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एआरटीओ को लेकर एसडीएम और सीओ ने की छापामारी
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ई-रिक्शा डीलरों के प्रतिष्ठानों पर छापे, अनियमितताएं मिलीं
नजीबाबाद। एसडीएम और सीओ ने एआरटीओ को साथ लेकर ई-रिक्शा डीलरों के प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। दो डीलर छापामारी की खबर सुनकर प्रतिष्ठान पर ताले लगाकर फरार हो गए। जांच में जीएसटी और रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा विक्रय करने के संबंध में छानबीन की। एक एजेंसी पर जीएसटी लागू होने के बावजूद बिना रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा बेचने का मामला पकड़ में आया।
एसडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह और एआरटीओ नरेश कुमार चौबे ने नजीबाबाद में ई-रिक्शा डीलरों के प्रतिष्ठानों पर जाकर रिकॉर्ड खंगाले। नजीबाबाद में जीएसटी लागू होने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया था। जिसके कारण ई-रिक्शा चालकों को उपसंभागीय परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन कराने में परेशानी आ रही थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष नफीस अहमद, एआरटीओ नरेश कुमार चौबे को साथ लेकर जाब्तागंज के बीएम एंटरप्राइजेज, हरिद्वार मार्ग पर हिंद ट्रेडर्स ई-रिक्शा डीलर प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। छापामारी के दौरान एक प्रतिष्ठान पर बिना रजिस्ट्रेशन उनके राहूखेड़ी स्थित नेशनल रिक्शा पार्ट्स द्वारा जीएसटी लागू होने के बाद ई-रिक्शा बेचने का मामला प्रकाश में आया। सीओ अरुण कुमार सिंह ने वाणिज्य कर विभाग और एआरटीओ को मामले की जांच सौंप दी।
ई-रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष नफीस कुरैशी कहना है कि उन्हें डीलरों द्वारा पूर्व में जो रिक्शा बेची गई हैं। उसके रजिस्ट्रेशन में आने वाली बाधाओं को उपसंभागीय परिवहन विभाग को रास्ता निकालकर उनकी रिक्शाओं का पंजीकरण कर संख्या उपलब्ध करानी चाहिए।
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नजीबाबाद। एसडीएम और सीओ ने एआरटीओ को साथ लेकर ई-रिक्शा डीलरों के प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। दो डीलर छापामारी की खबर सुनकर प्रतिष्ठान पर ताले लगाकर फरार हो गए। जांच में जीएसटी और रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा विक्रय करने के संबंध में छानबीन की। एक एजेंसी पर जीएसटी लागू होने के बावजूद बिना रजिस्ट्रेशन के ई-रिक्शा बेचने का मामला पकड़ में आया।
एसडीएम डॉ. पंकज कुमार वर्मा, सीओ अरुण कुमार सिंह और एआरटीओ नरेश कुमार चौबे ने नजीबाबाद में ई-रिक्शा डीलरों के प्रतिष्ठानों पर जाकर रिकॉर्ड खंगाले। नजीबाबाद में जीएसटी लागू होने के बाद बिना रजिस्ट्रेशन ई-रिक्शा बेचे जाने का मामला प्रकाश में आया था। जिसके कारण ई-रिक्शा चालकों को उपसंभागीय परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन कराने में परेशानी आ रही थी। प्रशासनिक अधिकारियों ने रिक्शा यूनियन के अध्यक्ष नफीस अहमद, एआरटीओ नरेश कुमार चौबे को साथ लेकर जाब्तागंज के बीएम एंटरप्राइजेज, हरिद्वार मार्ग पर हिंद ट्रेडर्स ई-रिक्शा डीलर प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। छापामारी के दौरान एक प्रतिष्ठान पर बिना रजिस्ट्रेशन उनके राहूखेड़ी स्थित नेशनल रिक्शा पार्ट्स द्वारा जीएसटी लागू होने के बाद ई-रिक्शा बेचने का मामला प्रकाश में आया। सीओ अरुण कुमार सिंह ने वाणिज्य कर विभाग और एआरटीओ को मामले की जांच सौंप दी।
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ई-रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष नफीस कुरैशी कहना है कि उन्हें डीलरों द्वारा पूर्व में जो रिक्शा बेची गई हैं। उसके रजिस्ट्रेशन में आने वाली बाधाओं को उपसंभागीय परिवहन विभाग को रास्ता निकालकर उनकी रिक्शाओं का पंजीकरण कर संख्या उपलब्ध करानी चाहिए।
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