{"_id":"5a677daf4f1c1b82268b5f08","slug":"131516731823-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्षत्रिय महासभा ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में जताया विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्षत्रिय महासभा ने मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में जताया विरोध
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदर्शित नहीं होने देंगे पद्मावत फिल्म
नजीबाबाद (बिजनौर)। क्षत्रिय महासभा ने जनपद बिजनौर में फिल्म पद्मावत का प्रदर्शन न होने देने की मांग की। महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जनपद के किसी भी सिनेमाघर में फिल्म प्रदर्शित की गई, तो महासभा कड़ा विरोध करेगी।
मंगलवार सुबह क्षत्रिय महासभा का प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार सुरेश कुमार से मिला। महासभा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। जिसमें बताया कि निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म पद्मावत क्षत्रिय समाज की आन बान और शान के खिलाफ है। पद्मावती ने अपना बलिदान दिया था न कि मुगल शासक खिलजी के सामने नृत्य और प्रेम प्रदर्शन किया था। फिल्म का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा, इस दौरान समाज को होने वाली क्षति के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। प्रतिनिधिमंडल में केपी सिंह, राजपाल चौहान, अरुण गहलौत, सजीव चौहान, सुशील चौहान, अशोक सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
नजीबाबाद (बिजनौर)। क्षत्रिय महासभा ने जनपद बिजनौर में फिल्म पद्मावत का प्रदर्शन न होने देने की मांग की। महासभा के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी कि जनपद के किसी भी सिनेमाघर में फिल्म प्रदर्शित की गई, तो महासभा कड़ा विरोध करेगी।
मंगलवार सुबह क्षत्रिय महासभा का प्रतिनिधिमंडल तहसीलदार सुरेश कुमार से मिला। महासभा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। जिसमें बताया कि निर्माता निर्देशक संजय लीला भंसाली द्वारा निर्देशित फिल्म पद्मावत क्षत्रिय समाज की आन बान और शान के खिलाफ है। पद्मावती ने अपना बलिदान दिया था न कि मुगल शासक खिलजी के सामने नृत्य और प्रेम प्रदर्शन किया था। फिल्म का हर स्तर पर विरोध किया जाएगा, इस दौरान समाज को होने वाली क्षति के लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा। प्रतिनिधिमंडल में केपी सिंह, राजपाल चौहान, अरुण गहलौत, सजीव चौहान, सुशील चौहान, अशोक सिंह आदि शामिल रहे।
विज्ञापन