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एक अगस्त से आकाशवाणी नजीबाबाद से जुड़ेंगे मेरठ सहित कई मैदानी जिले
Updated Tue, 01 Aug 2017 12:43 AM IST
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नजीबाबाद। आकाशवाणी नजीबाबाद से मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, सहारनपुर सहित आठ मैदानी जनपद प्रसारण क्षेत्र में शामिल किए गए हैं। देहरादून केंद्र की स्थापना के बाद देहरादून, हरिद्वार सहित उत्तराखंड के जनपदों को नजीबाबाद के प्रसारण क्षेत्र से अलग कर दिया गया है। एक अगस्त (आज) से बिजनौर सहित शामिल मैदानी क्षेत्रों की साहित्य, संगीत, कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों की हर आयु वर्ग की प्रतिभाएं आकाशवाणी नजीबाबाद के कार्यक्रम में प्रतिभाग कर सकेंगी।
आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र एक अगस्त से बिजनौर के अतिरिक्त सात अन्य जनपदों के प्रसारण क्षेत्र के साथ अपनी प्रसारण क्षमताओं को और बेहतर ढंग से निखार सकेगा। एडीपी लोकेश शुक्ला के अनुसार 29 जून 2017 को देहरादून आकाशवाणी की स्थापना के साथ पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाएं तथा विभिन्न भाषाओं के प्रसारण देहरादून के माध्यम से किए जाएंगे। नजीबाबाद केंद्र से जनपद बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर सहित विभिन्न मैदानी क्षेत्रों की प्रतिभाएं अपनी प्रतिभा क्षमता को प्रसारण में शामिल करा सकेंगे।
नजीबाबाद केंद्र ने गढ़वाली, कुुमाऊंनी, जौनसारी भाषाओं के कार्यक्रम के स्थान पर अन्य प्रसारणों को शामिल किया है। शाम 7:32 बजे प्रसारित होने वाले गढ़वाली, कुमाऊंनी कार्यक्रम ग्राम जगत के स्थान पर हिंदी भाषी कार्यक्रम ग्राम संसार प्रसारित किया जाएगा। आकाशवाणी ने शाम 5:10 बजे प्रसारित युववाणी कार्यक्रम की अवधि 50 मिनट कर दी है। कृषि जगत कार्यक्रम अब शाम 6:30 बजे से 45 मिनट अवधि का प्रसारित होगा। आकाशवाणी नजीबाबाद ने नए प्रसारण में शाम छह बजे से शाम-ए-गजल और फिल्मों से भजन कार्यक्रम निर्धारित किए हैं। प्रात: 7:30 बजे प्रसारित शैल संगीत कार्यक्रम के स्थान पर अब रुहेलखंडी लोकगीत और शुक्रवार को रात 9:30 बजे प्रसारित गिरी गुंजन के स्थान पर प्रादेशिक लोक संगीत का सौंधी माटी कार्यक्रम प्रसारित किया जाएगा।
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आकाशवाणी नजीबाबाद केंद्र एक अगस्त से बिजनौर के अतिरिक्त सात अन्य जनपदों के प्रसारण क्षेत्र के साथ अपनी प्रसारण क्षमताओं को और बेहतर ढंग से निखार सकेगा। एडीपी लोकेश शुक्ला के अनुसार 29 जून 2017 को देहरादून आकाशवाणी की स्थापना के साथ पर्वतीय क्षेत्रों की प्रतिभाएं तथा विभिन्न भाषाओं के प्रसारण देहरादून के माध्यम से किए जाएंगे। नजीबाबाद केंद्र से जनपद बिजनौर, मेरठ, सहारनपुर सहित विभिन्न मैदानी क्षेत्रों की प्रतिभाएं अपनी प्रतिभा क्षमता को प्रसारण में शामिल करा सकेंगे।
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नजीबाबाद केंद्र ने गढ़वाली, कुुमाऊंनी, जौनसारी भाषाओं के कार्यक्रम के स्थान पर अन्य प्रसारणों को शामिल किया है। शाम 7:32 बजे प्रसारित होने वाले गढ़वाली, कुमाऊंनी कार्यक्रम ग्राम जगत के स्थान पर हिंदी भाषी कार्यक्रम ग्राम संसार प्रसारित किया जाएगा। आकाशवाणी ने शाम 5:10 बजे प्रसारित युववाणी कार्यक्रम की अवधि 50 मिनट कर दी है। कृषि जगत कार्यक्रम अब शाम 6:30 बजे से 45 मिनट अवधि का प्रसारित होगा। आकाशवाणी नजीबाबाद ने नए प्रसारण में शाम छह बजे से शाम-ए-गजल और फिल्मों से भजन कार्यक्रम निर्धारित किए हैं। प्रात: 7:30 बजे प्रसारित शैल संगीत कार्यक्रम के स्थान पर अब रुहेलखंडी लोकगीत और शुक्रवार को रात 9:30 बजे प्रसारित गिरी गुंजन के स्थान पर प्रादेशिक लोक संगीत का सौंधी माटी कार्यक्रम प्रसारित किया जाएगा।
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