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देहात के 86 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार
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देहात के डेढ़ लाख उपभोक्ताओं पर 159 करोड़ बकाया
बिजनौर। बिजनौर सर्किल में डेढ़ लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार हैं। मीटर लगने के बाद से उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बिल जमा करने पर छूट देने के लिए चल रही आसान किस्त योजना में भी ये उपभोक्ता पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को 21 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। गन्ना व अन्य फसलों का सही दाम समय पर न मिलना इसका कारण बताया जा रहा है।
उपभोक्ताओं से विद्युत बिल वसूलने में विद्युत निगम द्वारा काफी काम किया जा रहा है। कई बार कैंप लगाकर बिल वसूले जाते हैं। विद्युत निगम का बिल एक महीने के अंदर जमा न करने पर उपभोक्ताओं पर अच्छा खासा 21 प्रतिशत सालाना ब्याज लगता है। यह ब्याज किसान क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले ब्याज से भी तीन गुना महंगा है। देहात के उपभोक्ता लापरवाही में इससे अंजान बनने की कोशिश करते हैं और समय पर बिजली बिल जमा नहीं करके अपने ऊपर 21 प्रतिशत का भारी भरकम ब्याज लगवा रहे हैं।
बिजनौर सर्किल के शहर में 59 हजार 447 उपभोक्ता हैं। इनमें से 23 हजार 521 उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार हैं। इन पर 19 करोड़ 88 लाख रुपये का बकाया है, जबकि विद्युत निगम का बिल जमा न करने में देहात के उपभोक्ता काफी आगे हैं। देहात में बिजनौर सर्किल के एक लाख 81 हजार 187 कनेक्शन हैं। इनमें से एक लाख 55 हजार 983 यानी 86 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार हैं। इन लोगों पर बकाया भी अच्छा खासा है। विद्युत निगम का इन लोगों पर 159 करोड़ रुपये बकाया है। औसत निकाले तो हर उपभोक्ता दस हजार रुपये से अधिक का बकाएदार है। ब्याज में छूट देने वाली योजनाओं का भी ये उपभोक्ता कोई खासा लाभ नहीं उठा रहे हैं।
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भुगतान न होने से लटके बिल
किसान अक्सर मिलों से भुगतान मिलने पर ही बिल जमा करते हैं। पिछले पेराई सत्र का बिलाई और नजीबाबाद चीनी मिल पर पैसा बकाया है और नया भुगतान तेजी के साथ नहीं हो रहा है। इसकी वजह से भी बिजली बिल जमा करने से किसान बच रहे हैं।
किसानों का हो रहा शोषण : विनोद कुमार
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार बिजली के दाम बहुत बढ़ गए हैं और किसानों को फसलों के सही दाम अब भी समय से नहीं मिल रहे हैं। देहात में किसान ही रहते हैं। किसानों को गन्ना भुगतान विलंब होने पर एक रुपये भी ब्याज नहीं मिलता और किसानों पर इतना मोटा ब्याज लगाकर उनका शोषण किया जा रहा है।
महंगाई से परेशान जनता : दिगंबर सिंह
भाकियू मंडल अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार बिजली के दामों में बेतहाशा बढ़ गए हैं। देहात के परिवार बिल नहीं दे पा रहे हैं। किसानों को फसलों के उचित दाम सही समय पर नहीं मिल पाते हैं। फसलों के दाम समय पर मिले तो किसान भी समय से बिल जमा करेंगे। सरकार को बिजली दर में भी कमी करनी चाहिए।
छूट का लाभ उठाकर करें बिल जमा : एसई
विद्युत निगम के एसई नंदलाल के अनुसार इस समय आसान किस्त योजना चल रही है जो 15 दिसंबर तक चलेगी। इसमें पंजीकरण कराकर उपभोक्ता ब्याज से मुक्ति पा सकते हैं और अपना बिल जमा कर सकते हैं। अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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बिजनौर। बिजनौर सर्किल में डेढ़ लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार हैं। मीटर लगने के बाद से उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। बिल जमा करने पर छूट देने के लिए चल रही आसान किस्त योजना में भी ये उपभोक्ता पंजीकरण नहीं करा रहे हैं। ऐसे में इन उपभोक्ताओं को 21 प्रतिशत सालाना ब्याज भी देना होगा। गन्ना व अन्य फसलों का सही दाम समय पर न मिलना इसका कारण बताया जा रहा है।
उपभोक्ताओं से विद्युत बिल वसूलने में विद्युत निगम द्वारा काफी काम किया जा रहा है। कई बार कैंप लगाकर बिल वसूले जाते हैं। विद्युत निगम का बिल एक महीने के अंदर जमा न करने पर उपभोक्ताओं पर अच्छा खासा 21 प्रतिशत सालाना ब्याज लगता है। यह ब्याज किसान क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले ब्याज से भी तीन गुना महंगा है। देहात के उपभोक्ता लापरवाही में इससे अंजान बनने की कोशिश करते हैं और समय पर बिजली बिल जमा नहीं करके अपने ऊपर 21 प्रतिशत का भारी भरकम ब्याज लगवा रहे हैं।
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बिजनौर सर्किल के शहर में 59 हजार 447 उपभोक्ता हैं। इनमें से 23 हजार 521 उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार हैं। इन पर 19 करोड़ 88 लाख रुपये का बकाया है, जबकि विद्युत निगम का बिल जमा न करने में देहात के उपभोक्ता काफी आगे हैं। देहात में बिजनौर सर्किल के एक लाख 81 हजार 187 कनेक्शन हैं। इनमें से एक लाख 55 हजार 983 यानी 86 प्रतिशत से अधिक उपभोक्ता विद्युत निगम के बकाएदार हैं। इन लोगों पर बकाया भी अच्छा खासा है। विद्युत निगम का इन लोगों पर 159 करोड़ रुपये बकाया है। औसत निकाले तो हर उपभोक्ता दस हजार रुपये से अधिक का बकाएदार है। ब्याज में छूट देने वाली योजनाओं का भी ये उपभोक्ता कोई खासा लाभ नहीं उठा रहे हैं।
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भुगतान न होने से लटके बिल
किसान अक्सर मिलों से भुगतान मिलने पर ही बिल जमा करते हैं। पिछले पेराई सत्र का बिलाई और नजीबाबाद चीनी मिल पर पैसा बकाया है और नया भुगतान तेजी के साथ नहीं हो रहा है। इसकी वजह से भी बिजली बिल जमा करने से किसान बच रहे हैं।
किसानों का हो रहा शोषण : विनोद कुमार
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन जिलाध्यक्ष विनोद कुमार के अनुसार बिजली के दाम बहुत बढ़ गए हैं और किसानों को फसलों के सही दाम अब भी समय से नहीं मिल रहे हैं। देहात में किसान ही रहते हैं। किसानों को गन्ना भुगतान विलंब होने पर एक रुपये भी ब्याज नहीं मिलता और किसानों पर इतना मोटा ब्याज लगाकर उनका शोषण किया जा रहा है।
महंगाई से परेशान जनता : दिगंबर सिंह
भाकियू मंडल अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार बिजली के दामों में बेतहाशा बढ़ गए हैं। देहात के परिवार बिल नहीं दे पा रहे हैं। किसानों को फसलों के उचित दाम सही समय पर नहीं मिल पाते हैं। फसलों के दाम समय पर मिले तो किसान भी समय से बिल जमा करेंगे। सरकार को बिजली दर में भी कमी करनी चाहिए।
छूट का लाभ उठाकर करें बिल जमा : एसई
विद्युत निगम के एसई नंदलाल के अनुसार इस समय आसान किस्त योजना चल रही है जो 15 दिसंबर तक चलेगी। इसमें पंजीकरण कराकर उपभोक्ता ब्याज से मुक्ति पा सकते हैं और अपना बिल जमा कर सकते हैं। अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को योजना का लाभ लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है।