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छह हजार और किसानों का 42 करोड़ कर्ज होगा माफ
Updated Fri, 04 May 2018 12:36 AM IST
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बिजनौर। मुख्यमंत्री फसल ऋण मोचन योजना में जिले के पांच हजार 831 और किसान पात्र मिल गए हैं। अब जल्दी ही इन किसानों का कर्ज माफ होगा। कर्ज माफी के लिए कृषि विभाग ने शासन को डिमांड भेज दी है।
प्रदेश सरकार ने दो हेक्टेयर (25 बीघा) जमीन वाले किसानों को योजना में शामिल किया था। शासनादेश के अनुसार 31 मार्च 2016 से पहले ऋण लेने वाले, 31 मार्च 2017 तक ऋण जमा न करने वाले किसानों के कर्ज से कुल एक लाख रुपये तक की राशि माफ की गई। योजना में जिले के 78 हजार 706 किसानों का अब तक 549 करोड़ रुपया माफ हो चुका है। इनमें एनपीए खाते वाले 6976 किसानों का 88.35 करोड़ रुपये का ऋण भी शामिल है। पात्र होने के बाद भी ऋण माफी से वंचित रह गए किसानों को शासन ने एक मौका दिया था। ऐसे किसानों को कृषि विभाग में आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा गया था। जिले के 22 हजार 364 किसानों ने खुद को योजना का पात्र बताकर आपत्ति दर्ज कराई थी। जांच में 5831 किसान ऋण माफी के पात्र निकले हैं। इन पर 42 करोड़ चार लाख का कर्ज है। जिला कृषि अधिकारी/योजना के नोडल अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार पात्रों की सूची व राशि की डिमांड शासन को भेज दी गई है। जल्दी ही इन किसानों को योजना का लाभ मिलने का अनुमान है।
ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
- किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
- किसान पर दो हेक्टेअर/25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो।
- किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
- खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
- अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा। - चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
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- किसान द्वारा ऋण राशि का दुरूपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
- फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
- किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
- किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
- किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
- खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
- 25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।
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प्रदेश सरकार ने दो हेक्टेयर (25 बीघा) जमीन वाले किसानों को योजना में शामिल किया था। शासनादेश के अनुसार 31 मार्च 2016 से पहले ऋण लेने वाले, 31 मार्च 2017 तक ऋण जमा न करने वाले किसानों के कर्ज से कुल एक लाख रुपये तक की राशि माफ की गई। योजना में जिले के 78 हजार 706 किसानों का अब तक 549 करोड़ रुपया माफ हो चुका है। इनमें एनपीए खाते वाले 6976 किसानों का 88.35 करोड़ रुपये का ऋण भी शामिल है। पात्र होने के बाद भी ऋण माफी से वंचित रह गए किसानों को शासन ने एक मौका दिया था। ऐसे किसानों को कृषि विभाग में आपत्ति दर्ज कराने के लिए कहा गया था। जिले के 22 हजार 364 किसानों ने खुद को योजना का पात्र बताकर आपत्ति दर्ज कराई थी। जांच में 5831 किसान ऋण माफी के पात्र निकले हैं। इन पर 42 करोड़ चार लाख का कर्ज है। जिला कृषि अधिकारी/योजना के नोडल अधिकारी अवधेश मिश्रा के अनुसार पात्रों की सूची व राशि की डिमांड शासन को भेज दी गई है। जल्दी ही इन किसानों को योजना का लाभ मिलने का अनुमान है।
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ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
- किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
- किसान पर दो हेक्टेअर/25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो।
- किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
- खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं देयता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं होगा।
- अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं होगा। - चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
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- किसान द्वारा ऋण राशि का दुरूपयोग करने पर ऋण माफ नहीं होगा।
- फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं होगा।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
- किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
- किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
- किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
- खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
- 25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा करेगा।