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बाढ़ से निपटने की तैयारी शुरू, जिले में 14 बाढ़ चौकियां स्थापित
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:16 AM IST
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नजीबाबाद क्षेत्र के गांव गौसपुर के पास कटाव करती गंगा।
- फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में जिले में बाढ़ से निपटने के लिए अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। इसके लिए बिजनौर, धामपुर और नजीबाबाद में 14 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इन चौकियों पर दो-दो कर्मचारी 30 अक्तूबर तक तील शिफ्टों में 24 घंटे तैनात रहेंगे।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिकारियों ने बिजनौर, नजीबाबाद और धामपुर क्षेत्र में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने को 14 स्थानों पर बाढ़ चौकियां बनाकर उनको 15 जून से सक्रिय कर दिया गया है। इन सभी चौकियों पर 24 घंटे दो- दो कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में 30 अक्तूबर तक लिए ड्यूटी लगा दी है। धामपुर डिवीजन को कंट्रोल कक्ष बनाया गया है। जिसका दूरभाष नंबर विभाग की ओर से जारी कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों की ओर से इन बाढ़ चौकियों के आसपास के सभी गांवों में सुरक्षा जागरूकता समितियों का गठन कर उन्हें भी सक्रिय करने का काम शुरू कर दिया है।
अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू ने बताया कि बिजनौर जिले में छोटी बड़ी मिलाकर कुल 15 नदियां प्रवाहित होती हैं। इन नदियों में गंगा, रिवाड़ी, खो, बनैली, फीका, गांगन, सुखरो, मालन नदी आदि शामिल हैं। इन सभी नदियों के किनारे बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए संवेदनशील प्वाइंटों पर बाढ़ चौकियों को स्थापित कर दिया है। प्रत्येक चौकी पर दो दो कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे ड्यूटी रहेगी। धामपुर डिवीजन के कंट्रोल कक्ष का दूरभाष नंबर 01344-234247 है।
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एक्सईएन ने बताया कि जिन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। वे तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे। शिफ्ट सवेरे छह बजे से दो बजे तक, दो बजे से रात के 10 बजे तक और रात के 10 बजे से दिन के छह बजे तक की होगी। यह चौकियां 30 अक्तूबर तक काम करेंगी।
जनपद में यहां स्थापित हुई हैं बाढ़ निगरानी चौकियां
एक्सईएन ने बताया कि बिजनौर में गंगा नदी के बाएं किनारे पर गांव कुंदनपुर टीप, मिरजापुर, फतेहपुर, समाचंद , शेखपुर खादर, सीमली तक की निगरानी के लिए गांव कुंदनपुर में बाढ़ चौकी बनाई गई है। गांव मीरापुर, कोहरपुर, राजारामपुर से वालावाली तक की निगरानी के लिए गांव कोहरपुर में, उत्तराखंड की सीमा से गांव रावली तक मालन नदी के दोनों किनारे पर स्थित गांव बाकरपुर, यूसुफपुर, खानजहांनुपुर, मुकीमपुर, नजीबाबाद क्षेत्र में उत्तराखंड की सीमा से गांव वालावाली तक गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित गांव गौसपुर आदि गांवों की निगरानी के लिए गांव बाकरपुर में बाढ़ चौकी खोली गई है।
नजीबाबाद-नगीना में खो नदी पर उत्तराखंड की सीमा से गांव भगवानपुर तक खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव ताफीकवाला, चमरावाला, काजीवाला, जग्गुवाला आदि गांवों की निगरानी के लिए गांव चमरावाला में, नजीबाबाद के रिवाड़ी नाला उत्तराखंड की सीमा से मालन नदी तक रिवाड़ी नाले पर स्थित गांव वीरूवाला, ताहरपुर, छोटी भूड़ी, बढियां, बड़ीभूड़ी, नजीबाबाद में सुखरो नदी पर उत्तराखंड की सीमा से खो नदी तक सूखरो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव लालवाला, नजीबाबाद क्षेत्र की ही कोटावाला नदी पर उत्तराखंड की सीमा से गंगा नदी, कोटावाला नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव रामपुरचाटा आदि गांवों की बाढ़ निगरानी को गांव वीरूवाला में चौकी स्थापित की गई है।
धामपुर क्षेत्र में पीली, धारा, बनैली और फीका नदी पर पीली बांध एवं उत्तराखंड की सीमा से रामगंगा नदी तक, पीली धारा, बनैली एवं फीका नदियों के दोनों किनारों पर स्थित समस्त प्रभावित गांव, धामपुर खो नदी पर गांव भगवानपुर के डाउन स्टीम से खो बैराज तक, खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव कोपा, धुराड़ा, शाहलीपुर नीचल, नाथाडोई आदि समस्त प्रभावित गांवों की निगरानी के लिए पीली जलाशय पर स्थित निरीक्षण भवन, धामपुर में खो बैराज के डाउन स्ट्रीम से गांव हादकपुर तक, खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव हादकपुर, नंगला भज्जा आदि समस्त प्रभावित गांवों की निगरानी के लिए बाढ़ चौकी गांव नंगला भज्जा में स्थापित की गई है।
धामपुर में गांव हादकपुर के डाउन स्ट्रीम से स्योहारा ठाकुरद्वारा मार्ग तक, खो नदी के दोनों किनारे पर स्थित गांव तिपरजोत एवं सद्दोबैर आदि समस्त प्रभावित गांवों की सुरक्षा को गांव तिपरजोत में निगरानी चौकी बनाई गई है। धामपुर में खो गांव हादकपुर से डाउन स्ट्रीम से खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव मुकुरपुरी, ज्योतिहिम्मा, गंगाधरपुर, सिपाहियोवाला, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, बिजनौर में गांगन नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव तरकौली गोपालपुर, मोहल्लावाला आदि प्रभावित गांवों की सुरक्षा को गांव सिपाहियोवाला में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। सभी चौकियों का क्षेत्र के जेई को प्रभारी नियुक्त किया गया है।
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अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के अधिकारियों ने बिजनौर, नजीबाबाद और धामपुर क्षेत्र में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने को 14 स्थानों पर बाढ़ चौकियां बनाकर उनको 15 जून से सक्रिय कर दिया गया है। इन सभी चौकियों पर 24 घंटे दो- दो कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में 30 अक्तूबर तक लिए ड्यूटी लगा दी है। धामपुर डिवीजन को कंट्रोल कक्ष बनाया गया है। जिसका दूरभाष नंबर विभाग की ओर से जारी कर दिया गया है। विभाग के अधिकारियों की ओर से इन बाढ़ चौकियों के आसपास के सभी गांवों में सुरक्षा जागरूकता समितियों का गठन कर उन्हें भी सक्रिय करने का काम शुरू कर दिया है।
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अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर के एक्सईएन रामबाबू ने बताया कि बिजनौर जिले में छोटी बड़ी मिलाकर कुल 15 नदियां प्रवाहित होती हैं। इन नदियों में गंगा, रिवाड़ी, खो, बनैली, फीका, गांगन, सुखरो, मालन नदी आदि शामिल हैं। इन सभी नदियों के किनारे बाढ़ की स्थिति पर निगरानी रखने के लिए संवेदनशील प्वाइंटों पर बाढ़ चौकियों को स्थापित कर दिया है। प्रत्येक चौकी पर दो दो कर्मचारियों की तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे ड्यूटी रहेगी। धामपुर डिवीजन के कंट्रोल कक्ष का दूरभाष नंबर 01344-234247 है।
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एक्सईएन ने बताया कि जिन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया है। वे तीन शिफ्टों में ड्यूटी करेंगे। शिफ्ट सवेरे छह बजे से दो बजे तक, दो बजे से रात के 10 बजे तक और रात के 10 बजे से दिन के छह बजे तक की होगी। यह चौकियां 30 अक्तूबर तक काम करेंगी।
जनपद में यहां स्थापित हुई हैं बाढ़ निगरानी चौकियां
एक्सईएन ने बताया कि बिजनौर में गंगा नदी के बाएं किनारे पर गांव कुंदनपुर टीप, मिरजापुर, फतेहपुर, समाचंद , शेखपुर खादर, सीमली तक की निगरानी के लिए गांव कुंदनपुर में बाढ़ चौकी बनाई गई है। गांव मीरापुर, कोहरपुर, राजारामपुर से वालावाली तक की निगरानी के लिए गांव कोहरपुर में, उत्तराखंड की सीमा से गांव रावली तक मालन नदी के दोनों किनारे पर स्थित गांव बाकरपुर, यूसुफपुर, खानजहांनुपुर, मुकीमपुर, नजीबाबाद क्षेत्र में उत्तराखंड की सीमा से गांव वालावाली तक गंगा नदी के बाएं किनारे पर स्थित गांव गौसपुर आदि गांवों की निगरानी के लिए गांव बाकरपुर में बाढ़ चौकी खोली गई है।
नजीबाबाद-नगीना में खो नदी पर उत्तराखंड की सीमा से गांव भगवानपुर तक खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव ताफीकवाला, चमरावाला, काजीवाला, जग्गुवाला आदि गांवों की निगरानी के लिए गांव चमरावाला में, नजीबाबाद के रिवाड़ी नाला उत्तराखंड की सीमा से मालन नदी तक रिवाड़ी नाले पर स्थित गांव वीरूवाला, ताहरपुर, छोटी भूड़ी, बढियां, बड़ीभूड़ी, नजीबाबाद में सुखरो नदी पर उत्तराखंड की सीमा से खो नदी तक सूखरो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव लालवाला, नजीबाबाद क्षेत्र की ही कोटावाला नदी पर उत्तराखंड की सीमा से गंगा नदी, कोटावाला नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव रामपुरचाटा आदि गांवों की बाढ़ निगरानी को गांव वीरूवाला में चौकी स्थापित की गई है।
धामपुर क्षेत्र में पीली, धारा, बनैली और फीका नदी पर पीली बांध एवं उत्तराखंड की सीमा से रामगंगा नदी तक, पीली धारा, बनैली एवं फीका नदियों के दोनों किनारों पर स्थित समस्त प्रभावित गांव, धामपुर खो नदी पर गांव भगवानपुर के डाउन स्टीम से खो बैराज तक, खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव कोपा, धुराड़ा, शाहलीपुर नीचल, नाथाडोई आदि समस्त प्रभावित गांवों की निगरानी के लिए पीली जलाशय पर स्थित निरीक्षण भवन, धामपुर में खो बैराज के डाउन स्ट्रीम से गांव हादकपुर तक, खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव हादकपुर, नंगला भज्जा आदि समस्त प्रभावित गांवों की निगरानी के लिए बाढ़ चौकी गांव नंगला भज्जा में स्थापित की गई है।
धामपुर में गांव हादकपुर के डाउन स्ट्रीम से स्योहारा ठाकुरद्वारा मार्ग तक, खो नदी के दोनों किनारे पर स्थित गांव तिपरजोत एवं सद्दोबैर आदि समस्त प्रभावित गांवों की सुरक्षा को गांव तिपरजोत में निगरानी चौकी बनाई गई है। धामपुर में खो गांव हादकपुर से डाउन स्ट्रीम से खो नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव मुकुरपुरी, ज्योतिहिम्मा, गंगाधरपुर, सिपाहियोवाला, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर, बिजनौर में गांगन नदी के दोनों किनारों पर स्थित गांव तरकौली गोपालपुर, मोहल्लावाला आदि प्रभावित गांवों की सुरक्षा को गांव सिपाहियोवाला में बाढ़ चौकी स्थापित की गई है। सभी चौकियों का क्षेत्र के जेई को प्रभारी नियुक्त किया गया है।