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16 साल पहले सर्पदंश से मरा युवक जिंदा निकला
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 07 Jul 2016 12:28 AM IST
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नगीना में 16 वर्ष बाद सपेरा बनकर गांव लौटा शैलेंद्र अपने परिजनों के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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नगीना में करीब 16 साल पहले सर्पदंश से मरा हिंदू इंटर कॉलेज के कक्षा नौ का छात्र जिंदा निकला। युवक सपेरे के रूप में अपने घर आया। यह देख परिजनों के चेहरे पर खुशी लौट आई। युवक को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। सपेरे जिंदा मिले युवक को अपने साथ ले गए।
मोहल्ला लाल सराय निवासी गंगाराम ने बताया कि उसके सबसे छोटे पुत्र शैलेंद्र को वर्ष 2001 में घर में सोते समय दाएं हाथ की उंगली में सांप ने काट लिया था। शैेलेंद्र के चाचा हरिकेश सैनी परिजनों के साथ उसका उपचार कराने के लिए तीन दिन तक भाग दौड़ करते रहे थे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था। परिजनों ने शैलेंद्र के शव को बैराज गंगा में जल प्रवाह कर दिया था। बुधवार की दोपहर सपेरों का एक दल कार से रामराज के बाबा बिच्छूनाथ, चीपरनाथ, राजीवनाथ, चिम्मन नाथ व बाबा हंसराज के साथ शैलेंद्र कोबर नाथ के रूप में नगीना आजाद कॉलोनी में पहुंचा। वर्तमान में गंगाराम का परिवार आजाद कॉलोनी में रहता है। बाबा बिच्छूनाथ ने बताया कि कुछ समय पूर्व नहटौर के गांव पाली के सांप काटे युवक को इलाज के बाद जिंदा किया था। पाली के जीवित युवक की बहन नगीना आजाद कॉलोनी में रहती है। उसी से मिलने नगीना आए थे। बातचीत के दौरान आजाद कॉलोनी निवासी गंगाराम के बेटे की 16 वर्ष पूर्व हुई सांप काटने से मौत के विषय में जानकारी मिली, तो गंगाराम व उसकी पत्नी को बुलाया, वह नहीं आए। युवक को शिष्यों के साथ किसी के उपचार के बहाने गंगाराम के घर भेज दिया। गंगाराम, उसकी पत्नी विद्या व एक बहन तथा दो बड़े भाई संजय व संदीप ने शैलेंद्र को पहचान लिया। मां व पिता ने बताया कि शैलेंद्र की दाई जांघ पर काला तिल था। वह शैलेंद्र की जांघ पर अभी भी मौजूद है। इस दौरान बाबा हंसराज ने घर में पड़ोसियों व आसपास के लोगों व महिलाओं के साथ पूजा अर्चना की। युवक ने सभी रिश्तेदारों, चाचा आदि के कलावा बांधा, अन्य चेलों ने बीन भी बजाई। बाद में सपेरों के दल के मुखिया युवक को बंधन मुक्त करने के आश्वासन पर युवक को अपने साथ ले गए। युवक ने अपने परिवार के किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं की। बस चुपचाप सपेरों के कहे का पालन करता रहा। बाबा से मालूम करने पर कि यह शैलेंद्र उन्हें कहां मिला था। उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बस कहा कि अगली बार जब वह शैलेंद्र को लाएंगे तो व स्वयं सब कुछ बता देगा। शैलेन्द्र के भाई संजय ने बताया कि बाबा विच्छूनाथ ने उन्हे आश्वासन दिया है कि वे 21 जुलाई को पुन: वापस युवक को लेकर नगीना आएगें तभी सभी परिवार के लोगों से वार्ता कराई जाएगी।
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मोहल्ला लाल सराय निवासी गंगाराम ने बताया कि उसके सबसे छोटे पुत्र शैलेंद्र को वर्ष 2001 में घर में सोते समय दाएं हाथ की उंगली में सांप ने काट लिया था। शैेलेंद्र के चाचा हरिकेश सैनी परिजनों के साथ उसका उपचार कराने के लिए तीन दिन तक भाग दौड़ करते रहे थे, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका था। परिजनों ने शैलेंद्र के शव को बैराज गंगा में जल प्रवाह कर दिया था। बुधवार की दोपहर सपेरों का एक दल कार से रामराज के बाबा बिच्छूनाथ, चीपरनाथ, राजीवनाथ, चिम्मन नाथ व बाबा हंसराज के साथ शैलेंद्र कोबर नाथ के रूप में नगीना आजाद कॉलोनी में पहुंचा। वर्तमान में गंगाराम का परिवार आजाद कॉलोनी में रहता है। बाबा बिच्छूनाथ ने बताया कि कुछ समय पूर्व नहटौर के गांव पाली के सांप काटे युवक को इलाज के बाद जिंदा किया था। पाली के जीवित युवक की बहन नगीना आजाद कॉलोनी में रहती है। उसी से मिलने नगीना आए थे। बातचीत के दौरान आजाद कॉलोनी निवासी गंगाराम के बेटे की 16 वर्ष पूर्व हुई सांप काटने से मौत के विषय में जानकारी मिली, तो गंगाराम व उसकी पत्नी को बुलाया, वह नहीं आए। युवक को शिष्यों के साथ किसी के उपचार के बहाने गंगाराम के घर भेज दिया। गंगाराम, उसकी पत्नी विद्या व एक बहन तथा दो बड़े भाई संजय व संदीप ने शैलेंद्र को पहचान लिया। मां व पिता ने बताया कि शैलेंद्र की दाई जांघ पर काला तिल था। वह शैलेंद्र की जांघ पर अभी भी मौजूद है। इस दौरान बाबा हंसराज ने घर में पड़ोसियों व आसपास के लोगों व महिलाओं के साथ पूजा अर्चना की। युवक ने सभी रिश्तेदारों, चाचा आदि के कलावा बांधा, अन्य चेलों ने बीन भी बजाई। बाद में सपेरों के दल के मुखिया युवक को बंधन मुक्त करने के आश्वासन पर युवक को अपने साथ ले गए। युवक ने अपने परिवार के किसी भी व्यक्ति से कोई बातचीत नहीं की। बस चुपचाप सपेरों के कहे का पालन करता रहा। बाबा से मालूम करने पर कि यह शैलेंद्र उन्हें कहां मिला था। उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। बस कहा कि अगली बार जब वह शैलेंद्र को लाएंगे तो व स्वयं सब कुछ बता देगा। शैलेन्द्र के भाई संजय ने बताया कि बाबा विच्छूनाथ ने उन्हे आश्वासन दिया है कि वे 21 जुलाई को पुन: वापस युवक को लेकर नगीना आएगें तभी सभी परिवार के लोगों से वार्ता कराई जाएगी।
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