{"_id":"5942d6c84f1c1b4b178b47e3","slug":"151497552584-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी समीपुर में जननी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी समीपुर में जननी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल
Updated Fri, 16 Jun 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अस्पताल अधीक्षक ने दिया मंडलायुक्त के निर्देशों का हवाला
अस्पताल अधीक्षक ने सीएमओ से की सुधार की अपील
नजीबाबाद। मंडलायुक्त के निरीक्षण के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर की जननी सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। मंडलायुक्त ने एक सप्ताह में व्यवस्था सुधार के निर्देश सीएमओ को दिए थे। स्वास्थ्य केंद्र पर न तो महिला चिकित्सक की तैनाती हुई है और न ही महिला स्टाफ भेजा गया है। सीएचसी के अधीक्षक ने सीएमओ को पत्र लिखकर मंडलायुक्त के दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराने की आवाज उठाई है।
करोड़ों की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर की चिकित्सा सुविधाएं बदहाल हैं। 10 दिन पहले मंडलायुक्त ने सीएचसी की जननी सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने पर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। एक सप्ताह के भीतर उन्होंने व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ.महेंद्र सिंह ने सीएमओ को इस संबंध में एक पत्र भेजकर कमिश्नर के दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने पर चिंता व्यक्त की है। डॉ.महेंद्र सिंह ने सीएमओ को अवगत कराया कि उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कार्यभार पुन: ग्रहण किए हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन पूर्व प्रभारी डॉ.अवनीश कुमार द्वारा रोगी कल्याण समिति से संबंधित कैशबुक और रिकॉर्ड उन्हें हस्तांतरित नहीं किया गया है, जबकि उनके जूनियर चिकित्सक द्वारा अमरोहा के लिए स्थानांतरित किए गए डॉ.अवनीश कुमार को प्रभार प्रमाणपत्र तथा अंतिम वेतन प्रमाणपत्र भी नियम विरुद्घ जारी किया जा चुका है। सीएचसी प्रभारी डॉ.महेंद्र सिंह ने सीएमओ से जननी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए तत्काल उन्हें रोगी कल्याण समिति की कैशबुक, पत्राजात उपलब्ध कराने की अपील की है।
अस्पताल पर आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलन से उनमें रोष व्याप्त है। ऐसी स्थिति में अस्पताल की ओपीडी का स्तर काफी गिर चुका है। ढाई दशक बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव सुविधा उपलब्ध नहीं है। तीन जून 2017 को मंडलायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर बदहाल चिकित्सा सेवाओं के लिए सीएमओ डॉ.सुखबीर सिंह, अधीक्षक डॉ.महेंद्र सिंह के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी। कमिश्नर ने तत्काल जननी सुरक्षा योजना को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए एक महिला चिकित्सक, दो स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वॉय, एक आया और एक स्वैच्छिक कर्मी की तैनाती के निर्देश दिए थे। जनरेटर और पानी की व्यवस्था भी ठीक कराने को कहा था, लेकिन न तो अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना को प्रभावी बनाया गया और न ही जनरेटर, पानी, सफाई आदि की व्यवस्था जुटाई गई।
विज्ञापन
बोले सीएमओ
नजीबाबाद। सीएमओ डॉ.सुखबीर सिंह ने कहा कि मंडलायुक्त के निर्देश पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एक दम स्वास्थ्य सेवाएं दे पाना स्टाफ की कमी के कारण मुश्किल हो रहा है। उन्होंने जल्द ही सीएचसी समीपुर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही।
विज्ञापन
अस्पताल अधीक्षक ने सीएमओ से की सुधार की अपील
नजीबाबाद। मंडलायुक्त के निरीक्षण के बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर की जननी सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। मंडलायुक्त ने एक सप्ताह में व्यवस्था सुधार के निर्देश सीएमओ को दिए थे। स्वास्थ्य केंद्र पर न तो महिला चिकित्सक की तैनाती हुई है और न ही महिला स्टाफ भेजा गया है। सीएचसी के अधीक्षक ने सीएमओ को पत्र लिखकर मंडलायुक्त के दिशा-निर्देशों का अनुपालन कराने की आवाज उठाई है।
करोड़ों की लागत से बने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समीपुर की चिकित्सा सुविधाएं बदहाल हैं। 10 दिन पहले मंडलायुक्त ने सीएचसी की जननी सुरक्षा स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल होने पर चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। एक सप्ताह के भीतर उन्होंने व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए थे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ.महेंद्र सिंह ने सीएमओ को इस संबंध में एक पत्र भेजकर कमिश्नर के दिशा-निर्देशों का अनुपालन न करने पर चिंता व्यक्त की है। डॉ.महेंद्र सिंह ने सीएमओ को अवगत कराया कि उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का कार्यभार पुन: ग्रहण किए हुए एक वर्ष बीत चुका है, लेकिन पूर्व प्रभारी डॉ.अवनीश कुमार द्वारा रोगी कल्याण समिति से संबंधित कैशबुक और रिकॉर्ड उन्हें हस्तांतरित नहीं किया गया है, जबकि उनके जूनियर चिकित्सक द्वारा अमरोहा के लिए स्थानांतरित किए गए डॉ.अवनीश कुमार को प्रभार प्रमाणपत्र तथा अंतिम वेतन प्रमाणपत्र भी नियम विरुद्घ जारी किया जा चुका है। सीएचसी प्रभारी डॉ.महेंद्र सिंह ने सीएमओ से जननी स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए तत्काल उन्हें रोगी कल्याण समिति की कैशबुक, पत्राजात उपलब्ध कराने की अपील की है।
विज्ञापन
अस्पताल पर आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं न मिलन से उनमें रोष व्याप्त है। ऐसी स्थिति में अस्पताल की ओपीडी का स्तर काफी गिर चुका है। ढाई दशक बाद भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव सुविधा उपलब्ध नहीं है। तीन जून 2017 को मंडलायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर बदहाल चिकित्सा सेवाओं के लिए सीएमओ डॉ.सुखबीर सिंह, अधीक्षक डॉ.महेंद्र सिंह के प्रति नाराजगी व्यक्त की थी। कमिश्नर ने तत्काल जननी सुरक्षा योजना को प्रभावी बनाने के निर्देश देते हुए एक महिला चिकित्सक, दो स्टाफ नर्स, एक वार्ड ब्वॉय, एक आया और एक स्वैच्छिक कर्मी की तैनाती के निर्देश दिए थे। जनरेटर और पानी की व्यवस्था भी ठीक कराने को कहा था, लेकिन न तो अस्पताल में जननी सुरक्षा योजना को प्रभावी बनाया गया और न ही जनरेटर, पानी, सफाई आदि की व्यवस्था जुटाई गई।
विज्ञापन
बोले सीएमओ
नजीबाबाद। सीएमओ डॉ.सुखबीर सिंह ने कहा कि मंडलायुक्त के निर्देश पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एक दम स्वास्थ्य सेवाएं दे पाना स्टाफ की कमी के कारण मुश्किल हो रहा है। उन्होंने जल्द ही सीएचसी समीपुर में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की बात कही।