{"_id":"5b84495042c792465f7cf655","slug":"101535396176-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ईकड़ा नदी में आई बाढ़ का पानी धामपुर की सुंदरकालोनी में घुसा, लोगों में बढ़ी बैचेनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ईकड़ा नदी में आई बाढ़ का पानी धामपुर की सुंदरकालोनी में घुसा, लोगों में बढ़ी बैचेनी
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर(बिजनौर)। पहाड़ों पर हो रही भारी बारिश के कारण रविवार रात धामपुर के बीच से गुजर रही इकड़ा नदी में आए उफान के कारण गांव पुराना धामपुर और नगर की कई कालोनियों में पानी घुसने से लोगों में बाढ़ को लेकर बेचैनी बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि उनके द्वारा वर्षाकाल शुरू होने से नाले का स्वरूप ले चुकी ईकड़ा नदी को राजस्व विभाग के अभिलेखों के अनुसार पूर्व के स्वरूप में लाने की मांग की गई, पर एसडीएम ने उनकी नहीं सुनी। बताया गया कि प्रशासन की मिलीभगत से अधिकांश लोगों ने इकड़ा नदी की जमीन पर अवैध तौर पर कब्जा कर नदी को नाले का रूप दे दिया है, जिससे नदी का पानी उफान पर होने से लोगों के घरों में घुस रहा है। लोगों ने अधिकारियों पर उपेक्षा बरतने का आरोप लगाते हुए समस्या का निदान कराने की मांग की है।
गांव पुराना धामपुर, सुंदरनगर कालोनी, टीचर्स कालोनी, इंदिरानगर कालोनी के लोगों में इकड़ा नदी में रविवार देर रात से अचानक आए पानी के उफान से बेचैनी बढ़ी है। लोगों ने घर के सामान को ऊपरी मंजिल में रखकर स्वयं सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। क्षेत्र के शंकर सिंह, हीरा सिंह, अमीचंद सिंह, करन सिंह, एसके देवरा, रूपराज सिंह, गौरव कुमार, कन्हैया सिंह का आरोप है कि उनके द्वारा कई बार एसडीएम से इकड़ा नदी की सफाई कराने की मांग की, पर किसी ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार को भी लोगों ने नदी का पानी घरों के बाहर जमा होने पर शोर मचाया। अवगत कराने के बाद भी अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली से असंतोष है। आरोप है कि बारिश के चलते उनकी बस्ती में नदी का पानी आकर भरा है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। अधिकारियों को जब पता था कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप चौड़ा है, तो उन्होंने संज्ञान में होने के बाद भी नदी की जमीन पर लोगों को अवैध तौर पर कब्जा कैसे होने दिया। अधिकारियों को अवैध तौर पर जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं किया गया। जिसके कारण आम लोगों को पानी बस्ती में आने पर परेशानी उठाने को विवश होना पड़ रहा है। कालोनी के लोगों का कहना है कि कालोनी के कई घर तो ऐसे हैं जो पानी से घिरे हैं। चिंता सता रही है कि यदि और अधिक बारिश हो गई तो उनके मकानों को पानी के तेज प्रवाह से खतरा हो सकता है। एसडीएम आलोक कुमार यादव का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं लाया गया है। तहसीलदार भान सिंह का कहना है कि इकड़ा नदी का पानी कालोनी के आंशिक भाग में घुसा है, लेकिन पानी के घुसने से किसी को कोई नुकसान नहीं है।
विज्ञापन
गांव पुराना धामपुर, सुंदरनगर कालोनी, टीचर्स कालोनी, इंदिरानगर कालोनी के लोगों में इकड़ा नदी में रविवार देर रात से अचानक आए पानी के उफान से बेचैनी बढ़ी है। लोगों ने घर के सामान को ऊपरी मंजिल में रखकर स्वयं सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने लगे हैं। क्षेत्र के शंकर सिंह, हीरा सिंह, अमीचंद सिंह, करन सिंह, एसके देवरा, रूपराज सिंह, गौरव कुमार, कन्हैया सिंह का आरोप है कि उनके द्वारा कई बार एसडीएम से इकड़ा नदी की सफाई कराने की मांग की, पर किसी ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार को भी लोगों ने नदी का पानी घरों के बाहर जमा होने पर शोर मचाया। अवगत कराने के बाद भी अधिकारियों ने सुनवाई नहीं की। लोगों में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली से असंतोष है। आरोप है कि बारिश के चलते उनकी बस्ती में नदी का पानी आकर भरा है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी ही जिम्मेदार हैं। अधिकारियों को जब पता था कि नदी का प्राकृतिक स्वरूप चौड़ा है, तो उन्होंने संज्ञान में होने के बाद भी नदी की जमीन पर लोगों को अवैध तौर पर कब्जा कैसे होने दिया। अधिकारियों को अवैध तौर पर जमीन पर कब्जा कर मकान बनाने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, पर ऐसा नहीं किया गया। जिसके कारण आम लोगों को पानी बस्ती में आने पर परेशानी उठाने को विवश होना पड़ रहा है। कालोनी के लोगों का कहना है कि कालोनी के कई घर तो ऐसे हैं जो पानी से घिरे हैं। चिंता सता रही है कि यदि और अधिक बारिश हो गई तो उनके मकानों को पानी के तेज प्रवाह से खतरा हो सकता है। एसडीएम आलोक कुमार यादव का कहना है कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं लाया गया है। तहसीलदार भान सिंह का कहना है कि इकड़ा नदी का पानी कालोनी के आंशिक भाग में घुसा है, लेकिन पानी के घुसने से किसी को कोई नुकसान नहीं है।
विज्ञापन