{"_id":"5d150e838ebc3e3c923dfbe2","slug":"15616610406-dhampur-news192","type":"story","status":"publish","title_hn":"सांसद ने जिले में आने वाली बाढ़ के मुददे को सदन में दमदार तरीके से उठाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सांसद ने जिले में आने वाली बाढ़ के मुददे को सदन में दमदार तरीके से उठाया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीश चंद ने जिले की नदियों में वर्षाकाल में आने वाली बाढ़ के मामले को दमदार तरीके से सदन में उठाया। बताया कि वर्षाकाल शुरू हो गया है पर बिजनौर में सरकार की ओर से बाढ़ से निपटने को कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। क्षेत्र की जनता में बाढ़ की आशंका को लेकर भय सताने लगा है। सांसद ने समय से बाढ़ से निपटने को व्यापक बंदोबस्त करने की मांग उठाई।
सांसद गिरीश चंद ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला को बताया कि 25 जून को उनके द्वारा विशेष धामपुर तहसील की रामगंगा, बनैली, खो नदी में हर साल आने वाली बाढ़ के मामले को लोकसभा में उठाया गया। कहा कि क्षेत्र की जनता बाढ़ की आशंका से निपटने को हाय तौबा कर रही है पर सिंचाई विभाग विभाग की ओर से कोई ठोस काम नहीं हो सकें है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बताते हैं कि उनके स्तर से एक दर्जन से ज्यादा परियोजनाओं पर काम करने को प्रस्ताव तैयार कराकर सरकार को भेजा गया था पर अधिकांश को सरकार ने अस्वीकृत कर दिया। जिन परियोजनाओं को मंजूर किया है, उसके काम को भी पूरा कराने को अभी तक धन का आवंटन नहीं हुआ। ऐसे में विभाग बगैर काम किए बाढ़ की स्थिति से कैसे निपट सकता है।
विज्ञापन
सांसद गिरीश चंद ने बृहस्पतिवार को अमर उजाला को बताया कि 25 जून को उनके द्वारा विशेष धामपुर तहसील की रामगंगा, बनैली, खो नदी में हर साल आने वाली बाढ़ के मामले को लोकसभा में उठाया गया। कहा कि क्षेत्र की जनता बाढ़ की आशंका से निपटने को हाय तौबा कर रही है पर सिंचाई विभाग विभाग की ओर से कोई ठोस काम नहीं हो सकें है। सिंचाई विभाग के अधिकारी बताते हैं कि उनके स्तर से एक दर्जन से ज्यादा परियोजनाओं पर काम करने को प्रस्ताव तैयार कराकर सरकार को भेजा गया था पर अधिकांश को सरकार ने अस्वीकृत कर दिया। जिन परियोजनाओं को मंजूर किया है, उसके काम को भी पूरा कराने को अभी तक धन का आवंटन नहीं हुआ। ऐसे में विभाग बगैर काम किए बाढ़ की स्थिति से कैसे निपट सकता है।
विज्ञापन