{"_id":"5a32c48d4f1c1bc1678c197f","slug":"11513276557-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडी समिति भवन के लिए जमीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडी समिति भवन के लिए जमीन
Updated Fri, 15 Dec 2017 12:05 AM IST
विज्ञापन
मंडी समिति निर्माण के लिए जमीन की तलाश
बिजनौर। सूबे में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के साथ ही मंडी समिति भवन निर्माण बनने की कवायद शुरू हो गई। इसके लिए जमीन चिह्नित की जाने लगी है। शासन ने इन तीनों जमीनों के संबंध में रिपोर्ट विभाग से तलब की है। शासन से हरी झंडी मिलते के साथ ही मंडी समिति का निर्माण शुरू हो जाएगा।
जिला मुख्यालय पर मंडी समिति भवन निर्माण लंबित है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिलचस्पी नहीं लेने के कारण जमीन चिह्नित नहीं हो सकी थी। प्रशासन किसानों से सर्किल रेट पर ही जमीन खरीद रहा था। बाद में जमीन खरीदने के नियम में संशोधन हुआ और अब किसानों को सर्किल रेट का चार गुना ज्यादा मूल्य तक मिल सकता है। इसके बाद विभाग ने जमीन चिह्नित की, लेकिन तब शासन, किसानों के बीच जमीन का मूल्य तय न होने पर बात नहीं बनी और मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। सूबे में भाजपा सरकार आने के साथ ही मंडी समिति भवन निर्माण के लिए फिर से जमीन चिह्नित करने का काम नए सिरे से शुरू किया गया है।
अधिकारियों को जल्द ही जिला मुख्यालय पर मंडी समिति भवन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कछपुरा, जलालपुर रोड, बैराज रोड पर जमीन देखकर इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जिस जमीन को खरीदने के लिए हरी झंडी मिलेगी, उसके मूल्य किसानों से तय करने के बाद जमीन खरीदी जाएगी। मंडी समिति भवन में सब्जी, फल, अनाज की आढ़त लगती है। वर्तमान में आढ़त बिजनौर में अनाज व फल मंडी में लगती है। व्यापारी, आढ़ती भी आए दिन एक-दूसरे के सामने आते रहते हैं। आढ़त स्थल न होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी समिति सचिव नीतीश मलिक के अनुसार भवन निर्माण के लिए चयनित जमीन की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। सूबे में योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के साथ ही मंडी समिति भवन निर्माण बनने की कवायद शुरू हो गई। इसके लिए जमीन चिह्नित की जाने लगी है। शासन ने इन तीनों जमीनों के संबंध में रिपोर्ट विभाग से तलब की है। शासन से हरी झंडी मिलते के साथ ही मंडी समिति का निर्माण शुरू हो जाएगा।
जिला मुख्यालय पर मंडी समिति भवन निर्माण लंबित है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दिलचस्पी नहीं लेने के कारण जमीन चिह्नित नहीं हो सकी थी। प्रशासन किसानों से सर्किल रेट पर ही जमीन खरीद रहा था। बाद में जमीन खरीदने के नियम में संशोधन हुआ और अब किसानों को सर्किल रेट का चार गुना ज्यादा मूल्य तक मिल सकता है। इसके बाद विभाग ने जमीन चिह्नित की, लेकिन तब शासन, किसानों के बीच जमीन का मूल्य तय न होने पर बात नहीं बनी और मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। सूबे में भाजपा सरकार आने के साथ ही मंडी समिति भवन निर्माण के लिए फिर से जमीन चिह्नित करने का काम नए सिरे से शुरू किया गया है।
विज्ञापन
अधिकारियों को जल्द ही जिला मुख्यालय पर मंडी समिति भवन निर्माण के लिए जमीन चिह्नित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कछपुरा, जलालपुर रोड, बैराज रोड पर जमीन देखकर इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। जिस जमीन को खरीदने के लिए हरी झंडी मिलेगी, उसके मूल्य किसानों से तय करने के बाद जमीन खरीदी जाएगी। मंडी समिति भवन में सब्जी, फल, अनाज की आढ़त लगती है। वर्तमान में आढ़त बिजनौर में अनाज व फल मंडी में लगती है। व्यापारी, आढ़ती भी आए दिन एक-दूसरे के सामने आते रहते हैं। आढ़त स्थल न होने से सरकार को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है। मंडी समिति सचिव नीतीश मलिक के अनुसार भवन निर्माण के लिए चयनित जमीन की जांच की जा रही है।
विज्ञापन