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सड़क हादसे में सीआरपीएफ जवान की मौत
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नूरपुर। छुट्टी काटकर ड्यूटी पर जा रहे सीआरपीएफ के जवान की मुरादाबाद जनपद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव रजपुरा के पास टैंकर की चपेट में आकर मौत हो गई जबकि उसके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए। इसकी सूचना से परिजनों में कोहराम मचा है।
नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पूरनपुर स्याना निवासी नरेंद्र (28) वर्ष 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी तैनाती झारखंड के रांची में थी। नरेंद्र शिवरात्रि पर आठ दिन की छुट्टी लेकर घर आया था। रविवार की सुबह पांच बजे ड्यूटी पर जाने के लिए उसे मुरादाबाद से ट्रेन पकड़नी थी। तड़के चार बजे उसके पिता अतर सिंह बाइक से उसे रेलवे स्टेशन छोड़ने मुरादाबाद जा रहे थे। जैसे ही दोनों छजलैट थाने के गांव रजपुरा के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे शीरे से भरे टैंकर ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे में नरेंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता अतर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना से उसके परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार नरेंद्र माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहने हैं। उसकी करीब दो वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। नरेंद्र की मौत से उसकी पत्नी विंदो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद भागने का प्रयास कर रहे टैंकर चालक को पुलिस ने ऊमरी चौराहा पर बैरिकेडिंग लगाकर पकड़ लिया। समाचार भेजे जाने तक जवान का शव पोस्टमार्टम के बाद घर नहीं पहुंचा था।
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नूरपुर थाना क्षेत्र के गांव पूरनपुर स्याना निवासी नरेंद्र (28) वर्ष 2011 में सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। वर्तमान में उसकी तैनाती झारखंड के रांची में थी। नरेंद्र शिवरात्रि पर आठ दिन की छुट्टी लेकर घर आया था। रविवार की सुबह पांच बजे ड्यूटी पर जाने के लिए उसे मुरादाबाद से ट्रेन पकड़नी थी। तड़के चार बजे उसके पिता अतर सिंह बाइक से उसे रेलवे स्टेशन छोड़ने मुरादाबाद जा रहे थे। जैसे ही दोनों छजलैट थाने के गांव रजपुरा के पास पहुंचे तो सामने से आ रहे शीरे से भरे टैंकर ने उनकी बाइक को चपेट में ले लिया। हादसे में नरेंद्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिता अतर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे की सूचना से उसके परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के अनुसार नरेंद्र माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसकी दो बहने हैं। उसकी करीब दो वर्ष पूर्व ही उसकी शादी हुई थी। नरेंद्र की मौत से उसकी पत्नी विंदो देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे के बाद भागने का प्रयास कर रहे टैंकर चालक को पुलिस ने ऊमरी चौराहा पर बैरिकेडिंग लगाकर पकड़ लिया। समाचार भेजे जाने तक जवान का शव पोस्टमार्टम के बाद घर नहीं पहुंचा था।
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