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जिपं के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वालों को लग सकता है करारा झटका
Updated Sun, 17 Dec 2017 11:54 PM IST
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बिजनौर। जिला पंचायत की कुर्सी पर बैठने का सपना देखने वालों को करारा झटका लग सकता है। जिला पंचायत को ग्राम विकास विभाग में मिलाने की कवायद चल रही है। ये ही वजह है कि जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए दिसंबर में चुनाव नहीं कराया गया है। जिला पंचायत दूसरे विभाग में मर्ज हुआ तो अध्यक्ष पद कि लिए चुनाव नहीं होगा। ऐसे में चुनाव की तैयारी में जुटे नेताओं को झटका लगना लाजिमी है।
जिला पंचायत के अध्यक्ष उदयनवीरा के खिलाफ विरोधी खेमा अविश्वास प्रस्ताव ला रहा था। अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई से पहले ही उदयनवीरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद नए सिरे से जिला पंचायत का चुनाव होने की बता कही जा रहा थी। दिसंबर में जिला पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, पर चुनाव के लिए अभी तक कोई तिथि घोषित नहीं की गई है। चुनाव की तिथि घोषित न करने के पीछे एक खास वजह यह बताई जा रही है कि जिला पंचायत को शासन स्तर से ग्राम विकास विभाग में मर्ज करने की तैयारी चल रही है। पिछले दिनों लखनऊ में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी की समीक्षा बैठक में इस बात के संकेत भी दिए। जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए उदयनवीरा ने फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने का खेल भी उन्होंने शुरू कर दिया है। विरोधी खेमे की ओर से साकेंद्र चौधरी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वह भी जिला पंचायत सदस्यों पर डोरे डालने में लगे हैं। कई और सदस्य भी चुनाव के लिए ताल ठोंक सकते हैं। जिला पंचायत को ग्राम विकास विभाग में मर्ज होने पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने वाले नेताओं को करारा झटका लग सकता है। अफसर चुनाव के लिए जनवरी का और इंतजार कर रहे हैं। अफसर मान रहे हैं कि अगर जिला पंचायत को ग्राम विकास विभाग में शासन स्तर से मर्ज नहीं किया गया तो जनवरी में हर हाल में चुनाव हो जाएंगे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा के मुताबिक जिला पंचायत के अध्यक्ष के चुनाव की कोई तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। तिथि क्यों घोषित नहीं हुई उन्हें नहीं मालूम।
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जिला पंचायत के अध्यक्ष उदयनवीरा के खिलाफ विरोधी खेमा अविश्वास प्रस्ताव ला रहा था। अविश्वास प्रस्ताव की कार्रवाई से पहले ही उदयनवीरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद नए सिरे से जिला पंचायत का चुनाव होने की बता कही जा रहा थी। दिसंबर में जिला पंचायत के अध्यक्ष पद का चुनाव होना था, पर चुनाव के लिए अभी तक कोई तिथि घोषित नहीं की गई है। चुनाव की तिथि घोषित न करने के पीछे एक खास वजह यह बताई जा रही है कि जिला पंचायत को शासन स्तर से ग्राम विकास विभाग में मर्ज करने की तैयारी चल रही है। पिछले दिनों लखनऊ में पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी की समीक्षा बैठक में इस बात के संकेत भी दिए। जिला पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए उदयनवीरा ने फिर से चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला पंचायत सदस्यों को अपने पाले में लाने का खेल भी उन्होंने शुरू कर दिया है। विरोधी खेमे की ओर से साकेंद्र चौधरी चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। वह भी जिला पंचायत सदस्यों पर डोरे डालने में लगे हैं। कई और सदस्य भी चुनाव के लिए ताल ठोंक सकते हैं। जिला पंचायत को ग्राम विकास विभाग में मर्ज होने पर चुनाव लड़ने की तैयारी करने वाले नेताओं को करारा झटका लग सकता है। अफसर चुनाव के लिए जनवरी का और इंतजार कर रहे हैं। अफसर मान रहे हैं कि अगर जिला पंचायत को ग्राम विकास विभाग में शासन स्तर से मर्ज नहीं किया गया तो जनवरी में हर हाल में चुनाव हो जाएंगे। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी श्याम बहादुर शर्मा के मुताबिक जिला पंचायत के अध्यक्ष के चुनाव की कोई तिथि अभी घोषित नहीं हुई है। तिथि क्यों घोषित नहीं हुई उन्हें नहीं मालूम।
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