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दिव्या आध्यात्मिक प्रवचन में वृंदावन से आईं नामेश्वरी देवी को सुनने उमड़े श्रद्घालु
Updated Fri, 28 Sep 2018 12:21 AM IST
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नजीबाबाद। संसार का प्रत्येक जीव भगवान का अंश है। प्रत्येक जीव को एक ही चीज की आवश्यकता होती है वो है आनंद की प्राप्ति। आनंद का दूसरा नाम ब्रह्म है। वृंदावन से दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन के लिए आईं नामेश्वरी देवी ने यह बात कही।
जगत गुरु कृपालु महाराज की प्रचारिका नामेश्वरी देवी ने अपने प्रवचन में जीवन में आनंद के सार को शास्त्रों, पुराणों और रामायण प्रसंग से जोड़ते हुए समझाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव आनंद की प्राप्ति के लिए व्याकुल रहता है। उसकी चाहत भले ही भिन्न हो लेकिन जीवन का उद्देश्य आनंद की प्राप्ति के बाद ही सार्थक बनता है। आनंद और ब्रह्म पर्यायवाची शब्द हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अंश अपने अंशी को चाहता है। नदियां समुद्र की ओर अग्रसित होती हैं, आग ऊपर की ओर, अंशी सूर्य की ओर अग्रसित होती है, इसी प्रकार से प्रत्येक जीव आनंद रूपी ब्रह्म का अंश होने के कारण आनंद यानी भगवान को पाना चाहता है। उन्होंने भगवान को पाने के लिए तन और मन से सकारात्मक सोच रखने, शास्त्रों, पुराणों और रामायण के सार को आत्मसात करने की सलाह दी।
प्रवचन सुनने के लिए दिनेश चंद गुप्ता, कैलाश चंद सिंघल, बाल किशन सिंघल, पवन अग्रवाल, सत्येंद्र गुप्ता, अरविंद शर्मा, नरेश अग्रवाल, विरेश अग्रवाल, सुखदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे। नामेश्वरी देवी का दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन पांच अक्तूबर तक जारी रहेगा।
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जगत गुरु कृपालु महाराज की प्रचारिका नामेश्वरी देवी ने अपने प्रवचन में जीवन में आनंद के सार को शास्त्रों, पुराणों और रामायण प्रसंग से जोड़ते हुए समझाया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जीव आनंद की प्राप्ति के लिए व्याकुल रहता है। उसकी चाहत भले ही भिन्न हो लेकिन जीवन का उद्देश्य आनंद की प्राप्ति के बाद ही सार्थक बनता है। आनंद और ब्रह्म पर्यायवाची शब्द हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अंश अपने अंशी को चाहता है। नदियां समुद्र की ओर अग्रसित होती हैं, आग ऊपर की ओर, अंशी सूर्य की ओर अग्रसित होती है, इसी प्रकार से प्रत्येक जीव आनंद रूपी ब्रह्म का अंश होने के कारण आनंद यानी भगवान को पाना चाहता है। उन्होंने भगवान को पाने के लिए तन और मन से सकारात्मक सोच रखने, शास्त्रों, पुराणों और रामायण के सार को आत्मसात करने की सलाह दी।
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प्रवचन सुनने के लिए दिनेश चंद गुप्ता, कैलाश चंद सिंघल, बाल किशन सिंघल, पवन अग्रवाल, सत्येंद्र गुप्ता, अरविंद शर्मा, नरेश अग्रवाल, विरेश अग्रवाल, सुखदेव सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्घालु उपस्थित रहे। नामेश्वरी देवी का दिव्य आध्यात्मिक प्रवचन पांच अक्तूबर तक जारी रहेगा।
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