अधिकारियों की चापलूसी करने वाले यूनियन के किसी भी पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे पदाधिकारियों को चिह्नित कर संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने बुधवार को वार्ता में बताया कि उनके संज्ञान में आया कि मंगलवार को धामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गांव के आधा दर्जन किसानों की बैल-बुग्गी में पकड़ लिया था। इन किसानों का केवल इतना कुसूर था यह अपने निजी कार्य के लिए अपने खेतों से बुग्गी में मिट्टी भरकर ले जा रहे थे। किसानों ने क्षेत्र के कई पदाधिकारियों को अवगत कराया। परंतु पदाधिकारियों ने किसानों की मदद कराने के स्थान पर पुलिस से उनका किसी तरह से फैसला कराया। ऐसा नहीं होना चाहिए था। जब प्रदेश के सीएम ने किसानों के निजी कार्य के लिए मिट्टी की छूट कर रखी है तो पुलिस की किसानों को खनन के नाम पर परेशान करने की हिम्मत कैसे हो रही है। पदाधिकारियों से ऐसे अधिकारियों, कर्मचारियों को चिह्नित कर सूची तैयार करने का सुझाव दिया। जिससे ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए प्रदेश के सीएम को सूची सौंप कर अवगत कराया जा सके।
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धामपुर(बिजनौर)। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह ने कहा के अधिकारियों की चापलूसी करने वाले यूनियन के किसी भी पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे पदाधिकारियों को चिह्नित कर संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा।
जिलाध्यक्ष ने बुधवार को वार्ता में बताया कि उनके संज्ञान में आया कि मंगलवार को धामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गांव के आधा दर्जन किसानों की बैल-बुग्गी में पकड़ लिया था। इन किसानों का केवल इतना कुसूर था यह अपने निजी कार्य के लिए अपने खेतों से बुग्गी में मिट्टी भरकर ले जा रहे थे। किसानों ने क्षेत्र के कई पदाधिकारियों को अवगत कराया। परंतु पदाधिकारियों ने किसानों की मदद कराने के स्थान पर पुलिस से उनका किसी तरह से फैसला कराया। ऐसा नहीं होना चाहिए था। जब प्रदेश के सीएम ने किसानों के निजी कार्य के लिए मिट्टी की छूट कर रखी है तो पुलिस की किसानों को खनन के नाम पर परेशान करने की हिम्मत कैसे हो रही है। पदाधिकारियों से ऐसे अधिकारियों, कर्मचारियों को चिह्नित कर सूची तैयार करने का सुझाव दिया। जिससे ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए प्रदेश के सीएम को सूची सौंप कर अवगत कराया जा सके।
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