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पदम सिंह ने गन्ने के साथ द्विफसली लेकर उत्पादन में कर दिखाया कमाल
Updated Tue, 23 Jan 2018 12:41 AM IST
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गन्ने के साथ सब्जी उगाकर किया कमाल
बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव मुरलीवाला के किसान पद्म सिंह ने गोबर की खाद से गन्ने के साथ सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन करने का कमाल कर दिखाया। पद्म सिंह का गन्ना करीब 17 फीट लंबा है। इसके सैंपल को गन्ना शोध संस्थान शाहजहांपुर में प्रदर्शन के लिए ले जाया गया है। सोमवार को गन्ना अधिकारियों की टीम ने पद्म सिंह के खेत पर जाकर निरीक्षण किया।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार गांव मुरलीवाला के किसान पद्म सिंह ने पहली बार ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई की है। पद्म सिंह ने गन्ना प्रजाति 238, 118, 435 का बीच बोया था। उसका दावा है कि उसने करीब 80 बीघा गन्ने की बुवाई ट्रैंच विधि से की और यूरिया व अन्य कोई रासायनिक खाद नहीं डाला। खेत में केवल गोबर की खाद का इस्तेमाल किया गया। डीसीओ के अनुसार उनके साथ अफजलगढ़ शुगर मिल के चीफ जनरल मैनेजर एसपी सिंह, गन्ना समिति अफजलगढ़ के सचिव प्रकाशवीर, राजकुमार ढाका ने सोमवार को पद्म सिंह के खेत पर जाकर निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि एक गन्ने की ऊंचाई करीब 17 फीट है। एक मेढे़ में करीब तीस गन्ने हैं, जिनका भार 58 से 60 किलोग्राम है। पद्म सिंह ने गन्ने के साथ मटर, शलजम, गोभी, लहसुन की बुवाई की है। सब्जियों का उत्पादन भी अच्छा है। पद्म सिंह के अनुसार बिना खाद के होने के कारण उसके खेत की सब्जियों की डिमांड बाजार में अधिक है। ट्रैंच विधि से द्विफसली बुवाई करने से उसकी अच्छी कमाई हुई है। डीसीओ के अनुसार पद्म सिंह के गन्ने को प्रदर्शन के लिए मुजफ्फरनगर और अन्य शोध संस्थानों में भेजा जाएगा।
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बिजनौर। अफजलगढ़ क्षेत्र के गांव मुरलीवाला के किसान पद्म सिंह ने गोबर की खाद से गन्ने के साथ सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन करने का कमाल कर दिखाया। पद्म सिंह का गन्ना करीब 17 फीट लंबा है। इसके सैंपल को गन्ना शोध संस्थान शाहजहांपुर में प्रदर्शन के लिए ले जाया गया है। सोमवार को गन्ना अधिकारियों की टीम ने पद्म सिंह के खेत पर जाकर निरीक्षण किया।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार गांव मुरलीवाला के किसान पद्म सिंह ने पहली बार ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई की है। पद्म सिंह ने गन्ना प्रजाति 238, 118, 435 का बीच बोया था। उसका दावा है कि उसने करीब 80 बीघा गन्ने की बुवाई ट्रैंच विधि से की और यूरिया व अन्य कोई रासायनिक खाद नहीं डाला। खेत में केवल गोबर की खाद का इस्तेमाल किया गया। डीसीओ के अनुसार उनके साथ अफजलगढ़ शुगर मिल के चीफ जनरल मैनेजर एसपी सिंह, गन्ना समिति अफजलगढ़ के सचिव प्रकाशवीर, राजकुमार ढाका ने सोमवार को पद्म सिंह के खेत पर जाकर निरीक्षण किया।
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जांच में पाया गया कि एक गन्ने की ऊंचाई करीब 17 फीट है। एक मेढे़ में करीब तीस गन्ने हैं, जिनका भार 58 से 60 किलोग्राम है। पद्म सिंह ने गन्ने के साथ मटर, शलजम, गोभी, लहसुन की बुवाई की है। सब्जियों का उत्पादन भी अच्छा है। पद्म सिंह के अनुसार बिना खाद के होने के कारण उसके खेत की सब्जियों की डिमांड बाजार में अधिक है। ट्रैंच विधि से द्विफसली बुवाई करने से उसकी अच्छी कमाई हुई है। डीसीओ के अनुसार पद्म सिंह के गन्ने को प्रदर्शन के लिए मुजफ्फरनगर और अन्य शोध संस्थानों में भेजा जाएगा।
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