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जमीयत का सम्मेलन
Updated Mon, 23 Apr 2018 12:16 AM IST
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बिजनौर। जमीयत-उलमा-ए-हिंद की ओर से सामाजिक एकता सम्मेलन का आयोजन किया गया। देश की तरक्की के लिए एक साथ मिलकर काम करने का आह्वान किया गया।
टाउन हॉल में आयोजित सम्मेलन का आगाज कारी शमीत ने तिलावे कुरान व शफक बिजनौरी ने देशभक्ति गीत से किया। वक्ताओं ने दलित, मुस्लिम, पिछड़े व अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की हिफाजत पर जोर दिया। कहा कि समाज में एक-दूसरे के बारे में गलतफहमी फैलाई जा रही हैं, आपस में मिलकर इन्हें दूर करना है। तभी हिंदुस्तान की तरक्की होगी। कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद सांप्रदायिक एकता के लिए प्रयासरत है। कहा कि कुछ लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए समाज के वर्गों को लड़ाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। सम्मेलन में संविधान व अधिकारों की सुरक्षा करने, कमजोर वर्ग के लोगों पर हो रहे जुर्म के खिलाफ मिलकर आवाज उठाने, देश की उन्नति के लिए मिलकर प्रयास करने के प्रस्ताव पारित किए गए। सम्मेलन की अध्यक्षता कारी अरशद महमूद कासमी, संचालन मुफ्ती शमशुद्दीन व कारी शुऐब ने किया। सम्मेलन में मौलाना हफीमुद्दीन, मुफ्ती हन्नान, मुफ्ती उवेश अकरम, गुलाब नबी, नौबहार सिंह, मदनपाल सिंह, विजेंद्र, रामनाथ, सुरेश, गंगाराम, मुफ्ती अब्दुल्लाह, अखिलेश हितैषी, शमशाद अंसारी आदि मौजूद रहे।
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टाउन हॉल में आयोजित सम्मेलन का आगाज कारी शमीत ने तिलावे कुरान व शफक बिजनौरी ने देशभक्ति गीत से किया। वक्ताओं ने दलित, मुस्लिम, पिछड़े व अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों की हिफाजत पर जोर दिया। कहा कि समाज में एक-दूसरे के बारे में गलतफहमी फैलाई जा रही हैं, आपस में मिलकर इन्हें दूर करना है। तभी हिंदुस्तान की तरक्की होगी। कहा कि जमीयत उलमा-ए-हिंद सांप्रदायिक एकता के लिए प्रयासरत है। कहा कि कुछ लोग अपना उल्लू सीधा करने के लिए समाज के वर्गों को लड़ाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं। सम्मेलन में संविधान व अधिकारों की सुरक्षा करने, कमजोर वर्ग के लोगों पर हो रहे जुर्म के खिलाफ मिलकर आवाज उठाने, देश की उन्नति के लिए मिलकर प्रयास करने के प्रस्ताव पारित किए गए। सम्मेलन की अध्यक्षता कारी अरशद महमूद कासमी, संचालन मुफ्ती शमशुद्दीन व कारी शुऐब ने किया। सम्मेलन में मौलाना हफीमुद्दीन, मुफ्ती हन्नान, मुफ्ती उवेश अकरम, गुलाब नबी, नौबहार सिंह, मदनपाल सिंह, विजेंद्र, रामनाथ, सुरेश, गंगाराम, मुफ्ती अब्दुल्लाह, अखिलेश हितैषी, शमशाद अंसारी आदि मौजूद रहे।