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बिजनौर डिपो की सात बसों से छुड़वाए पूर्वी जिलों के 140 लोग
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बिजनौर डिपो की सात बसों से छुड़वाए पूर्वी जिलों के 140 लोग
बिजनौर। देशभर में चल रहे लॉकडाउन के कारण जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर बनाए गए आश्रय स्थलों में ठहरे करीब 140 लोगों को डीएम के निर्देश पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बिजनौर डिपो की सात बसों से उनके घरों को भेजा गया। बस स्टेशन प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार इलाहाबाद, बलिया, बहराइच, लखीमपुरखीरी आदि स्थानों के लिए 140 लोगों को भेजा गया। किसी भी यात्री से कोई किराया नहीं लिया गया।
प्रत्येक बस पर दो चालक और एक परिचालक भेजा गया है। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम के नियमानुसार 300 किमी की दूरी तय करने पर दूसरे चालक को वाहन की कमान दी जाती है। उन्होंने बताया कि बसें रवाना करने से पहले सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया है। एक बस में केवल 20 यात्रियों को ही भेजा गया है। उन्होंने बताया कि डीएम रमाकांत पांडेय के निर्देश पर ही ये यात्री विभिन्न जिलों के लिए भेजे गए हैं। साथ ही किसी भी यात्री से कोई किराया नहीं वसूला जाएगा। स्टेशन प्रभारी के अनुसार यात्रियों को बसों में बैठाने से पूर्व बस स्टेशन पर ही उनकी थर्मल स्कैनर से जांच की गई।
वहीं लखीमपुर जिले के 13 मजदूर भी धान लगाने के लिए मंडावर के गांव इच्छावाला में आए थे। वे लॉकडाउन होने की वजह से गांव में ही फंस गए थे। प्रशासन को सोमवार को इनके बारे में बताया गया। प्रशासन ने इन मजदूरों के लिए खाना उपलब्ध कराया।
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बिजनौर। देशभर में चल रहे लॉकडाउन के कारण जिला प्रशासन की ओर से विभिन्न स्थानों पर बनाए गए आश्रय स्थलों में ठहरे करीब 140 लोगों को डीएम के निर्देश पर उत्तर प्रदेश परिवहन निगम के बिजनौर डिपो की सात बसों से उनके घरों को भेजा गया। बस स्टेशन प्रभारी अरविंद कुमार शर्मा के अनुसार इलाहाबाद, बलिया, बहराइच, लखीमपुरखीरी आदि स्थानों के लिए 140 लोगों को भेजा गया। किसी भी यात्री से कोई किराया नहीं लिया गया।
प्रत्येक बस पर दो चालक और एक परिचालक भेजा गया है। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम के नियमानुसार 300 किमी की दूरी तय करने पर दूसरे चालक को वाहन की कमान दी जाती है। उन्होंने बताया कि बसें रवाना करने से पहले सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा गया है। एक बस में केवल 20 यात्रियों को ही भेजा गया है। उन्होंने बताया कि डीएम रमाकांत पांडेय के निर्देश पर ही ये यात्री विभिन्न जिलों के लिए भेजे गए हैं। साथ ही किसी भी यात्री से कोई किराया नहीं वसूला जाएगा। स्टेशन प्रभारी के अनुसार यात्रियों को बसों में बैठाने से पूर्व बस स्टेशन पर ही उनकी थर्मल स्कैनर से जांच की गई।
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वहीं लखीमपुर जिले के 13 मजदूर भी धान लगाने के लिए मंडावर के गांव इच्छावाला में आए थे। वे लॉकडाउन होने की वजह से गांव में ही फंस गए थे। प्रशासन को सोमवार को इनके बारे में बताया गया। प्रशासन ने इन मजदूरों के लिए खाना उपलब्ध कराया।
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