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जिले में सेब की खेती के लिए शुरू होगा ट्रायल
Updated Sun, 30 Sep 2018 12:22 AM IST
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बिजनौर। जिले में सेब की खेती शुरू कराने के लिए पहल शुरू हो गई है। अन्ना प्रजाति के सेब की खेती करने के लिए तैयारी की जा रही है। ट्रायल के तौर पर जिले में सेब के 50 पौधे लगाए जाएंगे। ट्रायल में सफल होने पर किसानों को सेब की खेती कराई जाएगी।
सेब की खेती अब तक पहाड़ों पर ही होती आई है। कृषि वैज्ञानिकों ने सेब की कुछ उन्न प्रजातियां विकसित की हैं जो हल्के गर्म क्षेत्रों में भी पैदा हो सकती हैं। जिले में गन्ने की पैदावार अधिक होने पर किसान और चीनी मिल दोनों परेशान हैं। किसानों को दूसरी फसलों की ओर जागरूक करने के लिए किसानों को अब सेब की खेती से जोड़ा जाएगा। जिले में सेब की खेती के लिए इसकी अन्ना प्रजाति को सर्वश्रेष्ठ बताया जा रहा है। सेब की खेती के लिए जिले में पहले ट्रायल किया जाएगा। अन्ना प्रजाति के करीब 50 पौधे लगाए जाएंगे। अलग अलग हिस्सों में ये पौधे लगाए जाएंगे। सबसे अधिक पौधे नजीबाबाद तहसील में लगाए जाएंगे। नजीबाबाद उत्तराखंड से सटा हुआ है। वहां का वातावरण जिले के बाकी हिस्सों से थोड़ा ठंडा होता है और नजीबाबाद में बारिश भी अधिक होती है।
जलवायु मंडल को तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है। अधिक ठंडे क्षेत्र, गर्म क्षेत्र। जिस क्षेत्र में सर्दी और गर्मी दोनों का थोड़ा थोड़ा उसे समशीतोष्ण जलवायु मंडल वाला क्षेत्र कहते हैं। बिजनौर का जलवायु मंडल समशीतोष्ण है। इस तरह का वायुमंडल खेती के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। जिला उद्यान अधिकारी नरपाल सिंह मलिक के अनुसार अन्ना प्रजाति का सेब लगवाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क किया गया है। जल्दी ही कुछ जगहों पर सेब के पौधे लगाए जाएंगे। यह प्रयोग सफल हो गया तो फिर जिले में बड़े स्तर पर सेब की खेती कराई जाएगी।
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सेब की खेती अब तक पहाड़ों पर ही होती आई है। कृषि वैज्ञानिकों ने सेब की कुछ उन्न प्रजातियां विकसित की हैं जो हल्के गर्म क्षेत्रों में भी पैदा हो सकती हैं। जिले में गन्ने की पैदावार अधिक होने पर किसान और चीनी मिल दोनों परेशान हैं। किसानों को दूसरी फसलों की ओर जागरूक करने के लिए किसानों को अब सेब की खेती से जोड़ा जाएगा। जिले में सेब की खेती के लिए इसकी अन्ना प्रजाति को सर्वश्रेष्ठ बताया जा रहा है। सेब की खेती के लिए जिले में पहले ट्रायल किया जाएगा। अन्ना प्रजाति के करीब 50 पौधे लगाए जाएंगे। अलग अलग हिस्सों में ये पौधे लगाए जाएंगे। सबसे अधिक पौधे नजीबाबाद तहसील में लगाए जाएंगे। नजीबाबाद उत्तराखंड से सटा हुआ है। वहां का वातावरण जिले के बाकी हिस्सों से थोड़ा ठंडा होता है और नजीबाबाद में बारिश भी अधिक होती है।
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जलवायु मंडल को तीन भागों में वर्गीकृत किया जाता है। अधिक ठंडे क्षेत्र, गर्म क्षेत्र। जिस क्षेत्र में सर्दी और गर्मी दोनों का थोड़ा थोड़ा उसे समशीतोष्ण जलवायु मंडल वाला क्षेत्र कहते हैं। बिजनौर का जलवायु मंडल समशीतोष्ण है। इस तरह का वायुमंडल खेती के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। जिला उद्यान अधिकारी नरपाल सिंह मलिक के अनुसार अन्ना प्रजाति का सेब लगवाने के लिए कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क किया गया है। जल्दी ही कुछ जगहों पर सेब के पौधे लगाए जाएंगे। यह प्रयोग सफल हो गया तो फिर जिले में बड़े स्तर पर सेब की खेती कराई जाएगी।
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