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मां-बेटों का बैराज गंगा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
Updated Sun, 03 Jun 2018 11:53 PM IST
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संजीव के भतीजे गौरव ने दी तीनों को मुखाग्नि
गजरौला शिव। शुक्रवार को असम राज्य के डिब्रूगढ़ में हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए तीनों मां-बेटों को नम आंखों से भावभीनी विदाई दी गई। रविवार को बैराज गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक साथ तीन-तीन शवों को देखकर लोगों का मुंह कलेजे को आ गया। संजीव के भतीजे गौरव ने मुखाग्नि देकर फर्ज अदा किया। आसपास के क्षेत्र और गांव वालों ने शव यात्रा में शामिल हुए।
थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के ग्राम फिरोजपुर मुबारक उर्फ नयागांव निवासी संजीव कुमार अपनी पत्नी मोनिका (40) और दो पुत्रों सक्षम और प्रियम के साथ असम राज्य के डिबूगढ़ में रहते थे। परिजनों के अनुसार संजीव कुमार पिछले करीब 20 वर्षों से असम में रहते हैं। वे वहां की एक चाय बागान में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी पत्नी मोनिका वहां के एक कॉलेज में प्रोफेसर थीं। मोनिका अपने बड़े बेटे सक्षम कुमार (18) तथा छोटे पुत्र प्रियम कुमार (15) के साथ अपनी स्वीफ्ट डिजायर कार से किसी आवश्यक कार्य से कहीं जा रही थीं। कार सक्षम चला रहा था। इसी दौरान अचानक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ टकराकर गहरी खाई में जा गिरी। अस्पताल में उपचार के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया था। एक साथ तीन मौतों से संजीव पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्राम नयागांव में एक ही परिवार में हुई तीन मौतों से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। तीनों का शव असम से दिल्ली तक विमान से, जबकि दिल्ली से नयागांव तक एंबुलेंस द्वारा लाया गया। रविवार को तीनों को अश्रूपूर्ण विदाई दी गई। तीनों का अंतिम संस्कार बैराज गंगा घाट पर कर दिया गया। संजीव के भतीजे गौरव कुमार ने तीनों को मुखाग्नि दी। मौत की खबर सुनते ही आसपास के गांव पेदा, कच्छपुरा, जमालपुर पठानी आदि में शोक की लहर दौड़ गई। संवेदना व्यक्त करने वालों का संजीव के घर पर तांता लगा रहा।
शव यात्रा में शामिल नहीं हुआ कोई जनप्रतिनिधि
संजीव और उसके परिजनों को यही टीस है कि संजीव की पत्नी और दो पुत्रों की एक साथ हुई मौत से उसका सब कुछ लुट गया। इसके बावजूद सरकार के किसी नुमाइंदे अथवा किसी जनप्रतिनिधि ने नया गांव पहुंचकर संवेदना व्यक्त करना तक गंवारा नहीं किया।
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गजरौला शिव। शुक्रवार को असम राज्य के डिब्रूगढ़ में हुई सड़क दुर्घटना में मारे गए तीनों मां-बेटों को नम आंखों से भावभीनी विदाई दी गई। रविवार को बैराज गंगा घाट पर उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक साथ तीन-तीन शवों को देखकर लोगों का मुंह कलेजे को आ गया। संजीव के भतीजे गौरव ने मुखाग्नि देकर फर्ज अदा किया। आसपास के क्षेत्र और गांव वालों ने शव यात्रा में शामिल हुए।
थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के ग्राम फिरोजपुर मुबारक उर्फ नयागांव निवासी संजीव कुमार अपनी पत्नी मोनिका (40) और दो पुत्रों सक्षम और प्रियम के साथ असम राज्य के डिबूगढ़ में रहते थे। परिजनों के अनुसार संजीव कुमार पिछले करीब 20 वर्षों से असम में रहते हैं। वे वहां की एक चाय बागान में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी पत्नी मोनिका वहां के एक कॉलेज में प्रोफेसर थीं। मोनिका अपने बड़े बेटे सक्षम कुमार (18) तथा छोटे पुत्र प्रियम कुमार (15) के साथ अपनी स्वीफ्ट डिजायर कार से किसी आवश्यक कार्य से कहीं जा रही थीं। कार सक्षम चला रहा था। इसी दौरान अचानक कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े पेड़ टकराकर गहरी खाई में जा गिरी। अस्पताल में उपचार के दौरान तीनों ने दम तोड़ दिया था। एक साथ तीन मौतों से संजीव पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा। ग्राम नयागांव में एक ही परिवार में हुई तीन मौतों से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। तीनों का शव असम से दिल्ली तक विमान से, जबकि दिल्ली से नयागांव तक एंबुलेंस द्वारा लाया गया। रविवार को तीनों को अश्रूपूर्ण विदाई दी गई। तीनों का अंतिम संस्कार बैराज गंगा घाट पर कर दिया गया। संजीव के भतीजे गौरव कुमार ने तीनों को मुखाग्नि दी। मौत की खबर सुनते ही आसपास के गांव पेदा, कच्छपुरा, जमालपुर पठानी आदि में शोक की लहर दौड़ गई। संवेदना व्यक्त करने वालों का संजीव के घर पर तांता लगा रहा।
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शव यात्रा में शामिल नहीं हुआ कोई जनप्रतिनिधि
संजीव और उसके परिजनों को यही टीस है कि संजीव की पत्नी और दो पुत्रों की एक साथ हुई मौत से उसका सब कुछ लुट गया। इसके बावजूद सरकार के किसी नुमाइंदे अथवा किसी जनप्रतिनिधि ने नया गांव पहुंचकर संवेदना व्यक्त करना तक गंवारा नहीं किया।
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