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भाकियू ने समस्याओं का समाधान न होने पर एसडीएम को घेरा
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:26 AM IST
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भाकियू ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
धामपुर। भाकियू ने समस्याओं का समाधान न होने पर एसडीएम का ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि आश्वासन के 20 दिन बाद भी प्रशासन ने समस्याओं का समाधान नहीं कराया। केहरीपुर चौकी पर चल रहे किसानों के आंदोलन के चौथे दिन भी किसी अधिकारी ने उनकी समस्याओं का संज्ञान नहीं लिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं कराया तो उग्र आंदोलन होगा।
बृहस्पतिवार को किसानों ने जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की छवि को धूमिल करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ पर्चे बांटने के मामले में जांच शुरू नहीं की है। प्रशासन ने केहरीपुर वन चौकी पर चल रहे आंदोलन में किसानों की समस्याओं को नहीं सुना है। तहसील में किसानों के आंदोलन के 20 दिन बीतने के बाद भी अफजलगढ़ समिति के बंद सट्टों को चालू नहीं किया गया, मीरापुर और मलौनी में हाथी की मौत में निर्दोष किसानों के खिलाफ कार्रवाई बंद नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन ने अफजलगढ़ में किसानों की जमीन पर मालिकाना हक की शासन को भेजी रिपोर्ट की प्रतिलिपि किसानों को उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची में घटाए गए समय को पिछले वर्षों की भांति किया जाए।
केरीपुर वन चौकी पर किसानों का आंदोलन जारी
रेहड़। केहरीपुर वन चौकी पर वन विभाग के विरुद्ध भाकियू का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी न होने पर धरना अनवरत चलाने का एलान किया। बड़ी संख्या में आंदोलनकारी किसान धामपुर एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचें। भाकियू के ब्लॉक उपाध्यक्ष राणा सिंह का आरोप है कि 28 अगस्त को मीरापुर मलौनी मार्ग पर मिले नर हाथी के शव के मामले में वन विभाग के निर्दोष किसानों को फंसा दिया। जबकि मौत के बाद विभाग ने उच्चाधिकारियों को हाथी की मौत वजह पुरानी बीमारी के संक्रमण से होने की रिपोर्ट भेजी थी। फिर भी गरीब और निर्दोष किसानों को जांच में फंसा दिया। इसके अलावा किसानों ने धान खरीद केंद्रों पर खरीद न होने, गन्ने के बकाया भुगतान जैसी समस्या को दूर करने की मांग की है। किसानों ने चेताया जब तक उनकी मांगों का पूर्ण निदान नहीं हो जाता, धरना जारी रहेगा। इस दौरान सुखदेव सिंह, विरसा सिंह, राजेंद्र सिंह, लियाकत, नन्हे, लाला सिंह, वेद सिंह, भजनलाल, राणा सिंह आदि रहे।
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धामपुर। भाकियू ने समस्याओं का समाधान न होने पर एसडीएम का ज्ञापन सौंपा। आरोप है कि आश्वासन के 20 दिन बाद भी प्रशासन ने समस्याओं का समाधान नहीं कराया। केहरीपुर चौकी पर चल रहे किसानों के आंदोलन के चौथे दिन भी किसी अधिकारी ने उनकी समस्याओं का संज्ञान नहीं लिया। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही प्रशासन ने किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं कराया तो उग्र आंदोलन होगा।
बृहस्पतिवार को किसानों ने जिलाध्यक्ष दिगंबर सिंह की छवि को धूमिल करने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने जिलाध्यक्ष के खिलाफ पर्चे बांटने के मामले में जांच शुरू नहीं की है। प्रशासन ने केहरीपुर वन चौकी पर चल रहे आंदोलन में किसानों की समस्याओं को नहीं सुना है। तहसील में किसानों के आंदोलन के 20 दिन बीतने के बाद भी अफजलगढ़ समिति के बंद सट्टों को चालू नहीं किया गया, मीरापुर और मलौनी में हाथी की मौत में निर्दोष किसानों के खिलाफ कार्रवाई बंद नहीं हुई है। उन्होंने प्रशासन ने अफजलगढ़ में किसानों की जमीन पर मालिकाना हक की शासन को भेजी रिपोर्ट की प्रतिलिपि किसानों को उपलब्ध कराने की मांग की। कहा कि गन्ना आपूर्ति के लिए पर्ची में घटाए गए समय को पिछले वर्षों की भांति किया जाए।
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केरीपुर वन चौकी पर किसानों का आंदोलन जारी
रेहड़। केहरीपुर वन चौकी पर वन विभाग के विरुद्ध भाकियू का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने मांग पूरी न होने पर धरना अनवरत चलाने का एलान किया। बड़ी संख्या में आंदोलनकारी किसान धामपुर एसडीएम को ज्ञापन देने पहुंचें। भाकियू के ब्लॉक उपाध्यक्ष राणा सिंह का आरोप है कि 28 अगस्त को मीरापुर मलौनी मार्ग पर मिले नर हाथी के शव के मामले में वन विभाग के निर्दोष किसानों को फंसा दिया। जबकि मौत के बाद विभाग ने उच्चाधिकारियों को हाथी की मौत वजह पुरानी बीमारी के संक्रमण से होने की रिपोर्ट भेजी थी। फिर भी गरीब और निर्दोष किसानों को जांच में फंसा दिया। इसके अलावा किसानों ने धान खरीद केंद्रों पर खरीद न होने, गन्ने के बकाया भुगतान जैसी समस्या को दूर करने की मांग की है। किसानों ने चेताया जब तक उनकी मांगों का पूर्ण निदान नहीं हो जाता, धरना जारी रहेगा। इस दौरान सुखदेव सिंह, विरसा सिंह, राजेंद्र सिंह, लियाकत, नन्हे, लाला सिंह, वेद सिंह, भजनलाल, राणा सिंह आदि रहे।
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