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पोस्टमार्टम हाउस पर ड्यूटी पर नहीं मिले डा. पवन
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बिजनौर। कार्यवाहक सीएमओ डा. एसके निगम ने रविवार की रात पोस्टमार्टम ड्यूटी से नदारद मिले शेरकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पवन कुमार जायसी को कड़ी फटकार लगाते हुए एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए है। साथ ही कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
कार्यवाहक मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम के अनुसार 23 जून को शेरकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पवन कुमार जायसी की पोस्टमार्टम हाउस पर ड्यूटी थी। नियमानुसार एक चिकित्सक की पोस्टमार्टम ड्यूटी 24 घंटे की होती है। इसके बावजूद डा. पवन दिन की ड्यूटी के बाद गायब हो गए। रात में पोस्टमार्टम हाउस पर करीब दो साल की बच्ची शव आया। जिलाधिकारी सुजीत कुमार के निर्देशानुसार बच्ची का पोस्टमार्टम रात में ही किया जाना था। बार बार फोन करने के बाद डा. पवन ने फोन रिसीव नहीं किया। इस कारण पोस्टमार्टम कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। सीएमओ ने बताया कि डा. पवन ने ऐसा कर गैर जिम्मेदाराना हरकत करते हुए उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की है। इस मामले में डा. पवन को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
अकसर रात में ड्यूटी पर नहीं मिलते चिकित्सक
बिजनौर। सीएमओ के अनुसार आमतौर पर चिकित्सक दिन में ही ड्यूटी करने के बाद पोस्टमार्टम हाउस से नदारद रहते हैं जबकि नियमानुसार पोस्टमार्टम ड्यूटी 24 घंटे की होती है। सीएमओ ने जिले के सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि रात के समय पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यदि कोई चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं मिलता या फिर उसके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जाता अथवा मोबाइल स्विच ऑफ आता है तो संबंधित चिकित्सक का वेतन रोकते हुए उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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कार्यवाहक मुख्य चिकित्साधिकारी डा. एसके निगम के अनुसार 23 जून को शेरकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डा. पवन कुमार जायसी की पोस्टमार्टम हाउस पर ड्यूटी थी। नियमानुसार एक चिकित्सक की पोस्टमार्टम ड्यूटी 24 घंटे की होती है। इसके बावजूद डा. पवन दिन की ड्यूटी के बाद गायब हो गए। रात में पोस्टमार्टम हाउस पर करीब दो साल की बच्ची शव आया। जिलाधिकारी सुजीत कुमार के निर्देशानुसार बच्ची का पोस्टमार्टम रात में ही किया जाना था। बार बार फोन करने के बाद डा. पवन ने फोन रिसीव नहीं किया। इस कारण पोस्टमार्टम कराने में कठिनाई का सामना करना पड़ा। सीएमओ ने बताया कि डा. पवन ने ऐसा कर गैर जिम्मेदाराना हरकत करते हुए उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना की है। इस मामले में डा. पवन को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं।
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अकसर रात में ड्यूटी पर नहीं मिलते चिकित्सक
बिजनौर। सीएमओ के अनुसार आमतौर पर चिकित्सक दिन में ही ड्यूटी करने के बाद पोस्टमार्टम हाउस से नदारद रहते हैं जबकि नियमानुसार पोस्टमार्टम ड्यूटी 24 घंटे की होती है। सीएमओ ने जिले के सभी चिकित्सकों को निर्देशित किया है कि रात के समय पोस्टमार्टम हाउस का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यदि कोई चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं मिलता या फिर उसके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया जाता अथवा मोबाइल स्विच ऑफ आता है तो संबंधित चिकित्सक का वेतन रोकते हुए उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
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