{"_id":"5ac3c29b4f1c1b1a6a8b5313","slug":"121522778779-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"101 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
101 महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:40 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कलश यात्रा के साथ भक्तमाल की कथा शुरू
धामपुर (बिजनौर)। गांव पाडली मांडू में महिला श्रद्धालुओं ने मंगलवार को गांव में कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में 101 महिला श्रद्धालु शामिल हुई। सभी महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण कर सिर पर कलश धारण कर रखे थे। जो भजन कीर्तन करती हुई चल रही थी।
गांव पाडली मांडू भक्तमाल की कथा की शुरू करने से पहले कलश यात्रा निकाली। यात्रा ने समूचे गांव का भ्रमण किया। कथा वाचक सत्यकाम कृष्ण गौड़ ने कहा कि हमारे समाज में वहीं पुत्र धन्य है जो अपने माता पिता का आज्ञाकारी है। उनकी आज्ञा का पालन करता है। बड़ों का आदर सत्कार करता है और अपने छोटों को प्रेम देता है। जिस घर में आध्यात्मिक कार्यक्रमों में आयोजन होता रहता है। उस घर में भगवान का वास होता है। परिवार के सदस्य लक्ष्य की पूर्ति की ओर से अग्रसर रहते है। उनके बिगड़े व उलझे कार्य सफल होते है। उनका कोई बुराईयां नहीं होता। उनके आदर्शों का चहुंमुखी बखान रहता है। कलश यात्रा में इंद्रमणी शर्मा, आशीष शर्मा , परिधि शर्मा, सरिता, कमलेश, बबीता, रेखा, अंजली, सरोज, रजनी, सुमन देवी रही। यात्रा का गांव में कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत हुआ। बैंड बाजा धार्मिक धुन गाता चल रहा था। बताया गया कि गांव के श्रद्धालुओं की ओर से आठ दिवसीय भक्तमाल की कथा का आयोजन होगा।
विज्ञापन
धामपुर (बिजनौर)। गांव पाडली मांडू में महिला श्रद्धालुओं ने मंगलवार को गांव में कलश यात्रा निकाली। कलश यात्रा में 101 महिला श्रद्धालु शामिल हुई। सभी महिलाओं ने पीत वस्त्र धारण कर सिर पर कलश धारण कर रखे थे। जो भजन कीर्तन करती हुई चल रही थी।
गांव पाडली मांडू भक्तमाल की कथा की शुरू करने से पहले कलश यात्रा निकाली। यात्रा ने समूचे गांव का भ्रमण किया। कथा वाचक सत्यकाम कृष्ण गौड़ ने कहा कि हमारे समाज में वहीं पुत्र धन्य है जो अपने माता पिता का आज्ञाकारी है। उनकी आज्ञा का पालन करता है। बड़ों का आदर सत्कार करता है और अपने छोटों को प्रेम देता है। जिस घर में आध्यात्मिक कार्यक्रमों में आयोजन होता रहता है। उस घर में भगवान का वास होता है। परिवार के सदस्य लक्ष्य की पूर्ति की ओर से अग्रसर रहते है। उनके बिगड़े व उलझे कार्य सफल होते है। उनका कोई बुराईयां नहीं होता। उनके आदर्शों का चहुंमुखी बखान रहता है। कलश यात्रा में इंद्रमणी शर्मा, आशीष शर्मा , परिधि शर्मा, सरिता, कमलेश, बबीता, रेखा, अंजली, सरोज, रजनी, सुमन देवी रही। यात्रा का गांव में कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत हुआ। बैंड बाजा धार्मिक धुन गाता चल रहा था। बताया गया कि गांव के श्रद्धालुओं की ओर से आठ दिवसीय भक्तमाल की कथा का आयोजन होगा।
विज्ञापन