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गन्ना सर्वेक्षण का निरीक्षण किया
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:44 AM IST
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गन्ना सर्वेक्षण का निरीक्षण किया
बढ़ापुर। नगीना गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई व समिति सचिव ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में चल रहे गन्ना सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। गन्ना किसानों को खेतों का सर्वेक्षण अपने समक्ष कराने और फसल का प्रजातिवार ब्योरा घोषणा पत्र में भरकर गन्ना सर्वेयर को उपलब्ध कराने की सलाह दी।
आगामी गन्ना पेराई सत्र 2018-19 के लिए गन्ना क्षेत्रफल की दशा जानने और इसी सर्वेक्षण के आधार पर गन्ना किसानों को समिति पर्ची निर्गत के उद्देश्य से गन्ना विभाग द्वारा गन्ना सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (इस्मा) के इस बार गन्ना क्षेत्रफल का सर्वेक्षण कराने से हाथ खड़े कर देने पर गन्ना विभाग ने अपने समिति कर्मचारियों को गन्ना सर्वेक्षण में लगाया है। गन्ना विभाग के पास एचएचसी मशीन उपलब्ध न होने पर इस बार गन्ना सर्वे कार्य जीपीएस सिस्टम के बजाय फीते से ही गन्ना प्लॉट नापकर केन गश्ती में दर्ज किया जा रहा है।
बृहस्पतिवार को गन्ना विकास परिषद नगीना/बुंदकी के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अविनाश चंद्र तिवारी व गन्ना समिति सचिव धर्मेंद्र सिंह ने सीडीआई अवधेश चंद वशिष्ठ के साथ जग्गूवाला, अल्हेदादपुर, झाड़पुरा, मुजफ्फरनगर, अलाउद्ीनपुर, बहेड़ी, विजयपुर, दलीपपुर में चल रहे गन्ना सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गन्ना सर्वेयर देवेंद्र कुमार, जसराज सिंह, अरविंद कुमार व अजय सिंह ने गन्ना अधिकारियों के समक्ष केन गश्ती में दर्ज कई केन प्लाटों की पुन: नपती कराई जो सही मिली।
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इस दौरान गन्ना अधिकारियों ने गांवों में किसानों से संपर्क कर उनको प्रदेश के गन्ना आयुक्त के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि आगामी गन्ना पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति में होने वाली असुविधाओं से बचने कि लिए गन्ना किसान अपनी गन्ना फसलों का सर्वे अपने समक्ष कराकर सर्वेयर से प्राप्त घोषणा पत्र में प्रजातिवार गन्ना रकबा भरकर सर्वेयर को आवश्यक रूप से उपलब्ध करा दें। गन्ना अधिकारियों ने किसानों को चेताया कि इस बार सर्वेक्षण के बाद गन्ना रकबे में किसी प्रकार का कोई संशोधन नही किया जाएगा और समिति पर्चियां भी इसी सर्वेक्षण के आधार पर ही निर्गत की जाएगी।
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बढ़ापुर। नगीना गन्ना विकास परिषद के एससीडीआई व समिति सचिव ने संयुक्त रूप से क्षेत्र में चल रहे गन्ना सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। गन्ना किसानों को खेतों का सर्वेक्षण अपने समक्ष कराने और फसल का प्रजातिवार ब्योरा घोषणा पत्र में भरकर गन्ना सर्वेयर को उपलब्ध कराने की सलाह दी।
आगामी गन्ना पेराई सत्र 2018-19 के लिए गन्ना क्षेत्रफल की दशा जानने और इसी सर्वेक्षण के आधार पर गन्ना किसानों को समिति पर्ची निर्गत के उद्देश्य से गन्ना विभाग द्वारा गन्ना सर्वेक्षण कराया जा रहा है। इंडियन शुगर मिल एसोसिएशन (इस्मा) के इस बार गन्ना क्षेत्रफल का सर्वेक्षण कराने से हाथ खड़े कर देने पर गन्ना विभाग ने अपने समिति कर्मचारियों को गन्ना सर्वेक्षण में लगाया है। गन्ना विभाग के पास एचएचसी मशीन उपलब्ध न होने पर इस बार गन्ना सर्वे कार्य जीपीएस सिस्टम के बजाय फीते से ही गन्ना प्लॉट नापकर केन गश्ती में दर्ज किया जा रहा है।
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बृहस्पतिवार को गन्ना विकास परिषद नगीना/बुंदकी के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अविनाश चंद्र तिवारी व गन्ना समिति सचिव धर्मेंद्र सिंह ने सीडीआई अवधेश चंद वशिष्ठ के साथ जग्गूवाला, अल्हेदादपुर, झाड़पुरा, मुजफ्फरनगर, अलाउद्ीनपुर, बहेड़ी, विजयपुर, दलीपपुर में चल रहे गन्ना सर्वेक्षण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गन्ना सर्वेयर देवेंद्र कुमार, जसराज सिंह, अरविंद कुमार व अजय सिंह ने गन्ना अधिकारियों के समक्ष केन गश्ती में दर्ज कई केन प्लाटों की पुन: नपती कराई जो सही मिली।
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इस दौरान गन्ना अधिकारियों ने गांवों में किसानों से संपर्क कर उनको प्रदेश के गन्ना आयुक्त के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि आगामी गन्ना पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति में होने वाली असुविधाओं से बचने कि लिए गन्ना किसान अपनी गन्ना फसलों का सर्वे अपने समक्ष कराकर सर्वेयर से प्राप्त घोषणा पत्र में प्रजातिवार गन्ना रकबा भरकर सर्वेयर को आवश्यक रूप से उपलब्ध करा दें। गन्ना अधिकारियों ने किसानों को चेताया कि इस बार सर्वेक्षण के बाद गन्ना रकबे में किसी प्रकार का कोई संशोधन नही किया जाएगा और समिति पर्चियां भी इसी सर्वेक्षण के आधार पर ही निर्गत की जाएगी।