{"_id":"5c7acaf1bdec222bf4529e52","slug":"121551551217-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बछड़े के पेट से निकली 35 किलो पॉलिथीन, प्लास्टिक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बछड़े के पेट से निकली 35 किलो पॉलिथीन, प्लास्टिक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पॉलिथिन खाने से बछड़े की मौत
बिजनौर। पॉलिथीन में बंद खाद्य पदार्थ खाने से एक बछड़े की मौत हो गई। बछड़े का पोस्टमार्टम हुआ तो उसके पेट से करीब 35 किलो पॉलिथीन निकली। पॉलिथीन ने ही बछड़े की जान ले ली। पशुपालन विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को दे दी है।
प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण पर विशेष जोर दे रही है। नगर पालिकाओं में कान्हा पशु आश्रय स्थल गोशाला व देहात में कांजी हाउस बनवाए जा रहे हैं। वहां पर निराश्रित घूमने वाले गोवंश को रखा जा रहा है। निराश्रित घूमने वाले गोवंश में से बीमार गोवंश का उपचार का भी किया जा रहा है। गांव रेहड़ में कांजी हाउस में भी एक बछड़े को बीमार हालत में लाया गया था। चिकित्सकों ने उसका उपचार किया, लेकिन बछड़े की मौत हो गई। कासमपुर गढ़ी के पशु चिकित्सा प्रभारी डा.एसपी सिंह ने बछड़े के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में बछड़े के शव के पेट से करीब 35 किलो पॉलिथीन, प्लास्टिक के टुकड़े व कपड़ा बरामद हुआ। पशु चिकित्सक भी बछड़े के पेट में इतनी बड़ी मात्रा में पॉलिथीन देखकर दंग रह गए। बहुत से परिवार घर से बचे खाद्य पदार्थों के अपशिष्ट को पॉलिथीन में बंद करके फेंकते हैं। पशु पॉलिथीन समेत ही इन खाद्य पदार्थों को खा जाते हैं। यह पॉलिथीन पशु के पेट में जाकर गलती नहीं है व आंत आदि में अटक जाती है। इससे पशु की बहुत दर्दनाक मौत होती है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि उक्त चिकित्सक की मौत भी ऐसे ही खाद्य पदार्थों में लिपटी पॉलिथीन खाने से हुई है।
पॉलिथीन में बंद कर न फेंके खाद्य पदार्थ: भूपेंद्र सिंह
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह के अनुसार पॉलिथीन का इस्तेमाल तो प्रतिबंधित है। फिर भी पॉलिथीन में खाद्य पदार्थ बंद करके पशुओं के सामने फेंक दिए जाते हैं। कोई भी ऐसा न करे अन्यथा पशुओं की होने वाली असमय व दर्दनाक मौत के लिए ऐसे लोग नैतिक रूप से जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। पॉलिथीन में बंद खाद्य पदार्थ खाने से एक बछड़े की मौत हो गई। बछड़े का पोस्टमार्टम हुआ तो उसके पेट से करीब 35 किलो पॉलिथीन निकली। पॉलिथीन ने ही बछड़े की जान ले ली। पशुपालन विभाग ने इसकी रिपोर्ट शासन को दे दी है।
प्रदेश सरकार गोवंश संरक्षण पर विशेष जोर दे रही है। नगर पालिकाओं में कान्हा पशु आश्रय स्थल गोशाला व देहात में कांजी हाउस बनवाए जा रहे हैं। वहां पर निराश्रित घूमने वाले गोवंश को रखा जा रहा है। निराश्रित घूमने वाले गोवंश में से बीमार गोवंश का उपचार का भी किया जा रहा है। गांव रेहड़ में कांजी हाउस में भी एक बछड़े को बीमार हालत में लाया गया था। चिकित्सकों ने उसका उपचार किया, लेकिन बछड़े की मौत हो गई। कासमपुर गढ़ी के पशु चिकित्सा प्रभारी डा.एसपी सिंह ने बछड़े के शव का पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम में बछड़े के शव के पेट से करीब 35 किलो पॉलिथीन, प्लास्टिक के टुकड़े व कपड़ा बरामद हुआ। पशु चिकित्सक भी बछड़े के पेट में इतनी बड़ी मात्रा में पॉलिथीन देखकर दंग रह गए। बहुत से परिवार घर से बचे खाद्य पदार्थों के अपशिष्ट को पॉलिथीन में बंद करके फेंकते हैं। पशु पॉलिथीन समेत ही इन खाद्य पदार्थों को खा जाते हैं। यह पॉलिथीन पशु के पेट में जाकर गलती नहीं है व आंत आदि में अटक जाती है। इससे पशु की बहुत दर्दनाक मौत होती है। पशु चिकित्सकों का कहना है कि उक्त चिकित्सक की मौत भी ऐसे ही खाद्य पदार्थों में लिपटी पॉलिथीन खाने से हुई है।
विज्ञापन
पॉलिथीन में बंद कर न फेंके खाद्य पदार्थ: भूपेंद्र सिंह
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा.भूपेंद्र सिंह के अनुसार पॉलिथीन का इस्तेमाल तो प्रतिबंधित है। फिर भी पॉलिथीन में खाद्य पदार्थ बंद करके पशुओं के सामने फेंक दिए जाते हैं। कोई भी ऐसा न करे अन्यथा पशुओं की होने वाली असमय व दर्दनाक मौत के लिए ऐसे लोग नैतिक रूप से जिम्मेदार होंगे।
विज्ञापन