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मेहनत मजदूरी करने वाला कुलदीप बनेगा डाक्टर
Updated Fri, 20 Jul 2018 01:05 AM IST
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ढबारसी (अमरोहा) न तो शहर में जाकर तैयारी की और न ही किसी तरह का ऐशोआराम। पिता के साथ मेहनत मजदूरी करने वाला ढबारसी का कुलदीप डाक्टर बनेगा। नीट परीक्षा 2018 उत्तीर्ण करने वाले कुलदीप को कनौज मेडिकल कालेज में दाखिला मिला है। कुलदीप ने गांव में ही रहकर नीट परीक्षा की तैयारी की और उत्तीर्ण होकर अपने सपनों को पंख लगाया।
ढबारसी निवासी सर्वेश कुमार दो बीघा जमीन में खेती करते हैं। पूरा परिवार ट्रैक्टर ट्रॉली से मेहनत मजदूरी कर घर का खर्चा निकालता है। सर्वेश के तीन बेटे और एक बेटी है। सर्वेश के दूसरे नंबर के बेटे कुलदीप सिंह ने गांव के ही नेहरू मेमोरियल इंटर कालेज से हाईस्कूल की परीक्षा 70 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। जबकि इंटर की परीक्षा 84 फीसदी अंकों के साथ पास की। कुलदीप का जज्बा कुछ कर गुजरने का था। इसके बाद उसने डाक्टर बनने का सपना लेकर नीट की तैयारी शुरू कर दी। गांव में ही पिता के कामों में हाथ बंटाता रहा। ट्रैक्टर ट्राली पर मेहनत मजदूरी करता रहा। साथ ही नीट की तैयारी भी करता रहा। वर्ष 2018 की नीट परीक्षा में 381 अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण किया। स्टेट काउंसिलिंग में कुलदीप का चयन कर लिया गया। कुलदीप को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए राजकीय मेडिकल कन्नौज में दाखिला मिला है। कुलदीप के चयन से एक ओर जहां परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं ढबारसी के लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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ढबारसी निवासी सर्वेश कुमार दो बीघा जमीन में खेती करते हैं। पूरा परिवार ट्रैक्टर ट्रॉली से मेहनत मजदूरी कर घर का खर्चा निकालता है। सर्वेश के तीन बेटे और एक बेटी है। सर्वेश के दूसरे नंबर के बेटे कुलदीप सिंह ने गांव के ही नेहरू मेमोरियल इंटर कालेज से हाईस्कूल की परीक्षा 70 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण की। जबकि इंटर की परीक्षा 84 फीसदी अंकों के साथ पास की। कुलदीप का जज्बा कुछ कर गुजरने का था। इसके बाद उसने डाक्टर बनने का सपना लेकर नीट की तैयारी शुरू कर दी। गांव में ही पिता के कामों में हाथ बंटाता रहा। ट्रैक्टर ट्राली पर मेहनत मजदूरी करता रहा। साथ ही नीट की तैयारी भी करता रहा। वर्ष 2018 की नीट परीक्षा में 381 अंक प्राप्त कर उत्तीर्ण किया। स्टेट काउंसिलिंग में कुलदीप का चयन कर लिया गया। कुलदीप को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए राजकीय मेडिकल कन्नौज में दाखिला मिला है। कुलदीप के चयन से एक ओर जहां परिवार में खुशी का माहौल है। वहीं ढबारसी के लोग भी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं।
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