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बसपा ने बिजनौर में सलमा फरीद व झालू में डा.रईस पर खेला दांव
Updated Thu, 02 Nov 2017 12:43 AM IST
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सलमा फरीद के टिकट पर बसपाई बिफरे
अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
बसपा ने बिजनौर नगरपालिका से पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद पत्नी सलमा फरीद पर दांव खेला है। फरीद अहमद ने अपने समर्थकों के साथ बुधवार को लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने सपा छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया है। फरीद अहमद दो बार बिजनौर नगरपालिका के चेयरमैन रह चुके हैं। झालू नगर पंचायत से बसपा ने डॉ. रईस अहमद के टिकट को हरी झंडी दी है। बसपा कार्यकर्ताओं ने सलमा फरीद के विरोध मेें जिलाध्यक्ष सरजीत सिंह के आवास पर पहुंचकर हंगामा किया।
नगरपालिका बिजनौर के पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद कई साल से सपा में थे। वह दो बार नगरपालिका के चेयरमैन भी रह चुके है। फरीद अहमद काफी दिनों से बसपा मेें जाने का मन बना रहे थे। वह सपा में अपना टिकट पक्का नहीं मान रहे थे। बिजनौर नगरपालिका से बसपा नेता सलीम उर्फ सल्लू की पत्नी का टिकट पक्का माना जा रहा था। अचानक बुधवार को परिस्थितियां बदल गईं। पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद ने अपनी पत्नी सलमा फरीद व समर्थकों के साथ सपा को छोड़कर लखनऊ में मायावती के बसपा का दामन थाम लिया है।
फरीद अहमद के साथ उनके समर्थक शमी ठेकेदार, आदिल, रफी, सुहेल अहमद, आसिफ, अरशद, तारिम भी बसपा में शामिल हो गए। बसपा सूत्रों के मुताबिक फरीद अहमद की पत्नी के टिकट को मायावती ने हरी झंडी दे दी है। इससे फरीद अहमद के समर्थक बेहद खुश हैं। झालू नगर पंचायत से शहजाद अहमद का बसपा से टिकट पक्का माना जा रहा था। लेकिन बसपा ने डॉ. रईस अहमद पर दांव खेला है। डॉ. रईस लंबे समय से बसपा से जुड़े है। डॉ. रईस का टिकट की हरी झंडी मिलने से उनके समर्थक गदगद हैं। पार्टी के कई नेताओं ने फरीद अहमद की पत्नी सलमा फरीद और डॉ. रईस का टिकट होने की पुष्टि की। उधर, शाम को जैसे ही बसपा कार्यकर्ताओं को टिकट होने की जानकारी मिली तो उनमें सलमा फरीद के टिकट को लेकर आक्रोश फैल गया। रात में दर्जनभर कार्यकर्ता बसपा जिलाध्यक्ष सरजीत सिंह के बिजनौर के मोहल्ला बुखारा स्थित आवास पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर बाद जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत किया। उनका कहना है कि टिकट होने के मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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अमर उजाला ब्यूरो
बिजनौर।
बसपा ने बिजनौर नगरपालिका से पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद पत्नी सलमा फरीद पर दांव खेला है। फरीद अहमद ने अपने समर्थकों के साथ बुधवार को लखनऊ में बसपा सुप्रीमो मायावती के सामने सपा छोड़कर बसपा का दामन थाम लिया है। फरीद अहमद दो बार बिजनौर नगरपालिका के चेयरमैन रह चुके हैं। झालू नगर पंचायत से बसपा ने डॉ. रईस अहमद के टिकट को हरी झंडी दी है। बसपा कार्यकर्ताओं ने सलमा फरीद के विरोध मेें जिलाध्यक्ष सरजीत सिंह के आवास पर पहुंचकर हंगामा किया।
नगरपालिका बिजनौर के पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद कई साल से सपा में थे। वह दो बार नगरपालिका के चेयरमैन भी रह चुके है। फरीद अहमद काफी दिनों से बसपा मेें जाने का मन बना रहे थे। वह सपा में अपना टिकट पक्का नहीं मान रहे थे। बिजनौर नगरपालिका से बसपा नेता सलीम उर्फ सल्लू की पत्नी का टिकट पक्का माना जा रहा था। अचानक बुधवार को परिस्थितियां बदल गईं। पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद ने अपनी पत्नी सलमा फरीद व समर्थकों के साथ सपा को छोड़कर लखनऊ में मायावती के बसपा का दामन थाम लिया है।
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फरीद अहमद के साथ उनके समर्थक शमी ठेकेदार, आदिल, रफी, सुहेल अहमद, आसिफ, अरशद, तारिम भी बसपा में शामिल हो गए। बसपा सूत्रों के मुताबिक फरीद अहमद की पत्नी के टिकट को मायावती ने हरी झंडी दे दी है। इससे फरीद अहमद के समर्थक बेहद खुश हैं। झालू नगर पंचायत से शहजाद अहमद का बसपा से टिकट पक्का माना जा रहा था। लेकिन बसपा ने डॉ. रईस अहमद पर दांव खेला है। डॉ. रईस लंबे समय से बसपा से जुड़े है। डॉ. रईस का टिकट की हरी झंडी मिलने से उनके समर्थक गदगद हैं। पार्टी के कई नेताओं ने फरीद अहमद की पत्नी सलमा फरीद और डॉ. रईस का टिकट होने की पुष्टि की। उधर, शाम को जैसे ही बसपा कार्यकर्ताओं को टिकट होने की जानकारी मिली तो उनमें सलमा फरीद के टिकट को लेकर आक्रोश फैल गया। रात में दर्जनभर कार्यकर्ता बसपा जिलाध्यक्ष सरजीत सिंह के बिजनौर के मोहल्ला बुखारा स्थित आवास पर पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। काफी देर बाद जिलाध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को समझाकर शांत किया। उनका कहना है कि टिकट होने के मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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