{"_id":"598614494f1c1b234c8b47a4","slug":"131501959241-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बनैली के तटीय बसे गांवों के लोगों में दूसरे दिन भी दहशत, रात भर नहीं सोए ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बनैली के तटीय बसे गांवों के लोगों में दूसरे दिन भी दहशत, रात भर नहीं सोए ग्रामीण
Updated Sun, 06 Aug 2017 12:24 AM IST
विज्ञापन
बनैली के तटीय बसे गांवों में दहशत
अफजलगढ़।
बनैली नदी के तटीय गांवों के लोगों में दूसरे दिन भी दहशत है। लोगों का कहना है कि वह शुक्रवार को पूरी रात नहीं सोए। उन्हें खतरा सता रहा कि नदी में और ज्यादा पानी का गया तो उनका क्या होगा। नदी का जलस्तर अभी कम नहीं हुआ है। लोगों के पशु चारा न मिलने से भूखे चिल्ला रहे हैं।
शुक्रवार सवेरे अचानक बनैदी में आए उफान से नदी के तटीय गांव माननगर, दल्लीबाला, नई बस्ती, मनोहरवाली, शाहपुर जमाल सहित कई गांवों में कई कई फीट पानी आ गया था। किसानों की धान, गन्ने, चारे की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। शनिवार दुपहर तक नदी में कुछ पानी कम हो गया था। पर सिंचाई विभाग की ओर से बगैर सूचना के और पानी छोड़ने से गांवों में फिर नदी का पानी घुस आया। माननगर के पूरन सिंह, होरी सिंह, धर्मा, मूलचंद, भस्सू सिंह , ओमप्रकाश, परसादी सिंह, हरिराज सिंह, रामवीर सिंह, बलवीर सिंह, लीलावती का कहना है कि उनके घर के नहाने खाने को कुछ नहीं बचा। उधर, जेई सिंचाई विभाग पीली डैम लोकेंद्र सिंह का कहना है कि नदी में सुबह तीन हजार क्यूसेक पानी शनिवार को छोड़ा गया है। पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी अलग से है। पानी छोड़ने की सूचना रेहड़ पुलिस को दे दी थी।
तेज धार के कटाव से नंगला कोपा मार्ग ध्वस्त
शेरकोट। खो नदी में शनिवार को दूसरे दिन करीब 50 हजार क्यूूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। नदी की तेज धार से गांव कोपा और नंगला के बीच बना डामर मार्ग ध्वस्त हो गया है। जिससे कई गांवों का संपर्क खत्म होने से ग्रामीणों में असंतोष है। लोगों का कहना है कि यदि उनके गांव कोई बीमार हो जाए। तो वह उसका उपचार कराने को अब कौन से मार्ग से धामपुर या अन्य स्थान पर पहुंचेंगे। नदी का कटाव लगातार होने से नदी के सभी तटीय गांवों के लोगों में दहशत है।
विज्ञापन
एसडीएम को कई गांवों का दौरा
एसडीएम वीके सिंह ने शनिवार को विभाग के अधिकारियों के साथ खो नदी के तटीय गांव शाहअलीपुर नीचल, धुराड़ा, कोपा, नंगला, नाथाडोई, नंदगांव सहित कई गांवों में मुनादी करा दी है कि वह इन गांवों से दूसरे आसपास के गांवों में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो गए। क्योंकि खो नदी पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश होने से उफान पर है। एसडीएम ने बताया कि कोपा - नंगला डामर मार्ग के कटाव से ध्वस्त होने से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इस मार्ग को जल्द ठीक कराने को लोनिवि व टूटे तटबंधों को ठीक करने को सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
अफजलगढ़।
बनैली नदी के तटीय गांवों के लोगों में दूसरे दिन भी दहशत है। लोगों का कहना है कि वह शुक्रवार को पूरी रात नहीं सोए। उन्हें खतरा सता रहा कि नदी में और ज्यादा पानी का गया तो उनका क्या होगा। नदी का जलस्तर अभी कम नहीं हुआ है। लोगों के पशु चारा न मिलने से भूखे चिल्ला रहे हैं।
शुक्रवार सवेरे अचानक बनैदी में आए उफान से नदी के तटीय गांव माननगर, दल्लीबाला, नई बस्ती, मनोहरवाली, शाहपुर जमाल सहित कई गांवों में कई कई फीट पानी आ गया था। किसानों की धान, गन्ने, चारे की फसल जलमग्न होने से बर्बाद हो गई। शनिवार दुपहर तक नदी में कुछ पानी कम हो गया था। पर सिंचाई विभाग की ओर से बगैर सूचना के और पानी छोड़ने से गांवों में फिर नदी का पानी घुस आया। माननगर के पूरन सिंह, होरी सिंह, धर्मा, मूलचंद, भस्सू सिंह , ओमप्रकाश, परसादी सिंह, हरिराज सिंह, रामवीर सिंह, बलवीर सिंह, लीलावती का कहना है कि उनके घर के नहाने खाने को कुछ नहीं बचा। उधर, जेई सिंचाई विभाग पीली डैम लोकेंद्र सिंह का कहना है कि नदी में सुबह तीन हजार क्यूसेक पानी शनिवार को छोड़ा गया है। पहाड़ों पर हो रही बारिश का पानी अलग से है। पानी छोड़ने की सूचना रेहड़ पुलिस को दे दी थी।
विज्ञापन
तेज धार के कटाव से नंगला कोपा मार्ग ध्वस्त
शेरकोट। खो नदी में शनिवार को दूसरे दिन करीब 50 हजार क्यूूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। नदी की तेज धार से गांव कोपा और नंगला के बीच बना डामर मार्ग ध्वस्त हो गया है। जिससे कई गांवों का संपर्क खत्म होने से ग्रामीणों में असंतोष है। लोगों का कहना है कि यदि उनके गांव कोई बीमार हो जाए। तो वह उसका उपचार कराने को अब कौन से मार्ग से धामपुर या अन्य स्थान पर पहुंचेंगे। नदी का कटाव लगातार होने से नदी के सभी तटीय गांवों के लोगों में दहशत है।
विज्ञापन
एसडीएम को कई गांवों का दौरा
एसडीएम वीके सिंह ने शनिवार को विभाग के अधिकारियों के साथ खो नदी के तटीय गांव शाहअलीपुर नीचल, धुराड़ा, कोपा, नंगला, नाथाडोई, नंदगांव सहित कई गांवों में मुनादी करा दी है कि वह इन गांवों से दूसरे आसपास के गांवों में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो गए। क्योंकि खो नदी पहाड़ों पर लगातार भारी बारिश होने से उफान पर है। एसडीएम ने बताया कि कोपा - नंगला डामर मार्ग के कटाव से ध्वस्त होने से संपर्क पूरी तरह से कट गया है। इस मार्ग को जल्द ठीक कराने को लोनिवि व टूटे तटबंधों को ठीक करने को सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं।