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सालों बाद विदुर कुटी आश्रम के सामने पहुंची गंगा
Updated Sat, 15 Jul 2017 01:03 AM IST
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दारानगरगंज। पहाड़ों पर हो रही बारिश के बाद गंगा में जल बढ़ने से गंगा वर्षों बाद महात्मा विदुर की कुटी पर लौट आई है।
गंगा का जल बढ़ने से किसानों की फसल नष्ट होने लगी है। भू माफिया को भी नुकसान हो रहा है। भू माफिया ने गंगा क्षेत्र की काफी जगह पर कब्जा करके फसल उगा रखी है। किसान पशुओं के लिए चारा लाने के लिए तरस गए। खेतों पर किसानों का आना जाना बंद हो गया है। गंगा के निकट बसे गांव लखपतनगर, विदुरकुटी के सामने, दारानगरगंज, निजामतपुर, जहानाबाद, महमूदा खादर, सलेमपुर, ढोलनपुर में पानी आने का खतरा बढ़ गया है।
विदुर कुटी के सामने गंगा के बीच में बने राधा-कृष्ण स्वतंत्र आश्रम भी गंगा की चपेट में आ गया है। आश्रम के चारों ओर पानी भरा है। आश्रम ऊंचा होने के कारण पानी आश्रम के अंदर नहीं घूस पाया है। आश्रम की कुटिया पानी में बह गई है। आश्रम के लिए खाने पीने का सामान लाने के लिए काफी दिक्कत हो रही है। विदुर कुटी पर फिर से गंगा का देखकर श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे हैं। श्रद्धालु चाहते हैं कि गंगा की धार पहले की तरह विदुर कुटी तक बहे।
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गंगा का जल बढ़ने से किसानों की फसल नष्ट होने लगी है। भू माफिया को भी नुकसान हो रहा है। भू माफिया ने गंगा क्षेत्र की काफी जगह पर कब्जा करके फसल उगा रखी है। किसान पशुओं के लिए चारा लाने के लिए तरस गए। खेतों पर किसानों का आना जाना बंद हो गया है। गंगा के निकट बसे गांव लखपतनगर, विदुरकुटी के सामने, दारानगरगंज, निजामतपुर, जहानाबाद, महमूदा खादर, सलेमपुर, ढोलनपुर में पानी आने का खतरा बढ़ गया है।
विदुर कुटी के सामने गंगा के बीच में बने राधा-कृष्ण स्वतंत्र आश्रम भी गंगा की चपेट में आ गया है। आश्रम के चारों ओर पानी भरा है। आश्रम ऊंचा होने के कारण पानी आश्रम के अंदर नहीं घूस पाया है। आश्रम की कुटिया पानी में बह गई है। आश्रम के लिए खाने पीने का सामान लाने के लिए काफी दिक्कत हो रही है। विदुर कुटी पर फिर से गंगा का देखकर श्रद्धालुओं के चेहरे खिल उठे हैं। श्रद्धालु चाहते हैं कि गंगा की धार पहले की तरह विदुर कुटी तक बहे।
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