{"_id":"5b82fc2b42c7924631102903","slug":"11535310891-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"केरल बाढ़ पीड़ितों की सुख-शांति को किया गायत्री महायज्ञ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केरल बाढ़ पीड़ितों की सुख-शांति को किया गायत्री महायज्ञ
Updated Mon, 27 Aug 2018 12:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहनों ने भाई की कलाई पर बांध स्नेह का बंधन
नजीबाबाद। नगर व ग्रामीण अंचलों में परंपरागत ढंग से बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह का धागा बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। बहनों ने भाईयों को राखी बांधकर तिलक उन्हें मिठाई खिलाकर उनकी दीर्घायु की कामना की, वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। केरल में बाढ़ पीड़ितों की सुख-शांति के लिए गायत्री साधकों ने पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ किया।
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार की तड़के से शुरू वर्षा दोपहर तक जारी रही। बहनों का भाइयों के प्रति अटूट प्रेम भारी वर्षा पर भी भारी पड़ा। नगर व ग्रामीण अंचलों में बहनों ने भाइयों की कलाई राखी बांधकर उनकी मंगलकामना करते हुए मिठाई खिलाई वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा के संकल्प के साथ उन्हें उपहार दिए। श्रावणी पूर्णिमा पर गायत्री साधकों ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की सुख-शांति के लिए पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया। डॉ.दीपक कुमार ने कहा कि केरल में आई दैवी आपदा से बाढ़ पीड़ितों को उभारने के लिए यज्ञ आवश्यक है। उन्होंने गायत्री साधकों को केरल के बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की सलाह दी। गायत्री साधकों ने रक्षा बंधन पर्व पर केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपनी एक दिन की आय देने का संकल्प लिया। गायत्री शक्तिपीठ के अध्यक्ष कमल शर्मा, सचिव जितेंद्र सिंह, डॉ.एस.प्रसाद, राज भटनागर, विनीता, ऊषा गुप्ता, विमलेश सहित अनेक गायत्री साधकों ने यज्ञ में आहुति दी।
विज्ञापन
नजीबाबाद। नगर व ग्रामीण अंचलों में परंपरागत ढंग से बहनों ने भाइयों की कलाई पर स्नेह का धागा बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। बहनों ने भाईयों को राखी बांधकर तिलक उन्हें मिठाई खिलाकर उनकी दीर्घायु की कामना की, वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। केरल में बाढ़ पीड़ितों की सुख-शांति के लिए गायत्री साधकों ने पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ किया।
नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार की तड़के से शुरू वर्षा दोपहर तक जारी रही। बहनों का भाइयों के प्रति अटूट प्रेम भारी वर्षा पर भी भारी पड़ा। नगर व ग्रामीण अंचलों में बहनों ने भाइयों की कलाई राखी बांधकर उनकी मंगलकामना करते हुए मिठाई खिलाई वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा के संकल्प के साथ उन्हें उपहार दिए। श्रावणी पूर्णिमा पर गायत्री साधकों ने केरल के बाढ़ पीड़ितों की सुख-शांति के लिए पांच कुंडीय गायत्री यज्ञ का आयोजन किया। डॉ.दीपक कुमार ने कहा कि केरल में आई दैवी आपदा से बाढ़ पीड़ितों को उभारने के लिए यज्ञ आवश्यक है। उन्होंने गायत्री साधकों को केरल के बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद की सलाह दी। गायत्री साधकों ने रक्षा बंधन पर्व पर केरल के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए अपनी एक दिन की आय देने का संकल्प लिया। गायत्री शक्तिपीठ के अध्यक्ष कमल शर्मा, सचिव जितेंद्र सिंह, डॉ.एस.प्रसाद, राज भटनागर, विनीता, ऊषा गुप्ता, विमलेश सहित अनेक गायत्री साधकों ने यज्ञ में आहुति दी।
विज्ञापन