{"_id":"5c82ae32bdec2214290184ff","slug":"151552068146-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आसाम के कई परिवारों ने जिले में डाल रखा है डेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आसाम के कई परिवारों ने जिले में डाल रखा है डेरा
विज्ञापन
बांग्लादेशी होने के शक में दो परिवारों से पूछताछ
बिजनौर। जिलेभर में असम के कई परिवार झुग्गी झोपड़ी डाल कर रह रहे हैं। अधिसूचना इकाई ने असम के निवासियों से बांग्लादेशी होने के शक में पूछताछ की। स्थानीय खुफिया विभाग के मुताबिक ये परिवार जिले में पन्नी बीनने का काम करते हैं। स्योहारा में भी असम के दो परिवार रहते मिले हैं। परिजनों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
जिले में कई वर्षों से असम के लोग डेरा जमाए हुए हैं। कई बार इन लोगों पर उंगली उठी। समय- समय पर इनकी जांच पड़ताल हुई है। बिजनौर में गंज मार्ग पर झंडापुर के पास करीब 200 परिवार झुग्गी झोपड़ी डाल कर रह रहे हैं। नजीबाबाद व धामपुर में 20-20 परिवार झुग्गी झोपड़ी में रह रहे हैं। एक साल से दो परिवारों ने स्योहारा में भी डेरा डाल लिया है। ये सभी परिवार पन्नी बीनने का काम करते हैं। सुबह को झोपड़ी से निकल कर शाम को वापस आते हैं। बांग्लादेशी होने के शक में इन परिवारों की कई बार जांच कराई गई। पर ये सब असम के निकले। इन सबके पास अपनी आईडी असम की है। जिसकी कई बार तहकीकात कराई जा चुकी है। कई परिवारों की रिपोर्ट असम से आ गई है। बाकी की आने वाली है। जांच के दौरान ऐसा कोई संदिग्ध नहीं पाया जो बांग्लादेश का हो। स्योहारा में अभिसूचना इकाई व पुलिस ने दोनों परिवार के तीन महिला व एक पुरुष को थाने बुला कर उनसे पूछताछ की। उनकी आईडी ले ली। इनकी आईडी भी जांच के लिए असम भेज दी गई है। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वह बांग्लादेश के नहीं असम के रहने वाले हैं। लोग उनके बारे में गलत सूचना दे देते हैं। पूछताछ करने के बाद स्योहारा के दोनों परिवारों के सदस्यों को छोड़ दिया गया है। जिला अभिसूचना इकाई के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार यादव के मुताबिक जिले में झुग्गी झोपड़ी डाल कर असम के लोग रह रहे हैं। उनके पास आईडी भी हैं। असम भेज कर उनकी जांच कराई जा रही है। स्योहारा में भी दोनों परिवार असम के ही रहते मिले हैं।
फर्जी सूचना पर मचा हड़कंप
स्योहारा। फर्जी सूचना पर एलआईयू और पुलिस में हड़कंप मच गया। बांग्लादेशी होने का आरोप प्रथम द्रष्टा गलत पाया गया।
स्योहारा में पन्नी बीन कर गुजारा कर रहे असम के कुछ नागरिक पालनपुर रोड पर झुग्गी झोपड़ी बना कर एक लंबे अरसे से रह रहे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें बांग्लादेशी बताकर एलआईयू को गुमराह करते हुए झूठी जानकारी दी है, जिस पर बृहस्पतिवार को एलआईयू धामपुर प्रभारी अमर पुनिया, थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में उनके पास असम प्रांत की आईडी आधार कार्ड आदि पाए गए। इनके पास से कुछ बांग्लादेश के नोट भी मिले। थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इन झुग्गी झोपड़ी वालों की आईडी की कॉपी ले ई गई है। एलआईयू द्वारा इनके असम के पते की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इनके पास मिले कुछ बांग्ला देश के नोट के कारण ये अपराधी नहीं हो जाते।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिलेभर में असम के कई परिवार झुग्गी झोपड़ी डाल कर रह रहे हैं। अधिसूचना इकाई ने असम के निवासियों से बांग्लादेशी होने के शक में पूछताछ की। स्थानीय खुफिया विभाग के मुताबिक ये परिवार जिले में पन्नी बीनने का काम करते हैं। स्योहारा में भी असम के दो परिवार रहते मिले हैं। परिजनों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया है।
जिले में कई वर्षों से असम के लोग डेरा जमाए हुए हैं। कई बार इन लोगों पर उंगली उठी। समय- समय पर इनकी जांच पड़ताल हुई है। बिजनौर में गंज मार्ग पर झंडापुर के पास करीब 200 परिवार झुग्गी झोपड़ी डाल कर रह रहे हैं। नजीबाबाद व धामपुर में 20-20 परिवार झुग्गी झोपड़ी में रह रहे हैं। एक साल से दो परिवारों ने स्योहारा में भी डेरा डाल लिया है। ये सभी परिवार पन्नी बीनने का काम करते हैं। सुबह को झोपड़ी से निकल कर शाम को वापस आते हैं। बांग्लादेशी होने के शक में इन परिवारों की कई बार जांच कराई गई। पर ये सब असम के निकले। इन सबके पास अपनी आईडी असम की है। जिसकी कई बार तहकीकात कराई जा चुकी है। कई परिवारों की रिपोर्ट असम से आ गई है। बाकी की आने वाली है। जांच के दौरान ऐसा कोई संदिग्ध नहीं पाया जो बांग्लादेश का हो। स्योहारा में अभिसूचना इकाई व पुलिस ने दोनों परिवार के तीन महिला व एक पुरुष को थाने बुला कर उनसे पूछताछ की। उनकी आईडी ले ली। इनकी आईडी भी जांच के लिए असम भेज दी गई है। पूछताछ में इन लोगों ने बताया कि वह बांग्लादेश के नहीं असम के रहने वाले हैं। लोग उनके बारे में गलत सूचना दे देते हैं। पूछताछ करने के बाद स्योहारा के दोनों परिवारों के सदस्यों को छोड़ दिया गया है। जिला अभिसूचना इकाई के प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार यादव के मुताबिक जिले में झुग्गी झोपड़ी डाल कर असम के लोग रह रहे हैं। उनके पास आईडी भी हैं। असम भेज कर उनकी जांच कराई जा रही है। स्योहारा में भी दोनों परिवार असम के ही रहते मिले हैं।
विज्ञापन
फर्जी सूचना पर मचा हड़कंप
स्योहारा। फर्जी सूचना पर एलआईयू और पुलिस में हड़कंप मच गया। बांग्लादेशी होने का आरोप प्रथम द्रष्टा गलत पाया गया।
स्योहारा में पन्नी बीन कर गुजारा कर रहे असम के कुछ नागरिक पालनपुर रोड पर झुग्गी झोपड़ी बना कर एक लंबे अरसे से रह रहे हैं। कुछ लोगों ने उन्हें बांग्लादेशी बताकर एलआईयू को गुमराह करते हुए झूठी जानकारी दी है, जिस पर बृहस्पतिवार को एलआईयू धामपुर प्रभारी अमर पुनिया, थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने मौके पर जाकर जांच की। जांच में उनके पास असम प्रांत की आईडी आधार कार्ड आदि पाए गए। इनके पास से कुछ बांग्लादेश के नोट भी मिले। थानाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह ने बताया कि इन झुग्गी झोपड़ी वालों की आईडी की कॉपी ले ई गई है। एलआईयू द्वारा इनके असम के पते की जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि इनके पास मिले कुछ बांग्ला देश के नोट के कारण ये अपराधी नहीं हो जाते।
विज्ञापन